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Tuesday, April 6, 2021

कोरोना के चलते आंगनबाड़ी केंद्र भी 11 अप्रैल तक रहेंगे बंद

कोरोना के चलते आंगनबाड़ी केंद्र भी 11 अप्रैल तक रहेंगे बंद


लखनऊ : प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र 11 अप्रैल तक बंद रहेंगे। पहले इन्हें चार अप्रैल तक बंद करने का फैसला किया गया था, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इसे और आगे बढ़ा दिया गया है।


बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक डा. सारिका मोहन की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने से संबंधित आदेश सोमवार को जारी कर दिए गए। मालूम हो कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन वर्ष से लेकर छह वर्ष तक की आयु के बच्चे आते हैं। ऐसे में उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को अभी बंद रखने का निर्णय किया गया है।

Thursday, April 1, 2021

सूबे में अब आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प

सूबे में अब आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों की तरह अब आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इन केंद्रों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की तैयारी में जुटी सरकार परिषदीय विद्यालयों में चलाये जा रहे ऑपरेशन कायाकल्प की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों को भी संवारने जा रही है।


प्रदेश में 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 1.13 लाख केंद्र परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के परिसरों में हैं। नए शैक्षिक सत्र में इन केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित करने की तैयारी की जा रही है।

Wednesday, March 31, 2021

शुरू हुई 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया, जानिए कैसे भरना होगा आनलाइन आवेदन

शुरू हुई 53 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया, जानिए कैसे भरना होगा आनलाइन आवेदन




लखनऊ : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के करीब 53 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिलेवार भर्ती विज्ञापन जारी होने लगे हैं। इस बार भर्ती के आवेदन आनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन के लिए 21 दिन का समय मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए 45 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है।


दरअसल, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के करीब 53 हजार पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार ने इसी साल 29 जनवरी को चयन प्रक्रिया निर्धारित की है। सभी जिलों में डीएम की देखरेख में चयन समिति गठित कर पदों की भर्ती के निर्देश दिए गए हैं। चयन समिति की संस्तुति पर डीएम के अनुमोदन के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी होगी। डीएम की देखरेख में गठित चयन समिति में जिले में तैनात समूह ‘क’ व ‘ख’ संवर्ग की महिला अफसर भी सदस्य बनाई गई हैं। नई चयन प्रक्रिया मे बीपीएल परिवारों की अभ्यर्थियों की वरीयता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों के लिए सालाना आय सीमा 46,080 व शहरी क्षेत्रों के लिए आय सीमा 56,460 रुपये तय की गई है।


जिलेवार विज्ञापन जारी होना शुरू 45 दिन में प्रशासन को पूरी करनी होगी भर्ती प्रक्रिया

ऐसे भरना होगा आनलाइन आवेदन
आनलाइन आवेदन पत्र चार भागों में भरा जाएगा। पंजीकरण के भाग एक में उम्मीदवार का व्यक्तिगत विवरण दर्ज होगा। आवेदिका से दिए गए विवरण की जांच करने और आवेदन पत्र में अंकित विवरण में यदि कोई संशोधन हो तो उसे करने के लिए कहा जाएगा। भविष्य के संदर्भो के लिए पंजीकरण नंबर जरूरी है। पंजीकरण के दूसरे भाग में शैक्षिक योग्यता भरनी होगी। ग्रेड/सीजीपीए और प्रतिशत की गणना स्वचालित रूप से हो जाएगी। तीसरे भाग में फोटोग्राफ और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। फोटोग्राफ का डिजिटल आकार 20 केबी से अधिक नहीं होना चाहिए। हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे। चौथे भाग में घोषणा के लिए सहमत होना होगा। आवेदन की अंकित तिथि से पहले भविष्य में सुधार करने के लिए ‘सेव ड्राफ्ट’ का बटन दबा सकते हैं। अंत में ‘फाइनल सबमिट’ के बाद फार्म में संशोधन नहीं किया जाएगा।


Friday, March 26, 2021

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को फिर से मिलेगा गरम भोजन, करीब पांच साल बाद फिर शुरू होगी हॉट मील कुक्ड योजना

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को फिर से मिलेगा गरम भोजन, करीब पांच साल बाद फिर शुरू होगी हॉट मील कुक्ड योजना

शिक्षा विभाग के पकाने के लिए बने किचन, गैस और बर्तन के इनकार के बाद नए सिरे से तैयार होगा प्रस्ताव


लखनऊ। बजट के अभाव में करीब पांच वर्ष से बंद गरम भोजन योजना (हॉट मील कुक्डयोजना) को योगी सरकार फिर से शुरू करने जा रही है। इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने योजना के प्रारूप में संशोधन कर नए प्रावधानों को जोड़कर प्रस्ताव तैयार किया है। मंजूरी के लिए इसे जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए 2006 में योजना शुरू की गई थी। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों को गर्म खाना तैयार करके खिलाने की व्यवस्था थी।


पहले तैयार किए गए प्रस्ताव में योजना को बेसिक शिक्षा विभाग की मध्याह्न भोजन योजना के साथ चलाने का फैसला किया गया था । इसके तहत प्राइमरी विद्यालयों में भोजन सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा प्रति बच्चा 50 पैसे की दर से किराये का भुगतान करना था, पर बेसिक शिक्षा ने हाथ खड़े कर दिए। इसके अलावा योजना के लिए खुले बैंक खातों में मातृ समिति अध्यक्ष का नाम हटा कर ग्राम प्रधान का नाम जोड़ने को लेकर विरोध हो गया। इसलिए अब नये सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसमें कई प्रावधान किए जाएंगे।



2013 में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में योजना को शामिल करने के बाद प्रदेश के सभी 1.88 लाख 250 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को भोजन दिया जा रहा था। करीब 6 साल तक बसपा और सपा सरकारों ने योजना को ठीक से चलाया, लेकिन 2016 में सपा शासनकाल में बजट रोक दिया गया। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं।तब से प्रदेश में योजना जमीनी स्तर पर बंद है, लेकिन कागजी तौर पर चलती रही। विभागीय सूत्रों का कहना है सरकार की मंशा के मुताबिक योजना के प्रारूप में कई बिंदुओं में बदलाव करने का प्रस्ताव नये सिरे से तैयार किया जा रहा है।

Thursday, February 4, 2021

यूपी : प्राइमरी स्कूल खुले नहीं और आंगनबाड़ी की कक्षाएं शुरू करने का आदेश

यूपी : प्राइमरी स्कूल खुले नहीं और आंगनबाड़ी की कक्षाएं शुरू करने का आदेश


अजब-गजब आदेश से बाल विकास पुष्टाहार विभाग के कर्मचारी हैरान हैं। एक तरफ प्राइमरी स्कूल नहीं खोले गए हैं दूसरी तरफ आंगनबाड़ी में प्री-प्राइमरी की कक्षाएं शुरू करने के आदेश जारी हो गए हैं। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को केन्द्र बुला कर पढ़ाने के दिन तय कर दिए गए हैं। बाल विकास सेवा व पुष्टाहार विभाग की निदेशक डा. सारिका मोहन ने फरवरी व मार्च महीने की समयसारिणी जारी करते हुए इसके पालन के निर्देश दिए हैं।



बीते दिनों मुख्य सचिव ने आदेश जारी कर सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को खोलने के निर्देश दिए थे लेकिन उसमें साफ था कि 10 वर्ष से कम बच्चे, 65 र्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्ग नहीं बुलाए जा सकते। लेकिन डा. सारिका मोहन द्वारा जारी आदेश में प्री प्राइमरी की पढ़ाई करने के विस्तृत निर्देश जारी किए हैं कि कन्टेंमेंट जोन स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों को छोड़ कर बाकी केन्द्रों में पढ़ाई शुरू करवा दी जाए जबकि प्रदेश में अभी कक्षा 9 से ऊपर की कक्षाओं वाले विद्यार्थियों को ही स्कूल बुलाने की अनुमति दी गई है।


आंगनबाड़ी में इस सत्र से प्री प्राइमरी की पढ़ाई शुरू होनी है। समय सारिणी के मुताबिक तीन से पांच वर्ष तक के बच्चे गुरुवार व शनिवार, पांच से छह वर्ष तक के बच्चे सोमवार व शुक्रवार को आएंगे। इसी तरह मार्च में तीन से पांच वर्ष के बच्चे मंगलवार, गुरुवार व शनिवार और पांच से छह वर्ष के बच्चे सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को केन्द्र पर आएंगे। वहीं उन बच्चों को आने की मनाही है जो बीमार या कुपोषित या फिर उनके घर में कोविड सकारात्मक सदस्य, 62 वर्ष की उम्र से अधिक वाले सदस्य होंगे।

Saturday, January 30, 2021

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के चयन की प्रक्रिया तय, प्रदेशभर में रिक्त हैं 50 हजार पद, देखें चयन के क्या होंगे नियम

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के चयन की प्रक्रिया तय, प्रदेशभर में रिक्त हैं 50 हजार पद, देखें चयन के क्या होंगे नियम

आंगनबाड़ी में होंगी 53 हजार भर्तियां, जानें क्या होगी प्रकिया?



आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के 53 हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के रिक्त करीब 53 हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। मानदेय के आधार पर होने वाली इन पदों पर भर्ती के लिए नये सिरे से चयन प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है शासन ने शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है। पिछले कई महीनों से चयन प्रक्रिया का निर्धारण न होने की वजह से भर्ती की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही थी। अब जल्द ही आईसीडीएस निदेशालय द्वारा इन तीनों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बता दें कि पिछले साल से लेकर अब तक विभाग में करीब 30 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 62 साल की आयू पूरी करने पर सेवानिवृत्त कर दिया गया है। इसके अलावा करीब 23 हजार पद पहले से ही खाली थे। लेकिन नये सिरे से चयन प्रक्रिया का प्रारूप तय करने की कवायद के चलते इन पदों पर भर्ती नहीं हो पा रही थी। हालांकि शासन स्तर से चयन प्रक्रिया का प्रारूप करीब चार महीने पहले से ही तैयार कर लिया गया था, लेकिन उच्च स्तर पर निर्णय न होने की वजह से मामला लटका हुआ था।


लखनऊ : प्रदेश सरकार ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के करीब 53 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार ने इन पदों पर भर्ती के लिए नए सिरे से चयन प्रक्रिया निर्धारण कर दी है।


सरकार ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिए। अब जल्द ही बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगा। दरअसल, विभाग में करीब 53 हजार पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार पिछले काफी समय से चयन प्रक्रिया का प्रारूप तय करने में जुटी थी। इस कारण रिक्त पदों पर भर्ती नहीं हो पा रही थी। अब विभाग ने इसका निर्धारण कर लिया है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने शुक्रवार को चयन प्रक्रिया का आदेश जारी कर दिया। 


इसके तहत अब सभी जिलों में डीएम की देखरेख में गठित चयन समिति इन पदों पर भर्ती करेगी। निदेशक जल्द ही जिलेवार रिक्तियों का ब्यौरा डीएम को उपलब्ध करा देंगे। चयन समिति की संस्तुति के बाद डीएम के अनुमोदन के बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। डीएम की देखरेख में गठित होने वाली चयन समिति में जिले में तैनात समूह ‘क’ व ‘ख’ संवर्ग की महिला अफसर सदस्य रहेंगी। 


पहले महिला अधिकारी सदस्य नहीं होती थी। डीएम द्वारा नामित सीडीओ या एडीएम समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि डीपीओ सदस्य सचिव होंगे। समिति में अनुसूचित जाति व अनुसचित जनजाति और पिछड़ी जाति के एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी व संबंधित परियोजना के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) भी सदस्य होंगे।


नियम : कमेटी में महिला अधिकारी का होना अनिवार्य

राज्य मुख्यालय : आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के चयन के लिए बनने वाली चयन समिति में अब महिला अधिकारी का होना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं चयन के लिए पहली वरीयता गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार के सदस्य को दी जाएगी। चयन के लिए शहरी क्षेत्र के लिए गरीबी की आय सीमा 56460 रुपये और गांव में 46080 रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा 62 वर्ष की होने पर सेवाएं स्वतः खत्म हो जाएंगी। प्रदेश में लम्बे समय से 50 हजार पद रिक्त हैं।


इस संबंध में बाल विकास सेवा व पुष्टाहार की अपर मुख्य सचिव एस राधा चौहान ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया का पुनर्निधारण कर दिया है। इसके अलावा पहले की योग्यताएं पूर्ववत ही रखी गई हैं। हाईस्कूल पास युवतियां ही आंगनबाड़ी और मिनी केंद्र पर कार्यकत्रियों तैनात की जा सकेंगी । सहायिकाओं के लिए शैक्षिक योग्यता न्यूनतम पांचवीं पास रखी गई है। इन पदों पर चयन के लिए आयु सीमा 21 से 45 वर्ष है। वहीं सहायिका से आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद पर चयन के लिए उम्र सीमा 50 वर्ष निर्धारित की गई है। पांच वर्ष सहायिका के पद पर काम करने वाली ही कार्यकत्री पद के लिए आवेदन कर सकती हैं। चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर किया जाएगा।


भर्ती की प्रक्रिया 45 दिन में पूरी की जाएगी

आवेदन पत्र का प्रारूप एनआईसी तैयार करेगा और जिलों को उपलब्ध कराएगा। विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद चयन प्रक्रिया 45 दिनों में पूरी की जाएगी। यदि कोई आंगनबाड़ी कार्यकर्वी या सहायिका किसी लाभ के पद पर चयनित होती है तो उस पद पर शपथ लेने के साथ ही उसकी सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। सेविकाएं या कार्यकत्रियां समायोजन के लिए प्रार्थना कर सकती है।

हाईस्कूल,इंटर व स्नातक के अंक जोड़कर बनेगी मेटिट

हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक के अंक प्रतिशत को 10 से विभाजित करने पर जो उत्तर आएगा उसे ही अंक माना जाएगा। स्नातक के बाद के अंक नहीं जोड़े जाएंगे। जैसे हाईस्कूल में 45 फीसदी अंक हैं तो इसे 10 से विभाजित करने पर 4.5 होगा। इसी तरह तीनों परीक्षाओं के अंक जोड़े जाएंगे।