अधिकृत-सस्ती किताबों के लिए हर जिले में लगाएंगे पुस्तक मेला, सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिया निर्देश
15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से लगाएं शिविर
प्रयागराज। यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा नौ से 12 तक के एक करोड़ से अधिक छात्र-छात्राओं को अधिकृत और सस्ती किताबें उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में पुस्तक जागरुकता और सुलभता शिविर (पुस्तक मेला) लगेगा। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों, उप शिक्षा निदेशकों और संयुक्त शिक्षा निदेशकों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। सचिव ने अभिभावकों को जागरूक करने और छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आगरा एवं सहारनपुर मंडलों की तरह प्रत्येक जिले के राजकीय एवं सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पुस्तक मेला आयोजित कराने को कहा है।
अधिकृत मुद्रकों (पायनियर प्रिंटर्स आगरा, पीताम्बरा बुक्स झांसी एवं सिंघल एजेंसीज-लखनऊ) की सहभागिता से लगने वाले मेले के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी जिला स्तर के किसी शिक्षाधिकारी को देने और उसकी ग्रुप फोटो यूपी बोर्ड की वेबसाइट और व्हाट्सएप ग्रुप पर भी अनिवार्य रूप से भेजने को कहा है। एनसीईआरटी नई दिल्ली की 70 पाठ्यपुस्तकों एवं कक्षा नौ से 12 तक की हिन्दी, संस्कृत एवं उर्दू विषयों की चयनित 12 पाठ्यपुस्तकें छपवाई गई है।
स्कूलों में न चलने दें 149 से 361 प्रतिशत तक महंगी किताबेंः सचिव के अनुसार, पता चला है कि विद्यालयों में अनधिकृत पाठ्यपुस्तकें अनुचित रूप से प्रचलित की रही हैं। कुछ संस्थाओं और पुस्तक विक्रेताओं ने साठगांठ करके निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए अनधिकृत निजी प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकें/गाइड बुक जो यूपी बोर्ड की किताबों से 149 प्रतिशत से 361 प्रतिशत तक महंगी हैं। लिहाजा 15 अप्रैल तक अभियान चला कर स्कूलों का निरीक्षण करें ताकि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक बोझ न पड़े। अनधिकृत पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य करने वाले प्रधानाचार्य, प्रबंधक या शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाए। ध्यान दें इस साल छपी पाठ्यपुस्तकों की असली नकली पहचान के लिए कवर पेज पर सात अंकों का अल्ट्रा वॉयलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग में सीरियल नंबर मुद्रित है।
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्कूलों में अनधिकृत किताबों और गाइड के प्रचलन पर सख्त रुख अपनाया है। परिषद के ने निर्देश पर प्रदेश भर के स्कूलों में 515 अप्रैल तक विशेष चेकिंग न अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान न किताबों की उपलब्धता, गुणवत्ता और निर्धारित प्रकाशकों की पुस्तकों । की बिक्री की जांच की जाएगी।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई स्कूल संचालक या प्रधानाचार्य छात्रों को अनधिकृत पुस्तकें या गाइड खरीदने छात्रों को अनधिकृत पुस्तकें या गाइड खरीदने के लिए बाध्य किया तो होगी कार्रवाई के लिए बाध्य करता है तो उसके खिलाफ इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के विनियम-18 के तहत कड़ी कार्रवाई करें।
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 36 विषयों की एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों को प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्त पोषित विद्यालयों में लागू किया गया है। कक्षा नौ से 12 तक हिंदी, संस्कृत और उर्दू की चयनित 12 पुस्तकों को भी सस्ते दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
सचिव ने अभिभावकों को जागरूक करने और छात्रों को आसानी से पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए 15 अप्रैल तक सभी जिलों में पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर/पुस्तक मेला आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन मेलों में अधिकृत मुद्रकों पायनियर प्रिंटर्स (आगरा), पीतांबरा बुक्स (झांसी) और सिंघल एजेंसीज (लखनऊ) की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
नकली किताब बेचने वालों पर होगी कार्रवाई
परिषद ने स्पष्ट किया है कि पाठ्यपुस्तकों का कॉपीराइट उसके पास है। ऐसे में पायरेसी या डुप्लीकेसी कर नकली किताबें बेचने वाले अनधिकृत मुद्रकों और दुकानदारों के खिलाफ पुलिस, वाणिज्य कर, आयकर और प्रशासन के साथ समन्वय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एनसीईआरटी की कॉपीराइट शर्तों के उल्लंघन पर कॉपीराइट एक्ट के तहत भी कार्रवाई होगी।
ऐसे करें असली किताब की पहचान
इस वर्ष पाठ्य पुस्तकों के आवरण पर सात अंकों का अल्ट्रा वॉयलेट फ्लोरोसेंट लाल रंग का सीरियल नंबर मुद्रित किया गया है। जिन पुस्तकों पर यह नंबर नहीं होगा, उन्हें अनधिकृत माना जाएगा।
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