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Monday, January 20, 2025

BEd & Integrated BEd Admission Test: पूरे देश में बीएड दाखिले के लिए एक परीक्षा की तैयारी, चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड की प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी भी एनटीए को ही सौंपने पर विचार

BEd & Integrated BEd Admission Test: पूरे देश में बीएड दाखिले के लिए एक परीक्षा की तैयारी, चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड की प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी भी एनटीए को ही सौंपने पर विचार



नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) बीएड में दाखिले के लिए पूरे देश में एक प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। यह प्रस्ताव नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को दी सकती है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो अगले वर्ष से यह प्रभावी हो सकता है।


पिछले दिनों एनसीटीई की गवर्निंग बॉडी की हुई बैठक में एकीकृत प्रवेश परीक्षा का प्रस्ताव लाया गया था। अब तक परीक्षा राज्यों के विश्वविद्यालय आयोजित कराते हैं।  संयुक्त प्रवेश परीक्षा के अलावा चार वर्षीय स्नातक और पीजी के बाद शुरू होने वाले एक वर्ष के बीएड के लिए भी प्रवेश परीक्षा होगी।



इंटीग्रेटेड बीएड प्रवेश परीक्षा भी एनटीए को सौंप सकते हैं

एनसीटीई नई शिक्षा नीति के तहत बीएड की प्रवेश परीक्षा लेने की तैयारी कर रहा है। दो वर्षीय बीएड के अलावा चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड की प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी भी एनटीए को ही सौंपने पर विचार चल रहा है। 


Saturday, June 1, 2024

6 साल में बदल जाएगी शिक्षक भर्ती की योग्यता, 4 साल का इंटीग्रेटेड BEd (ITEP) चलेगा, DElEd भी होगा खत्म

6 साल में बदल जाएगी शिक्षक भर्ती की योग्यता, 4 साल का इंटीग्रेटेड BEd (ITEP) चलेगा, DElEd भी होगा खत्म


6 साल में बदल जाएगी शिक्षक भर्ती की योग्यता, 4 साल का BEd ITEP चलेगा, DElEd भी होगा खत्मछह साल बाद 2030 से देश में शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता बदल जाएगी। 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी- 12वीं के बाद चार साल का बीएड ) के आधार पर सभी तरह के शिक्षकों की बहाली की जाएगी।


छह साल बाद 2030 से शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता बदल जाएगी। 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी - 12वीं के बाद चार साल का बीएड ) के आधार पर सभी तरह के शिक्षकों की बहाली की जाएगी। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2027-28 तक एक-एक करके शिक्षक प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों के लिए होने वाले सभी डीएलएड कार्यक्रमों को समाप्त कर दिया जाएगा। फिलहाल 2024-25 सत्र ही शिक्षक शिक्षण प्रशिक्षण के लिए अंतिम सत्र होगा। 


दरअसल, अब देशभर में शिक्षकों की बहाली के लिए न्यूनतम योग्यता में बदलाव किया जाना है। वर्तमान में यह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है। हालांकि झारखंड समेत कई राज्यों में डीएलएड जैसे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समाप्त कर दिया गया है। जल्द ही बिहार समेत अन्य राज्यों में भी यह लागू हो जाएगा। 


 देशभर में अब शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता में बदलाव किये जाने को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें  देशभर में डायट की संख्या में इजाफा किये जाने की योजना है। इसके बाद शिक्षकों को कई तरह के सेवाकालीन शिक्षण प्रशिक्षण की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। 


शिक्षा मंत्रालय की अंतिम अवधारणा के अनुसार आने वाले 6 सालों यानी साल 2030 तक सभी राज्यों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के तय मानक के आधार पर बहुविषयक संस्थान को विकसित करने की तैयारी करनी होगी। जबकि शिक्षक अभ्यर्थियों को स्नातक के बाद दो वर्ष के विशेष विषय में बीएड डिग्री की मान्यता भी बहाल रहेगी। वहीं जिनके पास चार वर्षीय स्नातक डिग्री होगी, या किसी विशेष विषय में एमए किया होगा, उनके लिए एक वर्षीय बीएड डिग्री पर भी काम चल रहा है।


शिक्षण प्रशिक्षण के लिए डीएलएड समेत अन्य कार्यक्रमों को समाप्त करने की योजना है। सत्र 2024-25 डीएलएड प्रशिक्षण का अंतिम सत्र हो सकता है। फिर शिक्षक भर्ती की न्यूनतम योग्यता 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम होगा। देश में डायट की संख्या बढ़ाए जाने पर काम चल रहा है। यह 2030 तक हो जाएगा। 

Sunday, January 7, 2024

ITEP के तहत अब 2 साल के बीएड (विशेष शिक्षा) के बजाय 4 साल के इंटीग्रेटेड बीएड की मिलेगी मान्यता, भारतीय पुनर्वास परिषद ने दी जानकारी

स्नातक के साथ मिल सकेगी बीएड की भी डिग्री, चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड (स्पेशल एजुकेशन) कार्यक्रम में प्रावधान

विशेष शिक्षा में दो वर्षीय बीएड बंद, अब नहीं मिलेगी मान्यता


लखनऊ । डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अब दो वर्षीय बीएड (विशेष शिक्षा) पाठ्यक्रम संचालित नहीं किया जा सकेगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के बाद अब भारतीय पुनर्वास परिषद ने भी दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता पर रोक लगा दी है।


भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) ने आगामी सत्र से दो वर्षीय बीएड (विशेष शिक्षा) पाठ्यक्रम की मान्यता देने पर रोक लगा दी है। आरसीआई ने सत्र 2024-25 से किसी भी विश्वविद्यालय, संस्थान व कॉलेज को पाठ्यक्रम संचालित किए जाने को लेकर मान्यता देने पर प्रतिबंध लगा दिया है। 


इस संबंध में आरसीआई के सदस्य सचिव विकास त्रिवेदी की ओर से सर्कुलर भी जारी कर दिया गया है। पुनर्वास विवि के प्रवक्ता डॉ. यशवंत का कहना है कि दो वर्षीय बीएड (विशेष शिक्षा) पाठ्यक्रम के भविष्य को लेकर निर्णय विवि की कार्य परिषद बैठक में लिया जाएगा।


नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बीएड के प्रोग्राम में कई अहम बदलाव करने के साथ ही विद्यार्थियों के लिहाज बेहद लचीला बनाया जा रहा है। इसमें विद्यार्थी के लिए मल्टीपल एंट्री और एग्जिट की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम के तहत विद्यार्थी एक ही पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ दो डिग्रियां हासिल कर सकेंगे। इससे उन्हें एक वर्ष का फायदा मिलेगा। इंटरमीडिएट के बाद विद्यार्थी सीधे इस पाठ्यक्रम में दाखिला ले सकेंगे। इंटीग्रेटेड बीएड प्रोग्राम अभी देश के चुनिंदा संस्थानों में ही संचालित है। 


आगामी सत्र से लखनऊ विश्वविद्यालय में चार वर्ष का बीएड शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए विवि जल्द ही नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेश (एनसीटीई) में आवेदन करेगा। फिलहाल विवि में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम संचालित है।


दो साल के बीएड को मान्यता नहीं देगा आरसीआई

भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) ने शुक्रवार को पत्र जारी करते हुए सत्र 2024-25 से शैक्षिक संस्थानों को दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम (स्पेशल एजुकेशन) की मान्यता नहीं देने की घोषणा की है। वहीं एनसीटीई की तर्ज पर चार वर्षीय बीएड (स्पेशल एजुकेशन) पाठ्यक्रम बनाने का फैसला किया है। जिसकी सूचना संस्था की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।




ITEP के तहत अब  2 साल के बीएड (विशेष शिक्षा) के बजाय 4  साल के इंटीग्रेटेड बीएड की मिलेगी मान्यता, भारतीय पुनर्वास परिषद ने दी जानकारी


पुरानी दो साल के बीएड ( विशेष शिक्षा) बंद कर अब 4 साल के आईटीइपी कोर्सेज की मान्यता दी जाएगी, जिसमें स्नातक और बीएड एक साथ होगा।




Friday, June 2, 2023

कई चयनित शैक्षणिक संस्थानों ने इस साल इंटीग्रेटेड B.Ed कोर्स शुरू करने में जताई असमर्थता, लगभग दर्जन भर संस्थाओं ने NCTE से मांगा और वक्त

कई चयनित शैक्षणिक संस्थानों ने इस साल इंटीग्रेटेड B.Ed कोर्स शुरू करने में जताई असमर्थता, लगभग दर्जन भर संस्थाओं ने NCTE से मांगा और वक्त


एनसीटीई ने फिलहाल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीईपी) के तहत चार वर्षीय बीए-बीएड बीएससी-बीएड और बीकाम-बीएड कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव किया है। इस दौरान पहले चरण के लिए 57 शैक्षणिक संस्थानों का चयन किया गया है।


नई दिल्ली। चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स फिलहाल इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू हो जाएगा। यह बात अलग है कि देश भर के जितने शैक्षणिक संस्थानों को इसके शुरुआती चरण के लिए चयनित किया गया था, उनमें से दर्जनभर से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों ने इस साल से इसे शुरू कर पाने में अब असमर्थता जताई है। इन संस्थानों ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से इससे जुड़ी तैयारियों के लिए और समय मांगा है। साथ ही इसे अब अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने के लिए कहा है।


चार वर्षीय कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव
एनसीटीई ने फिलहाल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीईपी) के तहत चार वर्षीय बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकाम-बीएड कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव किया है। इस दौरान पहले चरण के लिए 57 शैक्षणिक संस्थानों का चयन किया गया है। इनमें आइआइटी, एनआइटी सहित देशभर के शीर्ष सरकारी शैक्षणिक संस्थान शामिल है।


57 शैक्षणिक संस्थान हुए चयनित
वैसे तो इसके लिए देश के करीब एक हजार संस्थानों ने आवेदन किए थे, लेकिन एनसीटीई ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए सिर्फ 57 शैक्षणिक संस्थानों को ही चयनित किया। सूत्रों के मुताबिक एनसीटीई ने इन कोर्सों को शुरू करने के लिए जो मानक तय किए है, उसकी तैयारी फिलहाल शैक्षणिक संस्थानों के लिए मुश्किल है। खासकर ऐसे संस्थान जहां पहले से शिक्षकों से जुड़े कोर्स संचालित नहीं हो रहे थे। ऐसे में उनके लिए आनन-फानन में पढ़ाने वाले शिक्षकों आदि की नियुक्ति कर पाना मुश्किल है।


जल्द तैयार होगा नया पाठ्यक्रम
इस बीच एनसीटीई ने इस कोर्स को शुरू करने को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। हाल ही में चयनित संस्थानों को लिखे एक पत्र में एनसीटीई ने साफ किया है कि मई अंत तक इसका नया पाठ्यक्रम तैयार हो जाएगा। जो तैयार होते ही तुरंत सभी संस्थानों के साथ साझा किया जाएगा। इसके साथ ही इनमें दाखिले के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को लिखा जा चुका है। जो सीयूईटी के खत्म होने के बाद इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू करेगा।


कंप्यूटर आधारित होगी परीक्षा
इन कोर्स में दाखिले से जुड़ी परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2030 से स्कूलों में चार वर्षीय बीएड कोर्स करने वाले शिक्षकों की ही नियुक्ति होगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों को तैयार करने से जुड़ी अहम पहल के चलते इन कोर्सों को शुरू करने अनुमति सिर्फ सरकारी संस्थानों को ही दी जा रही है।