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Friday, January 24, 2025

3634 करोड़ से 62 राजकीय आईटीआई होंगे अपग्रेड टाटा समूह करेगा सहयोग, प्रत्येक वर्ष 12500 छात्रों को मिलेगा लाभ, पांच सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन की भी होगी स्थापना

3634 करोड़ से 62 राजकीय आईटीआई होंगे अपग्रेड टाटा समूह करेगा सहयोग, प्रत्येक वर्ष 12500 छात्रों को मिलेगा लाभ

पांच सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन की भी होगी स्थापना


लखनऊ। प्रदेश में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के छात्रों को आधुनिक तकनीकी में दक्ष करने व अत्याधुनिक प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सरकार 62 और राजकीय आईटीआई को टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से अपग्रेड करेगी। इस पर टाटा व प्रदेश सरकार मिलकर 3634 करोड़ रुपये खर्च करेंगेष इससे सालाना 12500 छात्रों को लाभ मिलेगा।

महाकुंभ नगर में हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) को मंजूरी दी गई। इस परियोजना में नटीटीएल 2851 करोड़ और प्रदेश सरकार 783 करोड़ से ज्यादा खर्च करेंगे। यह एग्रीमेंट 11 साल का होगा। एक साल परियोजना क्रियान्वयन की तैयारी के लिए और 10 साल इसके तहत शिक्षण- प्रशिक्षण के लिए होगा। इसके बाद आपसी सहमति से परियोजना को रिन्यू भी किया जा सकेगा।

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि एग्रीमेंट के तहत इंडस्ट्री 4.0 की मांग के अनुसार टीटीएल द्वारा 62 आईटीआई में 11 लंबे समय व 23 शॉर्ट टर्म कोर्स चलाए जाएंगे।

इस प्रोजेक्ट से लंबे समय के कोर्स में हर साल लगभग 6000 तथा शॉर्ट टर्म कोर्स से सालाना लगभग 6500 अभ्यर्थी प्रशिक्षित होंगे। बता दें कि अभी प्रदेश की 149 राजकीय आईटीआई को टाटा के सहयोग से अपग्रेड करने का काम आखिरी चरण में है।


पांच सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन की भी होगी स्थापना

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने बताया कि टाटा के ही सहयोग से लखनऊ, बनारस, गोरखपुर, मथुरा व बरेली की राजकीय आईटीआई को सेंटर फॉर इनोवेशन, इनवेंशन, इनक्यूबेशन एंड ट्रेनिंग (सीआईआईआईटी) के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां पर आईटीआई के अनुदेशकों को डिफेंस, एयरो स्पेस, इलेक्ट्रिक व्हीकल व मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी की ट्रेनिंग देंगे। साथ ही इनको इंडस्ट्री की मांग के अनुसार भी दक्ष किया जाएगा और वहां के विशेषज्ञों के साथ संवाद भी कराया जाएगा।

Friday, February 23, 2024

PPP पर 20 पालीटेक्निक व आइटीआइ चला सकेंगी संस्थाएं

PPP पर 20 पालीटेक्निक व आइटीआइ चला सकेंगी संस्थाएं

• अभी तक एक निजी संस्था को सिर्फ पांच संस्थान ही दिए जाते थे

• टेंडर में कम कंपनियां आने के कारण नियमों में किया गया वदलाव


लखनऊ : प्रशिक्षण संस्थानों औद्योगिक (आइटीआइ) व पालीटेक्निक संस्थानों को सार्वजनिक-निजी सहभागिता  (पीपीपी) माडल पर चलाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। अभी तक एक निजी संस्था को दो आइटीआइ व तीन पालीटेक्निक  संस्थान यानी कुल पांच संस्थान ही • पीपीपी माडल पर चलाने के लिए दिए जा सकते थे। अब 20 संस्थानों को पीपीपी माडल पर चलाने के लिए एक निजी संस्था को दिया जा सकेगा।


 प्रमुख सचिव, प्राविधिक शिक्षा - एम देवराज के मुताबिक 17 नवंबर, 2020 को जारी शासनादेश में संशोधन किया गया है। इसे बुधवार को जारी कर दिया गया। ऐसे में अब 5 निविदा के माध्यम से निजी संस्थानों 1 को पहले चार गुणा अधिक संस्थान - पीपीपी माडल पर चलाने के लिए दिए जा सकेंगे। दरअसल बीते दिनों 39 आइटीआइ को पीपीपी माडल पर चलाने के लिए निविदा जारी की गई थी लेकिन मात्र आठ आइटीआइ ही निजी संस्थाओं को दी जा सकीं। दोबारा 31 आइटीआइ को पीपीपी माडल पर चलाने के लिए निजी संस्थाओं को आमंत्रित किया गया है। 


फिलहाल, अब नए नियमों के लागू होने से इन आइटीआइ की शुरुआत की जा सकेगी। विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। यही नहीं अभी तक यह भी व्यवस्था थी कि अगर वह सिर्फ पालीटेक्निक चलाना चाहता है या फिर सिर्फ आइटीआइ ही चलाना चाहता है तो उसे मात्र छह संस्थान ही चलाने की अनुमति दी जाती थी। अब कोई झंझट नहीं होगा।


पहले चरण में प्रदेश की 19 पॉलीटेक्निक और आईटीआई PPP मॉडल पर चलेंगी

लखनऊ। प्रदेश में नए बने राजकीय पॉलीटेक्निक व आईटीआई का संचालन नए सत्र से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में 19 पॉलीटेक्निक व आईटीआई इनके संचालन के लिए संस्थानों की सूची शासन ने जारी की को पीपीपी मॉडल पर चलाने को हरी झंडी दी गई है। इसमें लखनऊ में बख्शी का तालाब स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक व कादीपुर सुल्तानपुर का पॉलीटेक्निक भी शामिल है।


शासन की ओर से पिछले दिनों निर्णय लिया गया था कि नए बन रहे राजकीय पॉलीटेक्निक व आईटीआई का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। इसके तहत प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से प्राइवेट संस्थानों से निविदाएं मांगी गई थीं।


 प्राविधिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एम देवराज ने बताया कि आवश्यक औपचारिकता पूरी कर कमेटी ने 19 पॉलीटेक्निक व आईटीआई को पीपीपी मॉडल पर देने की सहमति दी है।

इसके अनुसार आवश्यक कार्यवाई शुरू कर दी गई है। नए सत्र से यहां पर पठन-पाठन शुरू करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि राजकीय पॉलीटेक्निक व आईटीआई को पीपीपी मॉडल पर देने के लिए नियमों में ढील दी गई है। 

पूर्व की व्यवस्था के अनुसार एक निविदाकर्ता को अधिकतम चार आईटीआई व छह पॉलीटेक्निक यानी कुल दस संस्थान ही दिए जा सकते थे। शासन ने इसे संशोधित करते हुए 20 राजकीय पॉलीटेक्निक व राजकीय आईटीआई दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे इस क्षेत्र में बड़े संस्थान ज्यादा आ सकेंगे।

Sunday, January 14, 2024

यूपी : पहले चरण में 34 आईटीआई PPP मॉडल के जरिए निजी हाथों में दिए जाएंगे, छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलने का दावा

यूपी : पहले चरण में 34 आईटीआई PPP मॉडल के जरिए निजी हाथों में दिए जाएंगे, छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिलने का दावा


लखनऊ : प्रदेश के युवाओं में कौशल और तकनीक की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी प्रदेश सरकार की तरफ से की जा रही है. इसके तहत प्रदेश सरकार 75 जिलों में संचालित आईटीआई को निजी हाथों में दिए जाने की तैयारी में है. सरकार का कहना है कि तकनीकी विकास के साथ तकनीकी शिक्षा की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में कम समय में युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा मिले, इसके लिए 34 को निजी हाथों में दिया जाएगा. इन सभी आईटीआई का संचालन पीपीपी मोड पर किया जाना है.



आईटी-आईटीईएस नीति, 2022 तैयार : प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि नए सत्र से प्रदेश के आईटीआई को प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप के तहत संचालित करने की योजना है. इसके तहत प्रदेश के करीब 34 आईटीआई को निजी कंपनियों के सहयोग से चलाया जाएगा. प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए आईटी-आईटीईएस नीति, 2022 के तहत यह काम करेगी. 


आईटी-आईटीईएस नीति, 2022 के तहत उप्र कौशल विकास मिशन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्याति प्राप्त प्रतिष्ठित संस्थानों से अनुबंध करके प्रदेश के युवाओं को विश्व स्तरीय पाठ्यक्रमों की निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी. ट्रेनिंग के बाद सभी प्रशिक्षित युवाओं को संस्थाएं ग्लोबल सर्टिफिकेट भी प्रदान करेंगी. यह ग्लोबल सर्टिफिकेट प्राप्त युवा देश में रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के नए अवसर खोज सकेगा.


रोजगार के अवसरों में होगी बढ़ोतरी : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन शिक्षण संस्थानों में बड़ी संख्या में तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी मिलेगी. यहां अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं को बड़ी निजी कंपनियों में नौकरी के लिए एक्सपोर्ट द्वारा तैयार किया जाएगा. प्रदेश सरकार यहां पर निजी कंपनियों के सहयोग से आईटी इलेक्ट्रॉनिक व अन्य तरह के तकनीकी शिक्षा से जुड़े कोर्सों का संचालन शुरू करने जा रहा है. यह ऐसे कोर्स होंगे, जो ग्लोबल लेवल पर मान्य होंगे. 


इन कोर्स को करने वाले छात्रों को न केवल देश में बाल की विदेश में भी नौकरी के अवसर मिलने में आसानी होगी. राजकीय आईटीआई चारबाग के प्रिंसिपल चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि इन आईटीआई में अलग-अलग व्यावसायिक और सर्टिफिकेट कोर्स में युवाओं को प्रवेश का मौका मिलेगा. यहां निजी कंपनियों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग के अनुसार कोर्स का संचालन किया जाएगा.

Friday, October 7, 2022

आईटीआई में अब 'पहले आओ, पहले पाओ' की तर्ज पर प्रवेश, अन्तिम तिथि बढ़ी

आईटीआई में अब 'पहले आओ, पहले पाओ' की तर्ज पर प्रवेश

राजकीय आईटीआई में 15 और निजी में 30 अक्तूबर तक लिया जा सकेगा दाखिला

केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद बढ़ाई गई अंतिम तिथि



लखनऊ। प्रदेश के राजकीय व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिले के लिए अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब राजकीय आईटीआई में 15 और निजी आईटीआई की खाली सीटों पर 30 अक्तूबर तक दाखिले होंगे। इसके लिए एक दिन पहले तक पंजीकरण किया जाएगा। दाखिले की न्यूनतम अर्हता रखने वाला कोई भी अभ्यर्थी अब प्रवेश ले सकेगा। संस्थानों में पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर दाखिला देने की रणनीति अपनाई गई है।


कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय से मिली अनुमति मिलने के बाद प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। विशेष सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास अभिषेक सिंह ने बताया कि अब पूर्व पंजीकृत के साथ नए अभ्यर्थी भी दाखिला ले सकेंगे। कहां, किस संस्थान में कितनी और किस ग्रुप में सीटें खाली हैं, उसका ब्योरा एससीवीटी के पोर्टल पर देखा जा सकेगा। परिषद के अधिकारियों के अनुसार अभी राजकीय आईटीआई में 18150 और निजी आईटीआई में 281985 सीटें खाली हैं। चूंकि सरकारी संस्थानों की खाली सीटों की संख्या ज्यादा नहीं है, इसलिए उसमें पंजीकरण व दाखिले की अंतिम तिथि भी 15 अक्तूबर ही रखी गई है।


Sunday, September 25, 2022

ITI में सीधे संपर्क कर खाली सीटों पर अब प्रवेश ले सकेंगे अभ्यर्थी, सरकारी व निजी संस्थान में दाखिले की अंतिम तिथि है 30 सितंबर

आईटीआई में सीधे संपर्क कर खाली सीटों पर अब प्रवेश ले सकेंगे अभ्यर्थी

सरकारी व निजी संस्थान में दाखिले की अंतिम तिथि है 30 सितंबर



लखनऊ। प्रदेश के सरकारी व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अभ्यर्थी अब सीधे संपर्क कर खाली सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। सभी संस्थाओं में दाखिले के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर है। ऐसे में जिन्होंने पहले कहीं आवेदन नहीं किया है, वह निजी संस्थानों में दाखिले के लिए 29 सितंबर तक पंजीकरण करा सकते हैं।


वहीं राजकीय संस्थानों में बीते दिनों आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को दाखिले का मौका मिलेगा। हालांकि राजकीय संस्थाओं में जिला स्तरीय चयन के लिए अभ्यर्थी स्थायी (गृह जनपद) व अस्थायी पते से संबंधित जिले की सीटों पर ही प्रवेश के ही पात्र होंगे।


विशेष सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास व अधिशासी निदेशक, एससीवीटी अभिषेक सिंह के अनुसार अभ्यर्थियों ने चौथे चरण के लिए ऑनलाइन आवेदन के समय जिस राजकीय संस्थानों व व्यवसायों के विकल्प भरे हैं, उन्हीं के सापेक्ष उपलब्ध खाली सीट पर दाखिले के लिए जिले के नोडल राजकीय संस्थान के प्रधानाचार्य से संपर्क करें।


राजकीय संस्थानों में पहले से पंजीकृत गैर चयनित अभ्यर्थियों को सीट दी जाएगी। इसके बाद खाली सीटों पर नए आवेदकों का मेरिट के अनुसार दाखिला मिलेगा। राजकीय संस्थानों में खाली सीटों पर प्रवेश जिले स्तर पर गठित समिति द्वारा किया जाएगा। समिति द्वारा अनुमोदित आवंटित सूची संस्थान के सूचना पट पर प्रदर्शित की जाएगी।


अधिशासी निदेशक ने राजकीय संस्थानों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन में दी गई सूचना के अनुसार उसके प्रमाणपत्रों आदि की जांच के बाद उसका दाखिला करें।


अधिशासी निदेशक ने बताया कि सभी गैर चयनित अभ्यर्थियों (प्रवेश प्रक्रिया में पूर्व में पंजीकृत व नवीन ऑनलाइन आवेदनकर्ताओं) की ग्रुपवार मेरिट के क्रम में सूची संबंधित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को उपलब्ध करा दी गई है। 

Monday, May 16, 2022

एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की जरूरत के अनुसार ITI में शुरू होंगे कोर्स

एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की जरूरत के अनुसार ITI में शुरू होंगे कोर्स

हर जिले में होगी शुरुआत, प्रशिक्षित युवा पा सकेंगे रोजगार


लखनऊ। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय की ओर से एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की जरूरत के अनुसार प्रदेश के हर जिले के आईटीआई में कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके जरिए जिले के उत्पाद उद्योग के आधार पर युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। विद्यार्थी उसी उद्योग में अप्रेंटिस करके नौकरी पा सकेंगे और अपना रोजगार भी शुरू कर सकेंगे।


योजना की शुरूआत इसी शैक्षिक सत्र से होगी। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक हरिकेश चौरसिया ने बताया कि कई जिलों में वहां के प्रसिद्ध उत्पाद के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं मिलते। संबंधित उद्योगों में बाहर से नौकरी करने लोग आते हैं। इसीलिए कोशिश है कि प्रत्येक जिले के उत्पाद व उससे जुड़े उद्योगों के लिए प्रशिक्षित युवा तैयार किए जाएं। 


इसी में क्रम में प्रत्येक जिले के नोडल के आईटीआई में वहां के उत्पाद से जुड़ी ट्रेड शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उत्पाद व युवा दोनों को फायदा होगा।



कौशल विकास मिशन भी करेगा मदद: ओडीओपी को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय राज्य कौशल विकास मिशन की भी मदद लेगा। चौरसिया ने बताया कि मिशन से ओडीओपी के अनुसार शार्ट टर्म कोर्स जिलों के आईटीआई में शुरू कराने के लिए पत्र भेजा गया है।