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Tuesday, March 23, 2021

बदलेगा यूपी बोर्ड एग्जाम टाइम-टेबल, अब परीक्षाएं सीबीएसई के साथ ही होने के आसार

नया परीक्षा कार्यक्रम तैयार करने में जुटा यूपी बोर्ड, पंचायत चुनाव के कारण बोर्ड परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह से कराने की तैयारी

प्रयागराज : पंचायत चुनाव के कारण यूपी बोर्ड परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार की मंशा के अनुरूप यूपी बोर्ड नया परीक्षा कार्यक्रम तैयार करने में जुट गया है। पंचायत चुनाव अब 30 अप्रैल तक पूरे होंगे, इसको देखते हुए बोर्ड परीक्षा की तिथियां सप्ताह भर आगे बढ़ाने की संभावना है। मंगलवार को यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल अपने कार्यालय में गोपनीय बैठक कर नए परीक्षा कार्यक्रम पर मंथन करते रहे।

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 24 अप्रैल से प्रस्तावित हैं, शासन की ओर से पंचायत चुनाव में आरक्षण नए सिरे से तय करने के बाद बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पेच फंस रहा था।

अब पंचायत चुनाव को लेकर नई आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायत चुनाव 30 अप्रैल तक खत्म करने होंगे। ऐसे में बोर्ड परीक्षा मई के पहले सप्ताह में शुरू हो सकती है। बोर्ड के सूत्रों की मानें तो सचिव इस बात को लेकर गंभीर हैं कि शासन स्तर से परीक्षा को लेकर नई तिथि घोषित होने के बाद तत्काल कार्यक्रम जारी कर दिया जाए।

परीक्षा तिथि बदली तो रिजल्ट की तिथि भी बदलेगी

प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर नई परीक्ष तिथि घोषित होने के बाद बोर्ड को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से लेकर परीक्षा परिणाम घोषित करने की तिथि में बदलाव करना होगा। यूपी बोर्ड पहले परिणाम 10 जून तक घोषित करने की तैयारी में था. अब इस तिथि को सप्ताह भर आगे बढ़ाना होगा।

बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर भी परीक्षा पर असमंजस

सप्ताह भर में प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर में तेजी आने के बाद सरकार ने स्कूल 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। अब स्कूल बंद करने के बाद से यूपी बोर्ड परीक्षा की तिथि को लेकर छात्रों एवं अभिभावकों में चर्चा चल रही है कि परीक्षा तय समय पर हो पाएगी की नहीं।





बदलेगा यूपी बोर्ड एग्जाम टाइम-टेबल, अब परीक्षाएं सीबीएसई के साथ ही होने के आसार

यूपी बोर्ड परीक्षाएं अब सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के साथ ही मई के पहले हफ्ते से शुरू हो सकती हैं लेकिन खत्म पहले होंगी क्योंकि बोर्ड अपनी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 15 से 17 दिनों में कराता आया है। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग पंचायत चुनाव के कार्यक्रम का इंतजार कर रहा है।

सीबीएसई की परीक्षाएं चार मई और आईसीएसई की परीक्षाएं पांच मई से शुरू हो रही हैं और सीबीएसई की 14 जून व आईसीएसई-आईएससी की 18 जून तक खत्म होंगी। यूपी बोर्ड परीक्षा 24 अप्रैल से शुरू होकर 12 मई को खत्म हो रही थी यानी परीक्षाएं 16 कार्य दिवसों में पूरी हो रही थीं। इस लिहाज से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं मई के तीसरे हफ्ते तक खत्म भी हो जाएंगी।

इस बीच, उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में कहा कि पंचायत चुनाव में स्कूलों को मतदान स्थल बनाया जाता है और शिक्षकों की ड्यूटी भी चुनाव में लगाई जाती है लिहाजा चुनाव आयोग ने परीक्षा को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के चलते स्कूलों में अवकाश के बावजूद उच्च शिक्षा संस्थानों में ऑनलाइन क्लासेस संचालित होती रहेंगी।


यूपी बोर्ड : नए शैक्षिक सत्र में भी 70 फीसद पाठ्यक्रम की पढ़ाई के आसार, प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंथन शुरू

बोर्ड परीक्षा के कारण अप्रैल बमई में कक्षाएं शुरू हो पाना मुश्किल

प्रयागराज : यूपी बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक कालेजों में नए शैक्षिक सत्र में भी 70 फीसद पाठ्यक्रम की ही पढ़ाई के आसार हैं। चालू शैक्षिक सत्र में कक्षा नौ से 12 तक जो पाठ्यक्रम लागू है, उसे यथावत रखने पर मंथन चल रहा है। बोर्ड से शासन तक इस मुद्दे पर एकमत हुआ तो पाठ्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। इस संबंध में इसी माह निर्णय होने के आसार हैं। इस कदम से बोर्ड के लाखों छात्र- छात्राओं को भी सहूलियत मिल सकेगी।

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के 27 हजार से अधिक माध्यमिक कालेजों में इस बार कुल पाठ्यक्रम का 70 फीसद ही ऑनलाइन व कक्षाओं में पढ़ाया गया। पाठ्यक्रम में 30 फीसद की कटौती कोरोना संक्रमण को देखते हुए की गई, क्योंकि लंबे समय तक कालेज खोले नहीं जा सके थे। अब एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू होना है, इसके पहले ही कोरोना संक्रमितों की संख्या में धीरे-धीरे उछाल आ रहा है। बोर्ड से लेकर शासन तक की इस पर नजर है। ऐसे हालात देखते हुए पाठ्यक्रम को यथावत रखा जा सकता है। पाठ्यक्रम कम रखने के लिए एक तर्क यह भी दिया जा रहा है कि भले ही सभी स्कूल एक अप्रैल से खुल जाएं, लेकिन यूपी बोर्ड की 2021 की परीक्षाएं अप्रैल व मई माह में प्रस्तावित हैं। परीक्षा के दौरान पढ़ाई प्रभावित होगी इसके बाद शिक्षक उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में व्यस्त रहेंगे। इससे नियमित कक्षाएं वैसे भी जुलाई से ही शुरू हो सकेंगी।



टलेंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, पंचायत चुनाव के चलते अब 24 अप्रैल से नहीं, मई के पहले सप्ताह से होंगी शुरू


▪️ 27 मार्च को चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है आयोग

▪️30 अप्रैल तक मादान खत्म होकर तीन-चारमई को मतगणना संभव

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर यूपी बोर्ड की परीक्षाएं टलनी तय हैं। 24 अप्रैल से शुरू होने वाली परीक्षाएं अब मई के पहले सप्ताह से हो सकती हैं। होली से ठीक पहले 27 मार्च को राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। आयोग 30 अप्रैल तक मतदन की प्रक्रिया पूरी कर तीन-चार मई में मतगणना करा सकता है।

दरअसल, पूर्व में जब यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 अप्रैल से 12 मई तक कराने का कार्यक्रम घोषित किया गया था। तब आयोग का भी चार चरणों में 23 अप्रैल तक मतदान की प्रक्रिया पूरी कर लेने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। पंचायतों में गलत आरक्षण पर हाईकोर्ट द्वारा फिर से आरक्षण जारी कराने के निर्देश पर राज्य सरकार अब नए सिरे से आरक्षण करा रही है। ऐसे में अब 27 मार्च को आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी करने भी की तैयारी में है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि होली से ठीक पहले 27 मार्च को अधिसूचना जारी होने से उसे विधिवत चुनाव कराने के लिए 42 दिन चाहिए। चार चरण में जिलेवार सभी पदों का एक साथ चुनाव कराने के लिए 42 दिन का समय होने पर प्रत्येक चरण में प्रचार के लिए एक सप्ताह का समय दिया जा सकेगा। ऐसे में आयोग चाहता है कि बोर्ड की परीक्षाएं मई के पहले सप्ताह तक टल जाएं, ताकि मतगणना आदि भी उससे पहले करा ली जाए।

माध्यमिक शिक्षा का भी वयित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने 'दैनिक जागरण से बातचीत में स्पष्ट तौर पर बताया कि पंचायत चुनाव के बाद ही बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। ऐसे में बोर्ड परीक्षाएं 24 अप्रैल से तो नहीं होगी, लेकिन नई तारीखों के बारे में डा. शर्मा कहते हैं कि यह तो पंचायत चुनाव के कार्यक्रम के अनुसार तय होगी। सूत्रों के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसर बोर्ड की परीक्षाएं ज्यादा टालने के पक्ष में नहीं हैं, ताकि 10 जून के आसपास नतीजे घोषित किए जा सके। चूंकि सीबीएसई की परीक्षाएं चार मई से शुरू हो रही हैं, इसलिए माना जा रहा है कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी तीन-चार मई से शुरू हो सकती हैं।

अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिहं का कहना है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाएं एक सप्ताह आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि 30 अप्रैल तक का भी समय मिल जाने पर हम चार चरणों के मतदान की प्रक्रिया तो पूरी ही कर लेंगे मतगणना तीन-चार मई को कराई जा सकती है।


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