डीआईओएस कार्यालयों में वेतन निकासी और भुगतान की खंगाली जाएगी कुंडली, जानिए क्यों?
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को दिए निर्देश
पीलीभीत में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से काम कराने का मामला सामने आने के बाद लिया निर्णय
लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भगवान भरोसे हैं। इसकी बानगी हाल ही में पीलीभीत में देखने को मिली। जहां डीआईओएस कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से वेतन निकासी और भुगतान का काम लिया जा रहा था। अब पैसे में गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में हड़कंप मचा हुआ है। निदेशालय ने इस मामले को देखते हुए पूरे प्रदेश में डीआईओएस कार्यालयों की कुंडली खंगालने का निर्णय लिया है।
पीलीभीत में डीआईओएस कार्यालय के आहरण व वितरण अधिकारी कंप्यूटर के कार्य के साथ ही वेतन संबंधी बिलों का टोकन जारी करने का संवेदनशील काम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से करा रहे थे। जिला प्रशासन की जांच में पता चला कि कर्मचारी ने दूसरे के खातों में पैसे भेज दिए। मामला सही मिला तो कार्रवाई भी की गई है।
इस घटना के बाद शासन के निर्देश पर अब माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी डीआईओएस कार्यालयों में वेतन निकासी-भुगतान से जुड़े मामले व अन्य बिलों के भुगतान की कुंडली खंगालने का निर्णय लिया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को इसके लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी एडी अपने जिले व मंडल के कार्यालयों में वेतन निकासी-भुगतान संबंधी कार्यों की गहनता से जांच करें। डीआईओएस कार्यालयों में यदि कोई अनियमितता मिलती है तो दोषी कर्मचारी व अधिकारी का नाम सहित उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव निदेशालय को उपलब्ध कराएं। वहीं, दूसरी तरफ शासन स्तर से भी इस मामले की मॉनीटरिंग की जा रही है। शासन ने भी निदेशालय को इसके लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
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