प्राथमिक स्कूल में बरातियों द्वारा बिखेरे गए मीट के टुकड़े और हड्डियां देख छात्र-छात्रएं बिफर उठे। उन्होंने एमडीएम खाने तो रसोइयों ने खाना बनाने से इंकार कर दिया। इतना ही नहीं स्कूल के कक्ष में नशे में धुत युवक पड़ा हुआ था। शिक्षिकाओं द्वारा इसकी सूचना अधिकारियों देकर स्कूल के अन्य कमरों में बच्चों को बैठाकर शिक्षण कार्य किया। स्कूल संचालन तक बर्तन व गंदगी परिसर में फैली हुई थी। महोली गांव निवासी मोहन बाल्मीकि के यहां बुधवार को लड़की की बरात आई हुई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक मोहन ने प्राथमिक विद्यालय द्वितीय परिसर में बरात ठहराई थी। रात में बरातियों की खातिरदारी के दौरान मांस व शराब भी परोसी गई थी। गुरुवार सुबह जब बच्चे जब स्कूल पहुंचे तो वहां खाने के बर्तन, मांस के टुकड़े और हड्डियां आदि पड़ा देख बच्चे वहां से जाने लगे, तो शिक्षिकाओं ने छात्रों को रोका। प्राथमिक विद्यालय प्रथम व द्वितीय की रसोइयां सरोजनी, लज्जावती, गुड्डी, अनीता व सुशीला ने गंदगी से पटे रसोईघर में खाना बनाने से मना कर दिया। बच्चों ने भी खाना खाने से मना कर दिया। कई बच्चे अपने घर वापस चले गए। शिक्षिकाओं ने बच्चों को दूसरे कक्ष में बैठाकर शिक्षण कार्य शुरू किया और इसकी सूचना बीएसए को दी। स्कूल की प्रधानाचार्या शशिबाला मिश्र ने बताया कि वह अवकाश पर हैं, उन्होंने स्कूल में बरात ठहराने की अनुमति नहीं दी थी। अतिरिक्त कक्ष की कुंडी खराब है जिस कारण उसे खोलकर उसमें बरात रुकवा दी गई होगी। सभासद मिलन मिश्र ने बताया कि उन्होंने भी इसकी अनुमति नहीं दी थी।

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