DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label उन्नाव. Show all posts
Showing posts with label उन्नाव. Show all posts

Wednesday, September 16, 2020

उन्नाव : कंपोजिट ग्रांट घोटाला में डीएम समेत अन्य अफसर दोषी सिद्ध, ईओडब्लू ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी

उन्नाव : कंपोजिट ग्रांट घोटाला में डीएम समेत अन्य अफसर दोषी सिद्ध, ईओडब्लू ने जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी


लखनऊ : उन्नाव के बहुचर्चित करोड़ों रुपये के कंपोजिट ग्रांट घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय समेत अन्य अधिकारियों व कर्मियों को दोषी पाया है। ईओडब्ल्यू ने शासन को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। तत्कालीन डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई और तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की संस्तुति की गई है। ईओडब्ल्यू ने प्रकरण में उन्नाव की सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआइआर की विवेचना भी अपने हाथ में ले ली है। आरोपित तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा अनियमितता के अन्य मामले में पूर्व में निलंबित भी हो चुके हैं।


ईओडब्ल्यू की जांच में तत्कालीन डीएम व बीएसए के अलावा जौनपुर की मां वैष्णव एजेंसी के संचालक जितेंद्र सिंह, तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी रामकिशुन यादव, कृष्ण देव यादव, आशीष चौहान, दिनेश सिंह, शैलेंद्र कुमार शर्मा, सुरेंद्र कुमार मौर्य, मृत्युंजय यादव, सुषमा सेंगर, नसरीन फारुकी, अरुण कुमार अवस्थी, अशोक कुमार सिंह, प्रवीण कुमार दीक्षित, मधुलिका वाजपेयी व राजेश कुमार को दोषी पाया गया है। इनमें कई के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। ईओडब्ल्यू ने मां वैष्णव एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड किए जाने की सिफारिश भी की है।

पूर्व में प्रकरण की जांच कमिश्नर ने की थी, जिसमें डीएम समेत अन्य अधिकारी दोषी पाए गए थे। तत्कालीन डीएम को निलंबित कर दिया गया था। शासन ने मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी थी। उन्नाव के स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट के तहत सप्लाई किए गए डस्टबिन, दीवार घड़ी, पेंसिल व अन्य सामग्री की सप्लाई में घोटाला किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारियों व प्रधानाध्यापकों पर मां वैष्णव एजेंसी से ही सामग्री खरीदने का दबाव भी बनाया गया था।

Friday, August 14, 2020

उन्नाव : निलंबित शिक्षकों की बहाली भूल गए अफसर, आधा दर्जन शिक्षकों की बहाली को लेकर नहीं गम्भीर महकमा

उन्नाव : निलंबित शिक्षकों की बहाली भूल गए अफसर।


लापरवाही में निलंबित किए गए शिक्षकों की बहाली को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग गंभीर नहीं है। महीनों बाद भी जिले के निलंबित आधा दर्जन शिक्षकों की अब तक बहाली नहीं हो सकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र देकर जांच आख्या के आधार पर न तो कार्रवाई हुई और न ही बहाली। बहाली में हो रहे विलंब से स्कूलों की पठन पाठन व्यवस्था प्रभावित है। साथ ही शिक्षा विभाग की लचर कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।




पूर्व बीएसए बीके शर्मा ने साल 2019 में स्कूलों के निरीक्षण में लापरवाह मिले दर्जनों शिक्षकों को निलंबित किया था। इसके अलावा प्रभारी बीएसए राकेश कुमार, सीडीओ व वर्तमान बीएसए प्रदीप पांडेय ने कई निलंबन किए। कुछ समय पहले कई शिक्षक बहाल हुए पर अभी कई की बहाली लटकी है, जबकि नियमानुसार तीन महीने के भीतर इनकी बहाली हो जानी चाहिए। इसके लिए यह जरूरी है कि निलंबित शिक्षक को 15 दिन के भीतर आरोप पत्र देकर उसका पक्ष लिया जाए। इसके बाद जांच आख्या के आधार पर उस पर अनुशासात्मक कारवाई हो या फिर उसकी बहाली की जाए। इसके बाद भी नियम कायदों को ताक पर रखकर तमाम शिक्षकों को कई महीनों बाद भी बहाल नहीं किया गया है।




इस मामले में बीएसए प्रदीप पांडेय का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आख्या मिल रही है, उसी आधार पर शिक्षकों को बहाल किया जा रहा है। अभी इन शिक्षकों की आख्या नहीं आई है, इसलिए बहाली या कार्रवाई नहीं की गई है। आख्या मांगी गई है जल्द आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी। किसी शिक्षकों को आसपास का स्कूल नहीं दिया जाएगा। जो जहां है वहीं रहेगा।




 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, August 6, 2020

उन्नाव : बीआरसी से सर्विस बुक खोने के मामले ने पकड़ा तूल, बीईओ की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराएंगे बीएसए

उन्नाव : बीआरसी से सर्विस बुक खोने के मामले ने पकड़ा तूल, बीईओ की तीन सदस्यीय टीम से जांच कराएंगे बीएसए।

उन्नाव :  बीआरसी (ब्लॉक संसाधन केंद्र) में सर्विस बुक न होने से शिक्षक का नाम राज्य पुरस्कार के लिए न भेजे जाने के मामले ने तूल पकड़ा है। बीएसए अब बीईओ की तीन सदस्यीय टीम गठित कर इसकी जांच कराएंगे। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।





बेसिक स्कूलों में अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को हर साल राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। साल 2020-21 में जिले के पांच शिक्षकों में नवाबगंज ब्लॉक से सोहरामऊ अंग्रेजी स्कूल की शिक्षिका स्नेहिल पांडेय, नानाटीकुर उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षक विनय त्रिपाठी, बिछिया की शिक्षिका रश्मि पांडेय, सिकंदपरपुर सरोसी ब्लॉक से ज्योति नगर क्षेत्र से सुनील गुप्ता ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसमें चार शिक्षकों के नाम तो बीएसए ने भेज दिए थे। जबकि सहायक शिक्षक विनय त्रिपाठी की फाइल में बीईओ (खंड शिक्षाधिकारी) ने बीआरसी पर सर्विस बुक न होने की रिपोर्ट लगाकर बीएसए को फाइल भेजी थी। जिससे उनका आवेदन निरस्त हो गया था। शिक्षक ने बीईओ पर आरोप लगाया था कि उनकी सर्विस बुक वहीं से गायब करा दी गई है। उन्होंने कभी सर्विस बुक ली ही नहीं। उन्होंने बीएसए के साथ डीएम को भी प्रार्थना पत्र देकर इसकी जांच कराने की मांग की थी। जबकि बीईओ का कहना था कि उन्होंने खुद सर्विस बुक बीआरसी से ली है। इसकी हकीकत जानने के लिए अब मामले की जांच होगी। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की सच्चाई जानने के लिए इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, July 30, 2020

कंपोजिट ग्रांट घोटाले में उन्नाव के पूर्व डीएम से पूछताछ

कंपोजिट ग्रांट घोटाले में उन्नाव के पूर्व डीएम से पूछताछ


लखनऊ : बहुचर्चित कंपोजिट ग्रांट घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने उन्नाव के तत्कालीन जिलाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय से लंबी पूछताछ की है। जांच एजेंसी ने कई बिंदुओं पर सवाल-जवाब के दौरान उनके बयान दर्ज किए हैं। घोटाले में आरोपित आईएएस अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय को शासन ने निलंबित कर दिया था।


सूत्रों के मुताबिक पांडव से बाजार में सस्ती दर पर उपलब्ध सामान को महंगी दरों पर खरीदे जाने और नियमों को दरकिनार कर जौनपुर की फर्म को कार्य आवंटित किए जाने सहित कई बिंदुओं पर सवाल किए गए। माना जा रहा है कि ईओडब्ल्यू मामले की जांच रिपोर्ट जल्द शासन को सौंपने की तैयारी में है।

Saturday, July 4, 2020

उन्नाव : दागी शिक्षकों से रिकवरी के लिए बैंक खाता होगा फ्रीज, बीएसए ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को लिखा पत्र

उन्नाव : दागी शिक्षकों से रिकवरी के लिए बैंक खाता होगा फ्रीज, बीएसए ने सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को लिखा पत्र।


उन्नाव : बेसिक शिक्षा विभाग में एक के बाद एक फर्जीवाड़ा खुल रहा है। लेपर्ड व फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे सात शिक्षकों पर अब तक एफआईआर दर्ज हो चुकी है। आरोपितों से नियुक्ति तिथि से लेकर अब तक विभाग द्वारा किए गए भुगतान की बिक्री होगी। नहीं आख्या के आधार पर शुक्रवार को बीएसए ने सहायक वित्त एवं जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। बैंक खाते में डेबिट पर रोक लगाने के लिए खाता फ्रीज किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में बीएड डिग्री धारक शिक्षकों की जांच कर रही आईआईटी व एसटीएफ की जांच में जिले से छह शिक्षक दागी मिले। अभिलेखों में हेराफेरी करके आरोपित जाली अंक प्रमाणपत्र बना सहायक शिक्षक बन गए। फजीवाड़ा पकड़े जाने के बाद इन सभी की गर्दन दबोची गई। एक शिक्षक की डिग्री को एसटीएफ ने जांच में फर्जी पाया। आरापित ने लखनऊ विवि से पढ़ाई की थी। फर्जी अंकपत्र पर नौकरी पा ली। जिस पर एफआईआर दर्ज कराई गई। एक जुलाई को मुख्यालय से मिली रिपोर्ट पर अपर मुख्य सचिव रणुका कुमार ने शिक्षकों से वित्तीय भुगतानों की रिकवरी करने का आदेश किया। बीएसए प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि वेतन व अन्य वित्तीय भुगतानों की रिकवरी के लिए सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी एके मिश्रा को पत्र लिखा गया है। एडीएम वित्त को भी इस बाबत जानकारी दे दी गई है। बचत खाता फ्रीज कराने के लिए बैंक को पत्र लिखा जाएगा। नोटिस का जवाब नहीं तो संपत्ति की कुर्की : सोमवार तक आरोपितों को रिकवरी के लिए नोटिस जारी हो जाएगी। कोई जवाब न मिलने की सूरत में जिला प्रशासन की मदद से संपत्ति कुर्की होगी। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस शीघ्र ही कार्रवाई शुरू करेगी।






एसडीएम व तहसीलदार जांचेंगे शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र।

उन्नाव : बेसिक शिक्षा विभाग में दागी शिक्षकों की तलाश जिला स्तरीय कमेटी के साथ तहसीलवार तीन सदस्यीय टीम भी रहेगी । यह साल 2010 के बाद की नियुक्तियों की जांच होनी है। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के आदेश पर तहसील स्तर पर गणित हुई टीम में एसडीएम, तहसीलदार व ब्लाक के डीईओ खंड शिक्षा अधिकारी होंगे। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद सरकार ने सहायक अध्यापक भर्तियों को लेकर गंभीरता दिखाई है। अपर मुख्य सचिव के आदेशानुसार शैक्षिक दस्तावेजों व नियुक्ति पत्रों की जांच का कार्य जिला मुख्यालय स्तर पर एसडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक व बीएसएफ की संयुक्त निगरानी में होना है। इसमें शासन ने अब तहसील स्तर पर भी टीम बना दी है। इसमें एसडीएम, तहसीलदार व बीईओ होंगे। फर्जी नियुक्तियों को पकड़ने के लिए जाच के कई बिंदु भी निर्धारित किए गए है। वर्तमान में जो शिक्षक विद्यालय में पढ़ा रहे, वह वही है जिनके नाम का चयन हआ है। इसे प्रकाशित कट ऑफ मेरिट सूची से मिलाया जाएगा। कारागार में वेतन सूची से मिलान जाति-निवास प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जाएगा। यही नहीं, ऐसे शिक्षकों की भी जाच होगी, उन्होंने नियुक्ति पत्र रजिस्टर्ड डाक के स्थान पर सीधे प्राप्त किए।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Saturday, April 25, 2020

उन्नाव : ऑनलाइन पढ़ाई के साथ छात्र- छात्राएं सीख रहे योग, महानिदेशक शिक्षा के निर्देश पर आई तेजी

उन्नाव : ऑनलाइन पढ़ाई के साथ छात्र- छात्राएं सीख रहे योग, महानिदेशक शिक्षा के निर्देश पर आई तेजी।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।