बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश के अनुसार अब ग्रामीण क्षेत्र के प्राइमरी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का तबादला अब शहरी क्षेत्र में भी किया जा सकेगा। इससे राजधानी के परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद बढ़ गयी है। ज्ञात हो अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के प्राइमरी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का तबादला शहरी क्षेत्र के विद्यालयों में किए जाने पर रोक लगी थी। इसके कारण एक ओर राजधानी के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में आवश्यता से अधिक शिक्षक हैं तथा नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। उधर नगर क्षेत्र में शिक्षक भर्ती पर गत बीस वर्षों से बिना किसी खास कारण के रोक लगी है। स्थिति यह है कि नगर क्षेत्र के 195 प्राथमिक विद्यालयों में स्वीकृत 924 पदों पर लगभग पांच सौ शिक्षक ही तैनात हैं। इसी प्रकार 57 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 177 पदों पर केवल 115 शिक्षक की ही तैनाती है। इन विद्यालयों में लगभग 15 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। स्थिति यह है कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों की तीन कक्षाओं पर औसतन तीन शिक्षक भी नहीं हैं। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालयों की पांच कक्षाओं पर औसतन तीन शिक्षक ही तैनात हैं। शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक परिषदीय विद्यालयों में अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहते हैं। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में शिक्षक तैनात हैं।
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