राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान के निर्देश पर विद्यालय प्रबंध समितियों के पुनर्गठन तथा नवीन विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों के उन्मुखीकरण को लेकर शनिवार को बीएसए पन्ना राम गुप्त की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में बैठक हुई। इसमें शैक्षिक समस्याओं के कारण तथा निदान को भी समझने पर जोर दिया गया। बीएसए गुप्त ने कहा कि शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य बच्चों में मानवीय मूल्यों की स्थापना है। मानवीय मूल्य तभी स्थापित हो पाएगा, जब शिक्षक निस्वार्थ भाव से नियमित उपस्थित होकर बिना भेदभाव के बच्चों को शिक्षा दें। बच्चों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। शिक्षकों को विद्यालय के बच्चों को अपने बच्चों की तरह शिक्षा देनी चाहिए। जिला समन्वयक सामुदायिक सहायक रामचंद्र यादव ने कहा कि शिक्षकों को हर समस्याओं के कारण तथा निदान को भी समझना होगा। शिक्षा में गुणवत्ता सुधार समय की मांग है। इसे कायम रख ही हम अन्य विद्यालयों से अपने को श्रेष्ठ साबित कर पाएंगें। यादव ने विद्यालय प्रबंध समितियों के उन्मुखीकरण के संबंध में विस्तार से चर्चा कर इससे जुड़े अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला और विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, प्रबंध समिति की बैठक हर माह करने, नियमित छात्रों को पुरस्कृत करने तथा अभिभावकों की बैठक कर उन्हें प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। अभिभावकों को विद्यालय से जोड़ने पर भी जोर दिया। बैठक को बीईओ महेंद्र प्रसाद, एसएन प्रजापति, एसएन त्रिपाठी आदि ने भी संबोधित करते हुए आरटीई एक्ट पर चर्चा कर सामुदायिक संपर्क बढ़ाने तथा अभिभावकों को जागरुक करने पर जोर दिया। इस अवसर पर बीईओ अजय तिवारी, शेष बहादुर सरोज, धीरेंद्र त्रिपाठी, सत्यजीत द्विवेदी, नील कमल दूबे, सच्चिदानंद पांडेय, नवीन पांडेय, मनोरमा त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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