DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, December 26, 2016

देश की नस्लें खराब कर देंगे खराब शिक्षक, रक्षा मंत्री ने कहा, हमें अच्छे शिक्षक चाहिए

रक्षा मंत्री मनोहर र्पीकर ने कहा कि देश के खिलाफ जब भी किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में आवाज उठे तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को अपना दायित्व निभाना चाहिए। जिन्होंने देश में इमरजेंसी लगाई और जिनके पुरखों ने देश का गला दबा दिया, वे अब लोकतंत्र की बातें कर रहे हैं। हमें हमारी पीढ़ियां अच्छी रखनी होंगी। इसके लिए शिक्षा देने वाले अच्छे शिक्षक चाहिए। खराब शिक्षक आए तो वे देश की नस्लें खराब कर देंगे। देश के
छात्र राष्ट्रभक्ति में इस तरह घुल जाएं जैसे शकर-पानी।

र्पीकर ने शनिवार को एबीवीपी के 62वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में कहा कि ज्ञान डिग्री से नहीं आता, दुनिया ही सबसे बड़ी डिग्री है। मैं अब भी छात्र हूं और लगातार ज्ञान लेने की कोशिश करता हूं। उन्होंने कहा ईमानदारी नीतियों से नहीं, सिद्धांतों से आती है। नीतियां बदली जा सकती हैं, सिद्धांत नहीं।

सर्जिकल स्ट्राइक की रात नींद नहीं आई : रक्षा मंत्री ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक की रात उन्हें नींद नहीं आई। सारी रात यही डर सताता रहा कि कहीं-कुछ गलत हो गया तो देश को क्या जवाब देंगे? लेकिन हमारे देश की सेना ने बहुत अच्छा काम किया और देश का सम्मान बनाए रखा। सर्जिकल स्ट्राइक के समय मैंने तारीफ और आलोचना दोनों सुनी लेकिन अधिवेशन स्थल पर केवल सर्जिकल स्ट्राइक की तारीफ ने मेरा उत्साह बढ़ा दिया।
रक्षा मंत्री ने कहा, हमें अच्छे शिक्षक चाहिएए बीवीपी के 62वें राष्ट्रीय अधिवेशन में बोले र्पीकर

No comments:
Write comments