यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाओं में परीक्षा से पहले कोर्स पूरा हो, शिक्षक इसके प्रति संजीदगी बरतें, इसके लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था की है। इसमें विभिन्न निर्देशों और उनके अनुपालन के बीच यह महत्वपूर्ण होगा कि आकस्मिक निरीक्षण पर जाने वाली टीमें छात्र छात्रओं से भी पूछताछ करेंगी कि कोर्स की क्या स्थिति है। यानि बोर्ड परीक्षा से पहले बच्चे भी गुरू जी को पास और फेल करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के डीआइओएस को भेजे गए पत्र में कहा है कि शिक्षक बच्चों को क्या पढ़ा रहे हैं, कोर्स कितना बाकी है, ऐसी जानकारियां उनकी शैक्षिक डायरी में दर्ज कराई जाएं। ऐसा होने पर अफसर निरीक्षण के दौरान यह जानकारी हासिल कर सकेंगे कि संबंधित विषय बच्चों को पढ़ाने के प्रति शिक्षकों ने संजीदगी बरती है या नहीं। जानकारों का कहना है कि विभिन्न जिलों से इस तरह की शिकायत मिली है कि शिक्षक कोर्स पूरा कराने के प्रति उदासीन हैं। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का कोर्स पूरा नहीं हो पाता। शैक्षिक कैलेंडर की अनदेखी की जाती है।
इन शिकायतों पर जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा गया है कि वह निरीक्षण के दौरान संबंधित विषय के शिक्षक की दैनिक डायरी अवश्य जांचे। जिसकी डायरी अपडेट नहीं हो, उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करें। साथ ही विद्यार्थियों से भी कोर्स से संबंधित पूछताछ करें, ताकि डायरी में दर्ज दावे और जमीनी हकीकत सामने आ सके।
इलाहाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार बताते हैं कि सभी प्रधानाचार्यो तथा सह जिला विद्यालय निरीक्षकों को शासन की मंशा से अवगत कर दिया गया है। कोर्स पूरा नहीं कराने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की जाएगी। उदासीन शिक्षकों को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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