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Monday, September 21, 2020

पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्णय के खिलाफ 69000 शिक्षक भर्ती करने पर आंदोलन की चेतावनी

पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्णय के खिलाफ 69000 शिक्षक भर्ती करने पर आंदोलन की चेतावनी

 
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के ओबीसी अभ्यर्थियों ने 67 हजार 887 चयनित अभ्यर्थियों में से 31 हजार 361 को नियुक्ति देने के सरकार के निर्णय को राष्ट्रीय ओबीसी आयोग को अवमानना बताया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने भर्ती पर स्थगन आदेश दे रखा है, उसके बाद सरकार नियुक्ति कैसे कर सकती है।


 अभ्यर्थियों ने आगामी दिनों में लखनऊ में आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, विभाग का दावा है कि आयोग को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है, नियुक्ति सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के तहत ही दी जा रही है। आरक्षण एवं एमआरसी लीगल टीम के प्रवक्ता विजय यादव का कहना है कि ओबीसी आयोग के उपाध्यक्ष लोकेश प्रजापति ने 7 जुलाई को भर्ती पर रोक लगाई थी। 


आयोग ने स्पष्ट किया था कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय होने के बाद भी आयोग की ओर से मामले में निर्णय देने तक भर्ती पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने आयोग के आदेश के तहत अभी तक सरकार इस 69000 सहायक शिक्षक भर्ती की वर्ग बार शैक्षिक गुणांक सहित मूल चयन सूची उपलब्ध नहीं कराई है।

Monday, July 27, 2020

पुरानी पेंशन, पदोन्नति के साथ वेतन वृद्धि, चिकित्सा भत्ता जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत शिक्षणेत्तर कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन के मूड में, डिप्टी सीएम से करेंगे वार्ता

पुरानी पेंशन, पदोन्नति के साथ वेतन वृद्धि, चिकित्सा भत्ता जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत शिक्षणेत्तर कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन के मूड में, डिप्टी सीएम से करेंगे वार्ता


पुरानी पेंशन, पदोन्नति के साथ वेतन वृद्धि, चिकित्सा भत्ता जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत शिक्षणोतर कर्मचारी एक बार फिर सक्रियता बढ़ाने वाले हैं। कोरोना संक्रमण काल में आंदोलन स्थगित करने वाले कर्मचारी अगस्त में लखनऊ कूच करने की तैयारी कर रहे हैं। वह उच्च शिक्षा मंत्रलय का प्रभार देख रहे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा से लंबित मांगों को लेकर निर्णायक वार्ता की तैयारी कर रहे हैं। डिप्टी सीएम का रुख देखने के बाद कर्मचारी आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे।


प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में 50 हजार के लगभग शिक्षणोतर कर्मचारी कार्यरत हैं। वह योग्यताधारी कर्मचारियों को शिक्षक पद पर पदोन्नति देने, राजकीय कर्मचारियों के समान तीन सौ दिनों के अवकाश का नगदीकरण, चिकित्सा भत्ता, आवास की सुविधा, प्रबंध समिति में भागीदारी, पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों की नियुक्ति पर लगी रोक हटाने जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। 


मांगें पूरी करवाने के लिए 28 व 29 जनवरी को शिक्षा निदेशालय प्रयागराज पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था। उन्हें मार्च में लखनऊ में प्रदर्शन करना था। लेकिन, कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। इधर, अनलॉक घोषित होने पर कर्मचारी आंदोलन को गति देने में जुट गए हैं। वह उच्च शिक्षा मंत्रालय का प्रभार देख रहे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा से लंबित मांगों को लेकर निर्णायक वार्ता की तैयारी कर रहे हैं। डिप्टी सीएम का रुख देखने के बाद कर्मचारी आंदोलन की रूपरेखा तय  करेंगे।


प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में 50 हजार के लगभग शिक्षणेतर कर्मचारी कार्यरत हैं। वह योग्यताधारी कर्मचारियों को शिक्षक पद पर पदोन्नति देने, राजकीय कर्मचासियों के समान तीन सौ दिनों के अवकाश का नगदीकरण, चिकित्सा भत्ता, आवास की सुविधा, प्रबंध समिति में भागीदारी, पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों की नियुक्ति पर लगी रोक हटाने जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। मांगें पूरी करवाने के लिए 28 व 29 जनवरी को शिक्षा 
निदेशालय प्रयागराज पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था उन्हें मार्च में लखनऊ में प्रदर्शन करना था। लेकिन, कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के कारण आंदोलन स्थगित कर दिया गया था इधर अनलॉक घोषित होने पर कर्मचारी आंदोलन को गति देने में जुट गए हैं।

Friday, December 14, 2018

गोण्डा : प्रमोशन में दिलचस्पी नहीं ले रहे अफसर,राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने बैठक कर आंदोलन की बनाई रणनीति

गोण्डा : प्रमोशन में दिलचस्पी नहीं ले रहे अफसर,राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने बैठक कर आंदोलन की बनाई रणनीति।

Tuesday, October 30, 2018

महराजगंज : अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत रसोइयों ने आंदोलन के तीसरे दिन किया भिक्षाटन, 15 नवम्बर से लखनऊ में प्रस्तावित धरने की बनाई रणनीति

महराजगंज : राष्ट्रीय मध्याह्न् भोजन रसोइया फ्रंट ने आंदोलन के तीसरे दिन आज सोमवार को हाथों में कटोरा लेकर भिक्षाटन किया। इसके बाद मुख्यालय पर धरना देकर अपने हक की आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष संध्या देवी के नेतृत्व में रसोइयों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, विकास भवन, उप संभागीय परिवहन कार्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक अधिकारी कार्यालय, जिला अस्पताल पर भिक्षाटन किया। इसके बाद जिला मुख्यालय पर पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा रसोइयों को जान-बूझकर प्रधानाध्यापक एवं अध्यापिकाओं के माध्यम से उत्पीड़न कराया जा रहा है, जिससे जिले भर में बड़ी संख्या में अकारण रसोइयों को निकाला गया है। इन्हें बहाल किया जाए। जिला संरक्षक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि अगर हमारी मांगों पर विचार नहीं किया तो सरकार को आगामी 2019 के चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। जिला सचिव हेमवंता देवी ने कहा कि रसोइयों का ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक दोनों मिलकर उत्पीड़न करते हैं। इन समस्याओं को लेकर जिले की सभी रसोइया 15 नवंबर को लखनऊ में धरना देकर अपनी एकजुटता का परिचय देंगी। इस दौरान जालंधर प्रसाद, रामसेवक, सरोज देवी, महेश, शीला, रामसेवक, संतलाल, अंबिका यादव, श्रीराम, अंबिका यादव, बदरी प्रसाद, मंजू देवी, कालिंदी, राधिका, बिंदू, सविता आदि उपस्थित रहे।

Thursday, October 11, 2018

कर्मचारी महासंघ ने 23 अक्टूबर की रैली को लेकर बनाई रणनीति, पुरानी पेंशन बहली की मांग को लेकर देश भर में आंदोलन चलाने का निर्णय

कर्मचारी महासंघ ने 23 अक्टूबर की रैली को लेकर बनाई रणनीति, पुरानी पेंशन बहली की मांग को लेकर देश भर में आंदोलन चलाने का निर्णय।



लखनऊ : संविदाकर्मियों को नियमित करने, चतुर्थ श्रेणी पदों को पुनर्जीवित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ 23 अक्टूबर को राजधानी के ईको गार्डन में रैली आयोजित करने जा रहा है। महासंघ पदाधिकारियों ने रैली में लाखों कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया है।1महासंघ अध्यक्ष कमलेश मिश्र ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि मांगों पर राज्य सरकार द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने के कारण रैली के जरिये सरकार तक आवाज पहुंचाने की तैयारी की गई है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष एसपी सिंह ने बताया कि रैली के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा जाएगा। सिंह ने कहा कि विश्व बैंक के दबाव में केंद्र सरकार द्वारा सरकारी व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है। इस स्थिति में उन्होंने कर्मचारियों के उत्पीड़न को चरम पर बताया।1राज्य कर्मचारी महासंघ के संरक्षक लल्लन पांडे ने बताया कि रैली के लिए मुख्य सचिव को नौ अक्टूबर को नोटिस दे दी गई है। इसकी प्रति राज्यपाल के सचिव को भी भेजी गई है। पांडे ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और राज्य सरकार यदि चाहे तो पुरानी पेंशन बहाल कर सकती है।राज्य ब्यूरो, लखनऊ : संविदाकर्मियों को नियमित करने, चतुर्थ श्रेणी पदों को पुनर्जीवित करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ 23 अक्टूबर को राजधानी के ईको गार्डन में रैली आयोजित करने जा रहा है। महासंघ पदाधिकारियों ने रैली में लाखों कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया है।1महासंघ अध्यक्ष कमलेश मिश्र ने गुरुवार को पत्रकारों को बताया कि मांगों पर राज्य सरकार द्वारा कोई कार्यवाही न किए जाने के कारण रैली के जरिये सरकार तक आवाज पहुंचाने की तैयारी की गई है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष एसपी सिंह ने बताया कि रैली के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन भेजा जाएगा। सिंह ने कहा कि विश्व बैंक के दबाव में केंद्र सरकार द्वारा सरकारी व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है। इस स्थिति में उन्होंने कर्मचारियों के उत्पीड़न को चरम पर बताया।1राज्य कर्मचारी महासंघ के संरक्षक लल्लन पांडे ने बताया कि रैली के लिए मुख्य सचिव को नौ अक्टूबर को नोटिस दे दी गई है। इसकी प्रति राज्यपाल के सचिव को भी भेजी गई है। पांडे ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और राज्य सरकार यदि चाहे तो पुरानी पेंशन बहाल कर सकती है।


Tuesday, September 4, 2018

बीएड - टीईटी वाले 5 सितम्बर को करेंगे अटल आंदोलन, 2012 में एकेडमिक आधार पर शुरू भर्ती की नियुक्ति पूरी करने की मांग

बीएड - टीईटी वाले 5 सितम्बर को करेंगे अटल आंदोलन, 2012 में एकेडमिक आधार पर शुरू भर्ती की नियुक्ति पूरी करने की मांग।