बीएलओ की मौतों पर भड़के यूपी के शिक्षक, बोले- हमारा काम केवल पढ़ाना
01 दिसम्बर 2025
लखनऊः विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में तैनात कई बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) की मौत के बाद पूरे प्रदेश में शिक्षक संगठनों में आक्रोश है। संगठनों का कहना है कि शिक्षकों का मूल कार्य बच्चों को पढ़ाना है, लेकिन प्रशासन उन्हें जबरन निर्वाचन संबंधी कठिन और दबाव भरे कामों में लगा रहा है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। कई शिक्षकों को पहली बार यह जिम्मेदारी मिली है। तकनीकी दिक्कतों, जनसहयोग की कमी और लक्ष्य पूरा न होने पर दिए जा रहे दंडात्मक निर्देशों के कारण वे भारी तनाव में हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि मौजूदा हालात शिक्षक समाज में भय और असुरक्षा पैदा कर रहे हैं। यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। संगठन ने मांग की है कि मृत शिक्षकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिजन को सरकारी नौकरी, माता पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा और बच्चों की निश्शुल्क शिक्षा दी जाए। 10 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं और उसके बाद निपुण आकलन होना है। ऐसे में विद्यालयों में स्टाफ की कमी से परीक्षाएं प्रभावित होंगी। इसलिए सभी शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से तुरंत मुक्त किया जाए।
कहा- स्कूलों में प्रभावित हो रही पढ़ाई, बच्चों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
दिवंगत बीएलओ के परिजनों को नौकरी और 50 लाख मुआवजा देने की मांग
27 नवंबर 2025
लखनऊ। शिक्षक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर बीएलओ के आत्महत्या के मामलों पर चिंता जताई है। संगठनों का कहना है कि काम के दबाव के चलते बीएलओ विपरीत कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। इससे शिक्षकों में भी भय व्याप्त है। संगठनों ने सीएम से शिक्षकों को बीएलओ की ड्यूटी से हटाने की मांग की है। साथ ही काम का तनावमुक्त माहौल बनाने की मांग उठाई है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी व महामंत्री उमाशंकर सिंह ने सीएम को पत्र भेजकर यह मांग उठाई है। इसमें उन्होंने कहा है कि शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी लगने से परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम में भी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य लिए जाने पर स्पष्ट रोक है। परिषदीय स्कूलों में 10 दिसंबर से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं ऐसे में इस समय बच्चों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उप्र बीटीसी शिक्षक संघ ने बीएलओ पर अधिकारियों द्वारा दबाव बनाने का आरोप लगाया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने मांग की दिवंगत बीएलओ के परिजनों को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग दिया जाए।
साथ ही एसआईआर के काम का समय बढ़े और बीएलओ के सहयोग के लिए दो अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। अनिल ने कहा, जिन अधिकारियों दबाव के चलते बीएलओ विपरीत कदम उठाने को मजबूर हुए हैं उसकी जांच कराके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
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