मध्यान्ह भोजन योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। कभी एमडीएम के मेन्यू का पालन नहीं होता तो कभी कुछ और दिक्कत। जगत विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय इस्लामगंज की रसोइयों का एक वर्ष से परेशान किया जा रहा है। उन्हें एक वर्ष से मानदेय नहीं दिया गया। कई बार जिम्मेदारों से बात की, लेकिन निष्कर्ष शून्य है। अन्य लोगों से आस लगाए विद्यालय की तीन रसोइयों ने बुधवार को घंटे भर तक बीएसए कार्यालय के बाहर अपनी बात सुने जाने का इंतजार किया। उन्होंने बताया कि प्रधान मानदेय के चेक पर साइन नहीं कर रहे हैं। नए रसोइयों का चयन होने पर भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है। वहीं मध्यान्ह भोजन योजना की जिला समन्वयक हिना खान का कहना है कि एक वर्ष से मानदेय न दिए जाने की बात झूठ है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का चार्ज संभालने वाली शिक्षिका सीमा यादव से बात कही गई तो उन्होंने नए प्रधान के चेक पर साइन न करने की बात कही है। फिलहाल कारण जो भी हो विद्यालय में खाना बनाकर अपने परिवार का जीवन यापन करने वाली रसोइयों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।मानदेय की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय के बाहर जिम्मेदारों का इंतजार करतीं रसोइया।
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