पुरानी पेंशन, टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर लाखों शिक्षकों का प्रदर्शन
नई दिल्ली/लखनऊ । शिक्षक प्रदर्शन के इतिहास में मंगलवार को नई दिल्ली में एक और बड़ी महारैली देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी में जंतर मंतर पर देशभर से आए लाखों शिक्षकों कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन पुरानी पेंशन, निजीकरण व टीईटी अनिवार्यता की समाप्ति को लेकर आवाज बुलंद की।
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) व सहयोगी संगठनों के बैनर तले आयोजित इस धरना प्रदर्शन में शिक्षक व शैक्षिक कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें न तो एनपीएस और न ही यूपीएस चाहिए उन्हें सिर्फ और सिर्फ पुरानी पेंशन ही चाहिए।
इस अवसर पर नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि आज यहां लाखों शिक्षक कर्मचारियों को देखकर सरकार डर गई है। वहीं संगठन की राष्ट्रीय महासचिव प्रज्ञा ने कहा कि सरकार एनपीएस से यूपीएस पर आई और जल्द ही यूपीएस से ओपीएस पर आना पड़ेगा। देश के 97% कर्मचारियों ने यूपीएस को नकार दिया है।
दिल्ली में शिक्षकों ने बुलंद की आवाज
लखनऊः शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग को लेकर प्रदेश के शिक्षकों ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग संगठनों के बैनर तले जंतर-मंतर पर हजारों शिक्षक जुटे और अपनी आवाज बुलंद की। धरने में देश भर से शिक्षकों ने अपनी एकजुटता भी दिखाई।
मंगलवार को नेशनल मूवमेंट ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) और सहयोगी संगठनों के बैनर तले शिक्षकों का प्रदर्शन हुआ। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि अब सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी। सरकार को हर हाल में पुरानी पेंशन बहाल करनी ही पड़ेगी। टीईटी मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार 20 साल पहले नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर सकती है, तो हिम्मत हो तो यूपीएससी से चयनित अधिकारियों को भी हटा कर दिखाए।
प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पुरानी पेंशन तत्काल बहाल की जाए और टीईटी को स्थायी रूप से अनिवार्य सूची से हटाया जाए।
टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में NMOPS का शिक्षकों का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कल
लखनऊ। देश भर के सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में विरोध-प्रदर्शन दिल्ली में शुरू होगा। शिक्षक-कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनएमओपीएस की ओर से मंगलवार 25 नवंबर को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के 25 नवंबर को होने वाले प्रदर्शन के लिए रविवार को दिल्ली में हुई बैठक में रणनीति तैयार की गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि दिल्ली में देश भर के शिक्षक कर्मचारी और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण और टीईटी अनिवार्यता की समाप्ति के लिए अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि संगठन की लड़ाई के फलस्वरूप चार राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन लागू हुई है। वहीं पंजाब में ओपीएस बहाली की घोषणा हुई है। पंजाब सरकार इसे जल्द लागू करे। देश भर का शिक्षक टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ है, केंद्र सरकार इसे निरस्त करने का निर्णय ले। संसद में इससे संबंधित कानून लाए। ऐसा न होने पर लड़ाई आर-पार की होगी।
पुरानी पेंशन की बहाली व टीईटी के विरोध में एकजुटता का आह्वान, 25 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली के लिए अटेवा ने तय की जिम्मेदारी
लखनऊ। ऑल टीचर्स एम्पलाई वेल्फेयर एसोशिएशन (अटेवा) पेंशन बचाओ मंच ने रविवार को बैठक कर 25 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली रैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
प्रदेश, मंडल व जिला पदाधिकारियों की शहीद डॉ. रामाशीष सिंह स्मृति भवन में हुई बैठक में रैली के लिए जिम्मेदारियां भी तय की गईं।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता के विरोध, ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में 25 नवंबर को नई दिल्ली में होने वाली रैली ऐतिहासिक होगी। उन्होंने सभी संगठनों से आह्वान किया कि वे मतभेद भुलाकर एक साथ आएं।
प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि सरकार यूपीएस लाकर देश के शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महासंघ महासचिव अशोक कुमार ने कहा कि
सरकार लगातार निजीकरण पर बल दे रही है। इसके कारण सरकारी नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। पंचायतीराज सफाई कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री रामेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में होने वाले स्नातक/शिक्षक निर्वाचन में सभी शिक्षक व कर्मचारी जरूर वोटर बनें ताकि पुरानी पेंशन बहाली की मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों को अपनी बात पहुंचा सकें। बैठक में भारत सिंह, डॉ. आशीष वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. राजेश कुमार आदि उपस्थित थे।
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