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Saturday, October 31, 2026

विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग पर आयोग से परीक्षा कार्यक्रम तलब, मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को

विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग पर आयोग से परीक्षा कार्यक्रम तलब, मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को


हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से आगामी परीक्षाओं का मांगा ब्योरा


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग से जुड़ी विशेष अपील पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से आगामी सामान्य टीईटी परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम हलफनामे पर मांगा है।

न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने वसीम अहमद सहित 221 शिक्षामित्रों की ओर से दाखिल विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी।


याचिकाकर्ताओं ने दो सितंबर 2026 के शासनादेश और तीन सितंबर को जारी विज्ञापन को चुनौती देते हुए विशेष टीईटी में शामिल होने की अनुमति मांगी थी। उनका कहना था कि वे निर्धारित शैक्षिक और प्रशिक्षण योग्यताएं रखते हैं। संविदा पर कार्यरत विशेष शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर देना और शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।

इससे पहले न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने एक अक्तूबर को उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ विशेष अपील दाखिल की गई है। अपीलकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि टीईटी केवल पात्रता परीक्षा है। इसे पास करने से स्वतः नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलता, इसलिए शिक्षामित्रों को इससे वंचित रखने का औचित्य नहीं है।

वहीं, आयोग की ओर से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष कम से कम एक और प्राथमिकता से दो टीईटी परीक्षाएं कराई जानी हैं। इस पर खंडपीठ ने वर्ष 2026 की दूसरी सामान्य टीईटी और अगले दो वर्षों की परीक्षाओं का कार्यक्रम मांगा है।

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