संवादसूत्र, हनुमतनगर (फैजाबाद) : शौचालय नहीं तो प्रवेश भी नहीं। यह नारा दिया तारुन ब्लॉक के गौर डिहवा के लोगों ने। परिषदीय विद्यालयों में आगामी एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू होना है, लेकिन शौचालय की समस्या अब छात्र-छात्रओं के नामांकन में भी बड़ा मुद्दा बनने जा रही है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा डिहवा में शौचालय का कार्य अधूरा है और अब अभिभावकों ने साफ कर दिया है कि यदि शौचालय का निर्माण नहीं कराया जाता तो पाल्यों का प्रवेश भी विद्यालय में नहीं कराया जाएगा, जबकि मौजूदा समय में भी विद्यालय में महज 58 छात्र-छात्रएं ही पंजीकृत हैं। आपको बता दें कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा डिहवा विद्यालय का निर्माण 2010-11 में शुरू हुआ था, लेकिन पूरा आज तक नहीं हो सका है। नाममात्र के शौचालय में न तो छत पड़ी है और न ही पानी व अन्य संसाधनों की सुविधा उपलब्ध है। इसी वजह से तत्कालीन निर्माण प्रभारी व ग्राम प्रधान के खिलाफ रिकवरी का आदेश भी जारी किया गया था। प्रबंध समिति में अभिभावकों ने जताई नाराजगी : इसको लेकर बीती पांच मार्च को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक हुई थी। इसमें अभिभावकों ने साफ तौर पर कह दिया कि यदि शौचालय का निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो वे पाल्यों का पंजीकरण नहीं कराएंगे। साथ ही पढ़ रहे बच्चों को भी विद्यालय से हटा लेंगे। प्रबंध समिति के सदस्य गुरु प्रसाद, क्षेत्र पंचायत सदस्य रघुनाथ मौर्य, धर्मराज, गीता, अमरजीत, शीला, किरन, मोहनलाल, रामगरीब व अनीता आदि ने इस मुद्दे पर कड़ा रवैया अपना लिया है।बीएसए बोले, जल्द होगा निर्माण बीएसए प्रदीप कुमार द्विवेदी का कहना है कि विद्यालय में भूमि विवाद होने की वजह से शौचालय का निर्माण कार्य रुका हुआ है। बीएसए के मुताबिक अन्य विद्यालयों में भी शौचालयों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर की जा रही है
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