पुरानी पेंशन और टीईटी के मुद्दे पर अटेवा ने की आगामी कार्यक्रमों की घोषणा, 11 जून को जनजागरण यात्रा से होगी शुरुआत
लखनऊ। पुरानी पेंशन की बहाली, निजीकरण की समाप्ति, टीईटी की अनिवार्यता की समाप्ति के लिए कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। अटेवा पेंशन बचाओ मंच की बैठक में इनकी घोषणा की गई।
बैठक में अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि आज टीईटी अनिवार्यता के कारण लाखों शिक्षकों की नौकरी खतरे में हैं। पुरानी पेंशन बहाल न होने से शिक्षक और कर्मचारियों को सेवानिवृत होने पर दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। इसलिए अटेवा द्वारा लखनऊ में काकोरी से 11 जून को 11 बजे शहीदों को नमन कर जनजागरण यात्रा प्रारंभ की जाएगी जो विभिन्न ब्लॉकों व जिलों में जाएगी।
प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने बताया कि 10 जुलाई से 15 अगस्त तक जनजागरण गोष्ठी, 29 अगस्त को जिला मुख्यालय में तिरंगा यात्रा और 25 सितंबर को लखनऊ में रैली की जाएगी। इसके माध्यम से सरकार से पुरानी पेंशन बहाली और टीईटी की अनिवार्यता पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की जायेगी।
प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. आशाराम व चन्द्रहास सिंह ने कहा कि आज शिक्षकों से एसआईआर से लेकर जनगणना तक सभी काम लिए जा रहे हैं। इनको करने के साथ ही उसे बच्चों को पढ़ाने का भी जिम्मा है। इतने काम होने के बावजूद अब उसे बुढ़ापे में टीईटी पास करने के लिए कहा जा रहा है जोकि न्यायसंगत नहीं है।
प्रदेश सलाहकार ओम प्रकाश कनौजिया, जनार्दन शुक्ला, रजत प्रकाश, सूफियान अहमद, कुलदीप सैनी, धर्मेंद्र गोयल, सुमन कुरील, डॉ. राजेश कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। बैठक में रंजना सिंह, ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, विजय प्रताप बुढ़नपुरी, नरेन्द्र कुमार, अशोक कन्नौजिया आदि उपस्थित थे।
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