देशभर के सभी स्कूलों में बनेंगे चुनावी साक्षरता क्लब, चुनावी प्रक्रिया को लेकर फैलाए जाने वाले दुष्प्रचार से निपटने के लिए चुनाव आयोग की मुहिम
दिसंबर तक हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 10 ऐसे क्लबों को सक्रिय करने का लक्ष्य
नई दिल्ली । इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) सहित देश की चुनावी प्रक्रिया को लेकर फैलाए जाने वाले दुष्प्रचार से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने अब नई पीढ़ी को इन चुनावी प्रक्रियाओं से जोड़ने और समझाने की एक मुहिम शुरू की है। इसके तहत देशभर के प्रत्येक स्कूल, कालेज व विश्वविद्यालय में अब एक चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी) स्थापित होगा। जहां छात्रों को ईवीएम के कामकाज सहित मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया, मतगणना की प्रक्रिया आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। जल्द ही आयोग इसके लिए एक पाठ्यक्रम भी जारी करेगा। इसकी तैयारी जोरों पर है।
इस मुहिम के तहत देश के 14.71 लाख स्कूलों, करीब 70 हजार उच्च शिक्षण संस्थानों और 1420 निजी व सरकारी विश्वविद्यालयों तक चुनावी साक्षरता क्लब खोलने की योजना बनाई है। इस साल के अंत यानी दिसंबर तक देश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 10 सक्रिय क्लब शुरू करने की योजना है। देश में मौजूदा समय में 4,123 विधानसभा क्षेत्र हैं। ऐसे में 41 हजार से अधिक क्लब इस साल के अंत तक सक्रिय हो जाएंगे। प्रत्येक क्लब में सदस्यों की संख्या करीब 25 होगी। ऐसे में इस मुहिम के जरिए इस साल 10 लाख से अधिक छात्रों को जोड़ने की योजना है। आयोग इस मुहिम को राज्यों के साथ मिलकर तेजी से आगे बढ़ाने में जुटा है।
इस पूरी मुहिम की कमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने खुद ही संभाली है। उन्होंने इसे लेकर राज्यों का दौरा भी शुरू कर दिया है। दिसंबर तक उनकी सभी 36 राज्यों तक पहुंचने की तैयारी है। इस कड़ी में सोमवार को वह उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। उसके बाद वह तमिलनाडु, गोवा व गुजरात जाएंगे। इन दौरों के दौरान वह राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कालेजों व स्कूलों के प्राचार्यों के साथ करीब छह-सात सौ छात्रों की एक कांफ्रेंस में हिस्सा लेते हैं।
स्कूल के क्लब में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चे शामिल होंगे। प्रत्येक कक्षा के प्रत्येक सेक्शन से दो-दो बच्चे (एक छात्र व एक छात्रा) चयनित होंगे। इसका चयन क्लास टीचर करेंगे। क्लब के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चयन चयनित छात्रों के बीच चुनाव के जरिए होगा। कालेज व विश्वविद्यालय स्तर पर क्लब में भी प्रत्येक स्ट्रीम में एक सेक्शन से दो-दो छात्र चयनित होंगे। इन सभी का चयन एक शैक्षणिक सत्र के लिए होगा। यह क्लब चुनावी साक्षरता के अपने तय पाठ्यक्रम के मुताबिक हफ्ते में एक दिन करीब एक घंटे के लिए एक्टिविटी आयोजित करेगा।
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