मानदेय की मांग को लेकर साक्षरता कर्मियों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया। आदर्श साक्षरता कर्मी वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कलेक्ट्रेट में साक्षरता कर्मियों ने दूसरे दिन शुक्रवार को भी विरोध प्रदर्शन किया। कर्मियों ने दिए गए मांग पत्र में बताया कि साक्षरता मिशन योजना के अंर्तगत देश में 15 वर्षों से ऊपर के निरक्षरों को सर्वे से चिह्न्ति कर उनको साक्षर करने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ-साथ पल्स पोलियो, बाल गणना, रैपिड सर्वे, समाजवादी पेंशन योजना, सर्वे हाउस होल्ड सर्वे ,निर्वाचन कार्य ,स्वच्छ भारत के संबंध में जानकारी आदि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों को भी संचालित कर रहे हैं। इसके बाद भी इन लोगों को कोई प्रशिक्षण व शिक्षण सामग्री नहीं दी जा रही है। कहा कि 2000 रुपये प्रतिमाह मिलने वाले मानदेय भी 20 महीने से नहीं दिया जा रहा है। जिससे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। मांग रखी कि प्रेरकों को नियमित कर केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा दिलाया जाए। प्रधान व प्रधानाध्यापक का हस्तक्षेप खत्म हो जिससे योजनाएं न प्रभावित हो। कौशल किशोर, ब्रजेश कुमार, रावेंद्र कुमार, रोहित कुमार, मनीष कुमार, जदुवीर, अभिषेक कुमार, अंकना सिंह, रंजना शुक्ला आदि मौजूद रहे
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