अंतरजनपदीय तबादले के तहत गैर जनपद से स्थानांतरित होकर कुशीनगर आए शिक्षकों ने पदस्थापना के लिए मंगलवार को आयोजित काउंसिलिंग का बहिष्कार कर डीएम आवास पर धरना दिया। शिक्षकों ने विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि काउंसिलिंग में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही। अपरान्ह दो बजे से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित काउंसिलिंग में उपस्थित शिक्षक विभाग द्वारा दिए गए स्कूल के एक विकल्प पर भड़क उठे और नारेबाजी करने लगे। शिक्षकों का आरोप था कि सचिव का स्पष्ट निर्देश है कि पदस्थापना के लिए होने वाली काउंसिलिंग में शामिल शिक्षकों के साथ नए शिक्षकों की तरह व्यवहार नहीं किया जाएगा। किंतु कुशीनगर में इसके विपरीत काउंसिलिंग कराई जा रही है। शिक्षकों ने कहा कि विकल्प के तौर पर बंद व एकल विद्यालय का ही उन्हें विकल्प दिया जा रहा, जबकि विकल्प के तौर पर यह बाध्यता नहीं होनी चाहिए। शिक्षकों ने बंद पड़े तथा एकल विद्यालय के मिल रहे विकल्प पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग में हुईं नियुक्तियों के बाद भी बंद व एकल विद्यालय की स्थिति क्यूं बनी हुई है। नारेबाजी उपरांत शिक्षक जिलाधिकारी कैंप कार्यालय पहुंच धरने पर बैठ गए। जहां लगभग दो घंटे बाद शिक्षकों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी शंभु कुमार ने बीएसए से वार्ता कर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दे धरने को समाप्त कराया। धरने में नीलम मिश्र, लक्ष्मी कुमारी, रेखा श्रीवास्तव, अर्चना सिंह, अरविंद सिंह आदि शामिल रहे।
पदस्थापना के लिए आयोजित काउंसिलिंग में भाग ले रहे शिक्षकों की बंद पड़े व एकल विद्यालय पर ही ज्वाइनिंग कराई जाएगी। शिक्षक खुद यह सोचें कि शैक्षिक उन्नयन हेतु उनकी तैनाती जरूरत वाले विद्यालयों पर है या फिर वहां जहां जरूरत के हिसाब से शिक्षक पहले से ही तैनात हैं -- बीएसए।
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