DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label एससीईआरटी. Show all posts
Showing posts with label एससीईआरटी. Show all posts

Friday, October 23, 2026

उद्गम पोर्टल पर शिक्षक अपलोड कर सकेंगे नवाचार, SCERT ने जारी की पंजीकरण और सामग्री अपलोड करने की प्रक्रिया

उद्गम पोर्टल पर शिक्षक अपलोड कर सकेंगे नवाचार, SCERT ने जारी की पंजीकरण और सामग्री अपलोड करने की प्रक्रिया

प्रयागराज। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) उत्तर प्रदेश ने शिक्षकों के लिए एक नई प्रक्रिया जारी की है। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक अपने शैक्षिक नवाचारों को उद्गम पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। यह पहल शिक्षकों को अपनी रचनात्मकता साझा करने का अवसर देगी। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए शिक्षकों को वेबसाइट खोलनी होगी।


उन्हें रजिस्टर विकल्प पर क्लिक करके 'साइनअप एस ए टीचर' का चयन करना होगा। फॉर्म में नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी भरनी होगी। पासवर्ड बनाने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा। पंजीकरण पूरा होने पर शिक्षक अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड से पोर्टल में प्रवेश कर सकेंगे। लॉगिन के बाद डैशबोर्ड में 'अपलोड कंटेंट' विकल्प मिलेगा। यहां शिक्षक अपने नवाचारों को अपलोड कर सकते हैं। शिक्षक तीन से पांच मिनट का वीडियो एमपी-चार प्रारूप में अपलोड कर सकते हैं। चित्रों को जेपीजी या पीएनजी प्रारूप में अधिकतम पांच एमबी आकार में अपलोड किया जा सकेगा।

एससीईआरटी ने शिक्षकों को सही जानकारी भरने की सलाह दी है। साथ ही, एक मोबाइल नंबर से एक ही पंजीकरण करने और केवल शैक्षिक नवाचार से संबंधित सामग्री अपलोड करने को कहा है।

Monday, September 28, 2026

कक्षा एक और दो के बच्चे भी सीखेंगे संस्कृत का मौलिक ज्ञान, एससीईआरटी तैयार कर रहा इसके लिए अलग मॉड्यूल

कक्षा एक और दो के बच्चे भी सीखेंगे संस्कृत का मौलिक ज्ञान,  एससीईआरटी तैयार कर रहा इसके लिए अलग मॉड्यूल

बैगलेस डे में होगी पढ़ाई

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक व दो के बच्चों को भी संस्कृत का मौलिक ज्ञान दिया जाएगा। अतिरिक्त कक्षाओं व बैगलेस डे में इन्हें संस्कृत का पढ़ने में कठिनाई न हो। इसके आधारभूत ज्ञान दिया जाएगा जिससे इन्हें कक्षा तीन से विषय के रूप में संस्कृत पढ़ने में कठिनाई न  हो इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने तैयारी पूरी कर ली है।


परिषदीय स्कूलों में कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों को संस्कृत पढ़ाई जाती है। संस्कृत के कठिन पाठ उन्हें समझाने में शिक्षकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में अब कक्षा एक-दो के बच्चों को शैक्षिक सत्र 2027-28 से संस्कृत की समझ विकसित की जाएगी। एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि मौलिक ज्ञान उन्हें मौखिक रूप से पढ़ाया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कक्षा एक-दो के बच्चों को संस्कृत में गिनती, फलों व वस्तुओं के नाम सहित आधारभूत ज्ञान दिया जाएगा। इसका मॉडयूल तैयार कर शिक्षकों को मुहैया कराया जाएगा।

Saturday, September 19, 2026

SCERT तैयार करेगा दो लाख सवालों का प्रश्न बैंक, हर DIET तैयार करेगी दो हजार सवाल, परख, निपुण आकलन और यूनिट टेस्ट की तैयारी में होगा उपयोग

SCERT तैयार करेगा दो लाख सवालों का प्रश्न बैंक, हर DIET तैयार करेगी दो हजार सवाल, परख, निपुण आकलन और यूनिट टेस्ट की तैयारी में होगा उपयोग

हिंदी, गणित, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान व विज्ञान विषयों के होंगे प्रश्न


लखनऊ। प्रदेश में दक्षता आधारित शिक्षण व्यवस्था और बच्चों के आईक्यू स्तर को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) नई पहल कर रहा है। परिषद की ओर से दो लाख सवालों का प्रश्न बैंक तैयार किया जा रहा है। इसे ऑनलाइन ओपन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि छात्र और शिक्षक जरूरत के अनुसार इसका अध्ययन और रिवीजन कर सकें।


प्रदेश में छात्र-छात्राओं के शैक्षिक स्तर के आकलन के लिए समय-समय पर परख, निपुण आकलन, यूनिट टेस्ट समेत विभिन्न परीक्षाएं और सर्वे आयोजित किए जाते हैं। प्रश्न बैंक का उद्देश्य इन आकलनों के लिए पूर्व अभ्यास उपलब्ध कराना और गुणवत्तापूर्ण आकलन व्यवस्था को मजबूत करना है। इसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के सर्वे के पूर्व अभ्यास के साथ डायट की स्थानीय परीक्षाओं में भी किया जा सकेगा।

एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि बच्चों और शिक्षकों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रश्न बैंक तैयार कराया जा रहा है। फिलहाल हिंदी, गणित,अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषयों के सवाल तैयार किए जा रहे हैं।


हर डायट तैयार करेगी दो हजार सवाल : प्रदेश की 70 डायट के माध्यम से कुल दो लाख सवाल तैयार किए जाएंगे। प्रत्येक डायट को दो-दो हजार सवाल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, प्रयोग, तार्किक चिंतन और उच्चतर चिंतन कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी। डॉ. सचान ने बताया कि सवालों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डायट प्रवक्ताओं को सवाल तैयार करने, पियर रिव्यू, विश्लेषण, स्पष्टता और कठिनाई स्तर से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें एआई आधारित सवाल तैयार करने वाले टूल का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रवक्ताओं को प्रक्रिया से परिचित कराने के साथ उनकी शंकाओं का समाधान करना भी है। इससे प्रश्न बैंक को मजबूत बनाने और विद्यालय स्तर तक इसके प्रभावी इस्तेमाल में मदद मिलेगी।


Saturday, August 22, 2026

कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक वीडियो निर्माण हेतु अध्यापकों का आनलाइन पंजीकरण कराने के सम्बन्ध में।

कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक वीडियो निर्माण हेतु अध्यापकों का आनलाइन पंजीकरण कराने के सम्बन्ध में।


Wednesday, August 12, 2026

परख सर्वे की निजी स्कूलों में भी कराई जाएगी तैयारी, SCERT परिणाम सुधार के लिए कर रहा प्रयास जिलों में भी होंगी कार्यशालाएं

परख सर्वे की निजी स्कूलों में भी कराई जाएगी तैयारी, SCERT परिणाम सुधार के लिए कर रहा प्रयास जिलों में भी होंगी कार्यशालाएं


लखनऊ। प्रदेश में परख राष्ट्रीय सर्वे में प्रदर्शन सुधारने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। अगले साल होने वाले सर्वे में राजकीय विद्यालयों के साथ ही निजी स्कूलों का भी मूल्यांकन होगा और उसके अनुसार सुधार के किए जाएंगे।

परख डैशबोर्ड पर 2024 में हुए सर्वे का परिणाम अपलोड कर दिया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से परिणाम में सुधार और आगे की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर दिया गया है। अब निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण में शामिल कर आगे सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जाएगी।


 केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से विभिन्न कक्षाओं में छात्रों की दक्षता को आंकने के लिए हर तीन साल पर यह सर्वे कराया जाता है। प्रदेश में परीक्षा के लिए छात्रों की संख्या व परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया जाता है। फिर परीक्षा परिणाम के औसत के आधार पर प्रदेश का परिणाम तैयार होता है। पिछले साल कक्षा तीन में भाषा में प्रदेश ने 68 व गणित में 64 अंक प्राप्त किए थे।

यह राष्ट्रीय औसत क्रमशः 64 व 60 से अधिक था। ऐसे में विभिन्न मानकों में अन्य कक्षाओं में भी परिणाम को सुधारा जाएगा। छात्रों को ओएमआर शीट पर परीक्षा देने के लिए तैयारी कराई जाएगी। मॉक टेस्ट से तैयारी परखी जाएगी। यही वजह है कि अगले साल होने वाले सर्वे के लिए एससीईआरटी ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत मंडल के बाद जिला स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

Friday, May 29, 2026

परिषदीय विद्यालयों को छोटे-छोटे क्षेत्रों में बांटकर SCERT की टीम करेगी मूल्यांकन

परिषदीय विद्यालयों को छोटे-छोटे क्षेत्रों में बांटकर SCERT की टीम करेगी मूल्यांकन


लखनऊ। शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए परिषदीय विद्यालयों का मूल्यांकन राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) करेगी। विद्यालयों को छोटे-छोटे क्षेत्रों में बांटकर एससीईआरटी की टीम मूल्यांकन करेगी।

परिषदीय विद्यालयों की निपुण आकलन में स्थित काफी बेहतर है। वहीं, इस बार राष्ट्रीय स्तर हुए परख मूल्यांकन में भी कक्षा तीन और छह की स्थिति ठीक रही। इसको और बेहतर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने एससीईआरटी से मूल्यांकन कराने की कार्य योजना तैयारी की है।

निपुण मूल्यांकन की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्था और पढ़ाई के सुधार के लिए प्रयास किया जाएगा। एससीईआरटी की टीम छोटे-छोटे क्षेत्रों में बंटे विद्यालयों का मूल्यांकन कर कमियों की जानकारी करेगी। सुधार के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी देगी।

मूल्यांकन के समय कक्षावार रिपोर्ट को वरीयता दी जाएगी ताकि इसी के आधार पर रेमेडियल कक्षाओं को संचालित कर पठन-पाठन में सुधार किया जा सके। बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परख और निपुण मूल्यांकन में विद्यालयों की स्थिति बेहतर थी। अब एससीईआरटी के मूल्यांकन में विद्यालयों की गुणवत्ता को परखा जाएगा। 




गुणवत्ता सुधार के लिए परिषदीय स्कूलों का होगा क्षेत्रवार मूल्यांकन

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता और बेहतर बनाकर प्रदेश को राष्ट्रीय रैंकिंग में भी और बेहतर स्थान दिलाया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) इसके लिए विद्यालयों को छोटे-छोटे पॉकेट (क्षेत्र) में बांटकर वहां का मूल्यांकन कराएगा।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों की निपुण मूल्यांकन में तो स्थिति काफी बेहतर है। वहीं, इस बार राष्ट्रीय स्तर पर हुए परख मूल्यांकन में भी कक्षा तीन और छह में स्थिति ठीक रही है। किंतु कुछ क्षेत्रों में अभी भी सुधार की काफी गुंजाइश है। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग और एससीईआरटी नई रणनीति पर काम करेंगे। 



कक्षावार मूल्यांकन को मिलेगी तरजीह

विभाग का प्रयास है कि निपुण मूल्यांकन की तर्ज पर विद्यालयों की व्यवस्था और पढ़ाई में सुधार किया जाए। इसके लिए एससीईआरटी की ओर से विद्यालयों को छोटे-छोटे पॉकेट में बांटकर वहां की पढ़ाई की गुणवत्ता का मूल्यांकन कराया जाएगा। इसमें ओवरऑल के साथ-साथ कक्षावार मूल्यांकन को वरीयता दी जाएगी। ताकि इसी के अनुरूप रेमेडियल क्लास या अतिरिक्त सुधार किया जा सके।


विद्यालयों को छोटे-छोटे पॉकेट में बांटने से काफी बारीक स्तर की जानकारी मिल सकेगी। अभी जिला स्तर पर ही सुधार की कवायद चलती है। जबकि जिलों में भी स्कूलों के बीच में पढ़ाई के स्तर में काफी अंतर होता है। नई कवायद से न सिर्फ सुधार की प्रक्रिया आसान होगी। बल्कि परख जैसे राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन की तैयारी भी बेहतर हो सकेगी। - डॉ. पवन सचान, संयुक्त निदेशक, एससीईआरटी