बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में अनुशासन तथा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाए जाने के बाबत शासन ने निगाहें सख्त हुईं। शासन ने इसके लिए निरीक्षण की प्रक्रिया को बेहद प्रभावी किए जाने के लिए खास कदम उठाया है। लिहाजा अधिकारियों के नियमित निरीक्षण पर शासन स्तर से निगरानी शुरू की गई है। ऐसे में परिषदीय स्कूलों की कारगुजारी ऑनलाइन नजर आएगी।परिषदीय विद्यालयों में गिरते शिक्षा के स्तर तथा शिक्षकों की मनमानी की गूंज अब शासन तक पहुंच गए गई। इसमें अफसरों की लापरवाही और उदासीनता को भी शासन ने काफी हद तक जिम्मेदार माना है। लिहाजा अफसरों की ओर से नियमित किए जाने वाले निरीक्षण पर भी शासन से सीधी नजर डाली जा रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से लेकर खंड शिक्षा अधिकारी तक विद्यालयों के निरीक्षण को लेकर शिथिलता बरती जा रही है। ऐसे में छात्रों की संख्या में प्रतिवर्ष हो रही गिरावट के साथ ही शिक्षकों की मनामनी पर भी लगाम नहीं कसी जा सकी है। शासन ने परिषदीय विद्यालयों के रोजाना के निरीक्षण को ऑन लाइन किए जाने का निर्देश दिया है। इसके जरिए अब प्रत्येक विद्यालय की संपूर्ण जानकारी के साथ ही गतिविधि पर भी शासन की निगाह होगी। छात्रों के पंजीयन और उपस्थिति के साथ ही अनुपातिक तौर पर शिक्षकों की तैनाती का भी अनुपालन दिखने लगेगा। एमडीएम संचालन के अलावा पुस्तकों और नई पोशाक के वितरण की वस्तविकता समाने होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि नियमित तौर पर आख्या उपलब्ध नहीं होने की दशा में अफसरों की लापरवाही पकड़ते हुए माना जाएगा कि निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। सबसे अहम बात है कि बीएसए समेत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अलग-अलग निरीक्षण आख्या ऑनलाइन करनी होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जेएन सिंह ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार जिले में निरीक्षण आख्या को ऑनलाइन कराया जा रहा है।
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