परिषदीय विद्यालयों का समय बदलने की जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की मांग, माध्यमिक विद्यालयों की तुलना में अधिक शिक्षण अवधि पर जताई चिंता
लखनऊ/हरदोई, 7 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग को लेकर शासन को ज्ञापन सौंपा है। संघ का कहना है कि बढ़ती गर्मी के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, ऐसे में विद्यालयों का समय तत्काल परिवर्तित किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में परिषदीय विद्यालयों का समय प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, जबकि माध्यमिक विद्यालयों का समय सुबह 7:50 से 12:50 तक है। इस असमानता के कारण छोटे बच्चों को अधिक गर्मी में पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे उनके बीमार होने की संभावना बढ़ रही है।
शिक्षक संघ ने विशेष रूप से बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों—जैसे जालौन, महोबा, हमीरपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, बांदा और झांसी—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा, कई गांवों में बच्चों को विद्यालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, जिससे गर्मी में उनकी परेशानी और बढ़ जाती है।
संघ ने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षण कार्य का समय लगभग 5 घंटे निर्धारित है, इसलिए विद्यालय समय को सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 तक किया जा सकता है। इससे बच्चों को तेज धूप और लू से राहत मिलेगी तथा उनकी पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।
ज्ञापन में शासन से मांग की गई है कि बच्चों के स्वास्थ्य और हितों को ध्यान में रखते हुए परिषदीय विद्यालयों का समय शीघ्र ही संशोधित किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों से इस मुद्दे पर त्वरित निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।
शिक्षक संघ ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मांग पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे लाखों विद्यार्थियों को राहत मिल सकेगी।
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