अलीगढ़ : इसे बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही कहें या बच्चों की बदकिस्मती। पहले तो स्कूलों में बच्चों को किताबें ही नहीं मिलीं। उन्होंने किसी तरह पढ़ाई कर तैयारी की तो परीक्षा नहीं दे सके। ऐसा हुआ शहर की प्राथमिक पाठशाला नंबर 12 में। 1यहां एक शिक्षक की तैनाती है। सोमवार से स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हुईं। बच्चे परीक्षा देने पहुंच गए, शिक्षक नहीं पहुंचे। स्कूल में तैनात एकमात्र शिक्षक के बारे में जानकारी मिली कि वो चिकनगुनिया की चपेट में आ गए हैं और करीब 100 बच्चों की हंिदूी की परीक्षा छूट गई। अब बाद में परीक्षा कराई जाएगी। निरीक्षण करते बीएसए स्कूल पहुंचे तो कक्षा में बिना पेपर-कॉपी के बच्चे बैठे मिले। बेसिक शिक्षा के स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों की सोमवार से अर्धवार्षिक परीक्षा शुरू हो गई हैं। 2500 स्कूलों के 2.47 लाख बच्चे परीक्षा दे रहे हैं। 1मिलीं खामियां1बीएसए ने परीक्षा के पहले दिन कई स्कूलों में निरीक्षण किया। बच्चों की कॉपियां देखीं। उनकी लिखावट काफी कमजोर थी। बीएसए ने बताया कि डायट से पेपर तैयार हुए हैं। पेपर बच्चों को कठिन लग रहा था, क्योंकि उन्हें पढ़ने के लिए किताबें नहीं मिल पाई हैं। कुछ शिक्षकों की शिकायत थी कि स्कूल में कम पेपर आए हैं। इसे दिखवाएंगे।बच्चों की परीक्षा छूटना दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षक अगर बीमार होता है तो चार्ज अन्य को सौंपा जाता है। सूचना दी जाती है, जो नहीं किया गया। शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। धीरेंद्र कुमार यादव बीएसए

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