DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label ऑनलाइन. Show all posts
Showing posts with label ऑनलाइन. Show all posts

Tuesday, July 7, 2020

शिक्षा में जारी रहेगा ऑनलाइन मॉडल, बोले उप मुख्यमंत्री

शिक्षा में जारी रहेगा ऑनलाइन मॉडल,  बोले उप मुख्यमंत्री

क्लास रूम का स्थान लेने लगी है डिजिटल टीचिंग: डॉ दिनेश शर्मा


लखनऊ । पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से सोमवार को आयोजित कोविड-19 के दौरान कैसा हो शिक्षा का रोडमैप विषय पर इंटरएक्टिव वर्चुअल कान्फ्रेंस में डिप्टी सीएम दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि क्लासरूम टीचिंग का स्थान अब डिजिटल टीचिंग ने लेना प्रारंभ कर दिया है। हमने बदलते शिक्षा के स्वरूप को स्वीकार किया है। अब छात्र अनुशासित होकर घर से ही ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हालांकि शुरुआत में लगता था कि क्लासरूम टीचिंग का कोई विकल्प नहीं है। मगर अब इसकी राह में आने वाली दिक्कतों को दूर कर लिया गया है। 


उन्होंने कहा कि हिंदी भाषी छात्रों के लिए पाठ्यक्रम का हिंदी में भी कंटेंट उपलब्ध कराया गया है जोकि प्रभा टीवी चैनल पर चल रहा है। अब शीघ्र ही यह पाठ्यक्रम दूरदर्शन पर भी चलाया जाएगा। हालांकि दूरदराज क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता ना होना और नेटवर्क का बाधित होना प्रमुख चुनौती है। इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षा में ऑनलाइन क्लासेज की व्यवस्था भी चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इन सब से भी निपट लिया जाएगा।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन क्लासेज को सुचारू सुगम व सुविधाजनक बनाने के लिए हमारे शिक्षा अधिकारियों व शिक्षकों ने बेहतरीन काम किया। अगर कोविड काल में कक्षाएं शुरू की जाती तो इस पर तमाम पैसा खर्च होता और असुरक्षा भी होती। एक बड़ी समस्या इस दौरान यह भी आई कि अभिभावकों ने कहा कोविड-19 जब हमारे बच्चों ने स्कूल के किसी संसाधन का उपभोग भी नहीं किया तो उसकी फीस भला क्यों दी जाए? 


वहीं दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन की अपनी मजबूरी थी। उनका पक्ष था कि अगर हम फीस नहीं लेंगे तो शिक्षकों को आखिर वेतन कहां से देंगे। इस मसले को सुलझाना भी बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन इसका भी रास्ता निकाला गया। अभिभावकों को यह राहत दी गई कि उनसे वाहन शुल्क नहीं लिया जाएगा और फीस को एक साथ तीन महीने की देने के बजाय वह एक एक महीने की दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा का जब मैंने चार्ज लिया तो सत्र अनियमित थे, नकल व्यवसाय के रूप में बढ़ रही थी। परीक्षाएं डेढ़ -डेढ़ माह तक चलती थी, लेकिन हमने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके नकल विहीन परीक्षा कराई। इक्कीस दिन में दो करोड़ 82 लाख कापियां जांची गई। यह चुनौती हमने स्वीकार की।


परीक्षाएं अब 12 से 15 दिन में ही होने लगी हैं। इससे संसाधनों का उपभोग भी कम हुआ। इस दौरान एडीशनल चीफ सेक्रेट्री आफ सेकेंडरी एजुकेशन आराधना शुक्ला, एडीशनल चीफ सेक्रेट्री आफ हायर एजुकेशन मोनिका एस गर्ग ने भी अपने विचार रखे। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के डॉक्टर के के अग्रवाल ने भी भविष्य में शिक्षा का स्वरूप कैसा हो को लेकर अपना सुझाव दिया। प्रोफेसर हिमांशु राय, अशोक गांगुली, मार्टीन बेस्ट, शरद जयपुरिया, अरविंद मोहन, सुनाली रोहरा व मसूद हक इत्यादि विशेषज्ञों ने भी शिक्षा के ऑनलाइन स्वरूप की वकालत की।

फतेहपुर : प्रमोशन की आस में थक गईं आखें, शिक्षकों में रोष, 2010 के बाद सेवा में आए शिक्षकों का प्रमोशन नहीं

फतेहपुर : प्रमोशन की आस में थक गईं आखें, शिक्षकों में रोष, 2010 के बाद सेवा में आए शिक्षकों का प्रमोशन नहीं।

फतेहपुर : जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। एक दशक से अधिक की सेवा के बाद भी जिले में प्राथमिक सहायक शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर दूसरे जिलों में कहीं तीन वर्ष तो कहीं पांच वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति होने से शिक्षकों की कुंठा बढ़ती जा रही है। कोर्ट एवं सरकारी आदेशों के बाद लंबित पदोन्नति प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। गत विधानसभा चुनाव के पहले से ही अपने प्रमोशन की मांग कर रहे बेसिक शिक्षकों ने अपने प्रमोशन के लिए पहले चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने का इंतजार किया। कई माह पूर्व प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों का प्रमोशन होने के बाद उम्मीद जगी थी कि विभाग जल्द ही प्राथमिक स्कूलों के सहायक शिक्षकों का भी प्रमोशन कर देगा। इसके लिए विभाग ने गत तीस दिसंबर को पहल भी कर दी थी। विभाग ने ब्लाकवार वरिष्ठता सूची को पुनः परीक्षणोपरांत मुख्यालय भेजने के आदेश दिए थे। ब्लॉकों में वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप भी दिया जा चुका था। इसके बाद चुनाव की रणभेरी बज गई। चुनाव खत्म होने के बाद फिर से पदोन्नति की मांग उठी तो विभाग ने वार्षिक परीक्षा एवं अन्य कामों पर अमल शुरू कर दिया। कई जिलों में शिक्षकों को जहां तीन वर्ष की सेवा में ही पदोन्नति का लाभ मिल गया वहीं दूसरी ओर इस जिले में फरवरी 2010 के बाद सेवा में आए प्राथमिक सहायक शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं दिया गया है। इससे शिक्षकों में काफी रोष है।






शिक्षकों में रोष : फरवरी 2010 के बाद सेवा में आए शिक्षकों का प्रमोशन नहीं, प्रमोशन न होने से परिषदीय प्राथमिक शिक्षकों में रोष।

कोर्ट एवं विभागीय आदेशों से भी बाधा : पदोन्नति को लेकर कई तरह के पेंच भी सामने आए। कभी टीईटी की अनिवार्यता को लेकर पेंच फंसा तो कभी समायोजन के बाद पदोन्नति करने जैसे फैसलों ने बाधा पहुंचाई। हाल ही में फिर से कई जिलों में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने के बाद जिले के शिक्षकों ने भी प्रमोशन की मांग की है।

अन्तर्जनपदीय तबादले से होगा नुकसान :  यदि विभाग आने वाले समय में शिक्षकों का अंतर्जनपदीय तबादला करता है तो पदोन्नति के बगैर तबादला लेने वाले शिक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित हो जाएगी। वह नवीन जनपद में जूनियर माने जाएंगे।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

फतेहपुर : ऑनलाइन योग क्विज प्रतियोगिता के आयोजन के सम्बन्ध में

फतेहपुर : ऑनलाइन योग क्विज प्रतियोगिता के आयोजन के सम्बन्ध में।







 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Friday, July 3, 2020

माध्यमिक व बेसिक के 75 प्रतिशत बच्चे से रहे दूर, गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा रही बेमकसद

माध्यमिक व बेसिक के 75 प्रतिशत बच्चे से रहे दूर, गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा रही बेमकसद


गांवों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा साबित हो रही बेमकसद बेसिक में 25 प्रतिशत, माध्यमिक में 30 फीसद बच्चे ही ले रहे लाभ


फ़तेहपुर : कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन के दौर में बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई गई कि छात्र छात्राओं की शिक्षा प्रभावित न हो सके।लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई का सच जमीनी हकीकत से दूर है। अभी तक नासिक में 75 प्रतिशत तो माध्यमिक में 70 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। 


खासकर ग्रामीणांचलों में स्थित विद्यालयों के बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा बेमकसद साबित हो रही है। इसका कारण है कि अधिकांश बच्चों के अभिभावकों के पास न ही एडायड फोन हैं और जहां मोबाइल हैं भी वहां गांवों में नेटवर्किंग की समस्या है। 


ऐसे अव्यवस्थाएं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बच्चों का ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक समेत अन्य ऐपों के माध्यम से ग्रुप बनाकरबच्चों को जोड़ा गया। विद्यालयों के कक्षाध्यापकों को जिम्मेदारी दी गई कि वह अपने कक्षा के सभी बच्चों को ग्रुप में जोड़ कर प्रतिदिन निर्धारित समय में शिक्षण सामग्री प्रेषित करेंगे और उनके द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का जवाब भी देंगे। 

Thursday, July 2, 2020

फतेहपुर : मानव सम्पदा पर विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मियों का सेवा विवरण ऑनलाइन अपलोड किए जाने के सम्बन्ध में

फतेहपुर : मानव सम्पदा पर विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मियों का सेवा विवरण ऑनलाइन अपलोड किए जाने के सम्बन्ध में।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

MHRD : इस महीने ऑनलाइन ही चलेगी पाठशाला शोधकर्ता व शिक्षक घर से ही करेंगे काम

MHRD : इस महीने ऑनलाइन ही चलेगी पाठशाला शोधकर्ता व शिक्षक घर से ही करेंगे काम


नई दिल्ली। सरकार ने सभी शिक्षण संस्थान को 31 जुलाई तक बंद रखने का फैसला लिया है। इसे देखते हुए उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे ने अनलॉक-2 आदेश के तहत सभी राज्यों, यूजीसी, एआईसीटीई, एनटीए सहित सभी अधीनस्थ विभागों को पत्र लिखा है। इसके तहत इस अवधि में ऑनलाइन क्लास होगी। इसके अलावा शोधकर्ता, शिक्षक व कर्मी घर से काम करेंगे। 



घर से काम करने वाले एडहॉक शिक्षकों और अन्य कर्मियों को ड्यूटी पर माना जाएगा। अमित खरे ने लिखा है कि संस्थान बंद रहने के कारण स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय ऑनलाइन क्लास लेते रहेंगे। अन्य गाइडलाइन पूर्ववत रहेंगी। नियम का पालन करते हुए सभी छात्रों और शिक्षकों को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा