मन में जज्बा और लगन हो तो कोई भी लक्ष्य ऐसा नहीं जो हासिल न किया जा सके। इसे सच कर दिखाया । महज 11 वर्ष की उम्र में शिवम ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में टीम को लीड करने का गौरव प्राप्त किया है। यह कांग्रेस महाराष्ट्र के बारमती में 27 से 31 दिसंबर तक आयोजित होगी। इसके लिए वह अपनी टीम सहित मुंबई रवाना हुए हैं। मुंबई में वह राष्ट्रपति के समक्ष दिव्यांगता के कारण व शिक्षा पर दिव्यांगता का प्रभाव विषय पर अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रेमचंद यादव ने स्टेशन पहुंचकर टीम को प्रोत्साहित किया।
मां के देहांत से टूटा, नहीं मानी हार शिवम की मां का करीब एक महीना पहले देहांत हो गया। जिसने उसे वह अंदर तक टूट गया, लेकिन इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहा। मेहनत रंग लाई और इतिहास रच दिया। क्योंकि बदायूं के परिषदीय विद्यालय का कोई छात्र पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेगा।डॉ. मनोज के निर्देशन में मिला मौका राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए शिक्षक डॉ. मनोज कुमार वाष्ण्रेय के निर्देशन में शिवम साहू, अभिषेक कुमार, आसिफ व राहुल कुमार की टीम गठित हुई। जिन्हें उनकी ओर से एक विषय दिया गया। किसान रमेश साहू के बेटे शिवम साहू के साथ मिलकर टीम ने लघु शोध तैयार की। जिसे 13 से 15 नवंबर तक लखनऊ में हुई राज्य स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस में प्रस्तुत किया। जिसे काफी सराहा गया।
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