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Wednesday, June 4, 2025

वर्ष 2025-26 में इन्स्पायर अवार्ड मानक योजनार्न्तगत छात्र/छात्राओं के ऑनलाइन नामांकन के संबंध में

इंस्पायर अवार्ड योजना में छह से 12 वीं के बच्चे पात्र


लखनऊ । अब इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को नवाचारी वैज्ञानिक विचारों के नामांकन का मौका मिलेगा। इससे अधिक से अधिक छात्र छात्राएं नामांकन करेंगे। अभी तक इस योजना के लिये कक्षा छह से 10 के बच्चे ही पात्र थे। केन्द्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान ने यह कदम उठाया गया है। यूपी बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के कक्षा छह से 12 वीं तक के बच्चे इस योजना के लिये पात्र होंगे।


वर्ष 2025-26 में इन्स्पायर अवार्ड मानक योजनार्न्तगत छात्र/छात्राओं के ऑनलाइन नामांकन के संबंध में







इन्स्पायर अवार्ड मानक योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में सर्वोत्तम नवीन तकनीकी/नवाचारों को नामित किये जाने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश
 


Tuesday, November 26, 2024

One Nation One Subscription: वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन योजन को मंजूरी, डेढ़ करोड़ छात्रों को मिलेगा लाभ; विस्तार से जानिए क्या है ये योजना

वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन योजन को मंजूरी, डेढ़ करोड़ छात्रों को मिलेगा लाभ; विस्तार से जानिए क्या है ये योजना


केंद्र सरकार ने देशभर के छात्रों को बड़ी सौगात दी है। सोमवार को केंद्रीय कैबिनेट ने वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन स्कीम को हरी झंडी दे दी है। मोदी सरकार आने वाले तीन सालों में छह हजार करोड़ रुपये इस योजना पर खर्च करेगी। अटल इनोवेशन मिशन के नए चरण को भी मंजूरी दी गई है। वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन स्कीम से शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाएगा।


🔴  इनोवेशन की राह से हटेंगी भाषाई दिक्कतें।
🔴  अटल इनोवेशन मिशन का नया चरण शुरू।
🔴  देश में 30 नए इनोवेशन सेंटर होंगे स्थापित।


नई दिल्ली। सरकार ने शोध और इनोवेशन को रफ्तार देने के लिए दो और नई घोषणाएं की हैं। इनमें पहला छात्रों-शिक्षकों तक दुनियाभर के शोध पत्रों और जर्नल की पहुंच को आसान बनाने के लिए वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन स्कीम है। इसके चलते छात्रों को अब दुनियाभर के शोध पत्रों और जर्नल की तलाश के लिए भटकना नहीं होगा, बल्कि उन्हें यह सारा कुछ एक जगह पर ही मिल जाएगा। इस स्कीम पर अगले तीन सालों में छह हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।


अटल इनोवेशन मिशन का नया चरण शुरू
दूसरा बड़ा एलान अटल इनोवेशन मिशन के नए चरण को शुरू करने को लेकर है। इसके तहत 30 ऐसे नए इनोवेशन सेंटर स्थापित होंगे, जिसमें भाषा का कोई बंधन नहीं होगा। यानी कोई भी छात्र यहां स्थानीय भाषा में भी काम कर सकेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन दोनों पहलों से छात्रों और युवाओं को शोध व इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।


शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाएगा
उन्होंने बताया कि वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन स्कीम से देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों और शोध संस्थानों को जोड़ा जाएगा। इस स्कीम के तहत उन्हें दुनियाभर के सभी शोध पत्र व जर्नल मुहैया कराए जाएंगे। इसमें कुल 30 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पत्रिका प्रकाशकों को शामिल किया गया है। इन प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित लगभग 13,000 ई-पत्रिकाएं अब 6,300 से अधिक सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों व केंद्र सरकार के अनुसंधान एवं विकास संस्थानों के लिए सुलभ होंगी।


अटल इनोवेशन मिशन पर खर्च होंगे 2,750 करोड़
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने इसके साथ ही अटल इनोवेशन मिशन के नए चरण को भी शुरू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत देश में 30 नए ऐसे इनोवेशन सेंटर खोले जाएंगे, जहां किसी भी स्थानीय भाषा के छात्र आकर इनोवेशन से जुड़ा काम कर सकते हैं। इस मिशन पर सरकार 2,750 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर व पूर्वोत्तर के राज्यों में भी करीब एक हजार नए इनोवेशन लैब स्थापित किए जाएंगे। इस मिशन के तहत इनोवेशन की ब्रांडिंग भी की जाएगी।

Saturday, November 2, 2024

PRAYAS: स्कूलों में शोध व इनोवेशन के फूटने लगे अंकुर, स्कूली स्तर पर बड़ी संख्या में छात्र शोध व इनोवेशन के अपने नजरिए के साथ आगे आ रहे

PRAYAS: स्कूलों में शोध व इनोवेशन के फूटने लगे अंकुर, स्कूली स्तर पर बड़ी संख्या में छात्र शोध व इनोवेशन के अपने नजरिए के साथ आगे आ रहे
 

नई दिल्ली: स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी अब शोध और इनोवेशन के सपने देख रहे हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के बाद स्कूली स्तर पर यह संभव होते दिख रहा है।

बच्चों को स्कूली स्तर से शोध व इनोवेशन से जोड़ने पर जोर दिया गया है ताकि देश में इसे लेकर बेहतर माहौल बन सके। इसे साकार करने के लिए देशभर में प्रयास (प्रमोशन आफ रिसर्च एट्टीट्यूड एमंग यंग एंड एस्पायरिंग स्टूडेंट) कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसके तहत स्कूली स्तर पर बड़ी संख्या में छात्र शोध व इनोवेशन के अपने नजरिए के साथ आगे आ रहे हैं। इस साल भी स्कूली छात्रों के 400 से अधिक प्रोजेक्ट मानकों पर खरे उतरे हैं।


प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक के छात्र हिस्सा ले सकते हैं। इस दौरान जिन छात्रों के प्रोजेक्ट मानकों पर खरे उतरते हैं, उन्हें आगे के शोध कार्य के लिए 50 हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाती है। इसमें से 10 हजार रुपये छात्र के होते हैं। दो छात्रों ने मिलकर प्रोजेक्ट दिया है तो प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये मिलेंगे। वहीं 20 हजार रुपये स्कूल के होते हैं, जो छात्रों को शोध के प्रेरित कर उनकी मदद करते हैं। बाकी के 20 हजार रुपये उच्च शिक्षण संस्थान के होते हैं, जहां छात्र आगे का शोध कार्य करता है।


अंतरिक्ष में खोज से लेकर वाहनों की फास्ट चार्जिंग जैसे प्रोजेक्ट

छात्रों ने जिन शोध व इनोवेशन से जुड़े प्रोजेक्ट को इस साल शार्टलिस्ट किया किया गया है, उनमें अंतरिक्ष से जुड़े शोध से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों की फास्ट चार्जिंग जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके साथ ही वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, बाढ़ जैसे आम जनजीवन से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए भी बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रोजेक्ट पेश किए है। स्कूलों ने अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर भी शोध प्रोजेक्ट दिए हैं।

Monday, June 3, 2024

केंद्रीय विद्यालयों में अब यूथ पार्लियामेंट और ई-क्लासरूम पर रहेगा जोर, पढ़ाई में तकनीक और नवाचार का और अधिक होगा उपयोग

केंद्रीय विद्यालयों  में अब यूथ पार्लियामेंट और ई-क्लासरूम पर रहेगा जोर, पढ़ाई में तकनीक और नवाचार का और अधिक होगा उपयोग


लखनऊ। केंद्रीय विद्यालय संगठन के विद्यालय आने वाले समय में पढ़ाई में तकनीक और नवाचार का और अधिक उपयोग करेंगे। निरालानगर स्थित होटल में चल रहे केंद्रीय विद्यालय संगठन लखनऊ संभाग के तीन दिवसीय वार्षिक प्राचार्य सम्मेलन के दौरान सहायक आयुक्त विजय कुमार ने यह जानकारी दी।


विजय कुमार ने सभी केंद्रीय विद्यालयों को अपनी वेबसाइट अपडेट करने के साथ ही तकनीक आधारित शिक्षा के तहत ई क्लासरूम को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके साथ ही यूथ पार्लियामेंट, ग्रीन स्कूल, विद्यांजलि, तरुण-उत्सव तथा प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों को भी नियमित रूप से आयोजित करने के लिए कहा। 


नई दिल्ली के सहायक आयुक्त मनोज कुमार पांडेय ने पीएमश्री योजना और उसके प्रयोग के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लखनऊ संभाग के 32 केंद्रीय विद्यालयों को पीएमश्री योजना में सम्मिलित किया गया है। पीएमश्री विद्यालय सभी विद्यालयों के लिए एक आदर्श स्कूल के रूप में स्थापित किए जाने हैं। यहां पर बच्चों के लिए अच्छे संसाधन के साथ ही प्रशिक्षित अध्यापक होंगे। लखनऊ संभाग की सहायक आयुक्त महोदय अर्चना जायसवाल ने विषय-वार एवं विद्यालय-वार परीक्षा परिणाम पर विस्तार पूर्वक चर्चा की। 

Wednesday, March 13, 2024

राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पुरस्कृत छात्रों के नवाचार का कराया जाएगा पेटेंट

राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पुरस्कृत छात्रों के नवाचार का कराया जाएगा पेटेंट

राज्य परियोजना निदेशालय की नई पहल, 26 जिलों को भेजा पत्र

लखनऊ। प्रदेश में नवाचार व स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अब माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर भी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में पुरस्कृत नवाचारों का जिला प्रशासन के सहयोग से पेटेंट कराया जाएगा।


प्रदेश में कक्षा नौ से 12 के विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए नवाचार आधारित मॉडल का विज्ञान प्रदर्शनी में प्रदर्शन किया जाता है। विद्यालय स्तर पर चयनित मॉडल का जिला, जिला में सर्वश्रेष्ठ एक-एक मॉडल का मंडल स्तर पर प्रदर्शित किया जाता है। इसमें से जूनियर व सीनियर वर्ग के एक-एक सर्वश्रेष्ठ मॉडल राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में जनवरी में लखनऊ में प्रस्तुत किया गया। 


राज्य परियोजना निदेशालय ने इस प्रदर्शनी में प्रस्तुत नए मॉडल को आगे बढ़ाने व मूल विचार का पेटेंट कराने के लिए संबंधित 26 जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने कहा है कि जिन मॉडल की उपयोगिता व आगे बढ़ाने की संभावना है, उनके मूल विचारों को पेटेंट कराने की प्रक्रिया की जाए।


बता दें कि अभी तक आम तौर पर स्नातक स्तर या उससे ऊपर के विद्यार्थियों के ही नवाचारों को पेटेंट कराने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसमें संबंधित संस्थान भी सहयोग करते हैं। राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से यह पहली बार है कि इंटर स्तर के विद्यार्थियों को भी नवाचार के तरफ प्रेरित करने के लिए यह प्रयास शुरू किया जा रहा है।

Wednesday, October 18, 2023

बनेगी नवाचार सेल, वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए CBSE स्कूलों में होगा गठन

बनेगी नवाचार सेल, वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए CBSE स्कूलों में होगा गठन



लखनऊ। हर छात्र के पास दिमाग होता है और उनके दिमाग में कई आइडिया आते हैं। ऐसे ही आइडिया को धरातल पर उतारे और बच्चों में वैज्ञानिक सोच का विस्तार करने लिए सभी विद्यालयों में स्कूल इनोवेशन यानी नवाचार सेल (एसआईसी) का गठन किया जाएगा। 


अभी तक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्तर पर इनोवेशन सेल बनायी जा रही थीं लेकिन अब स्कूलों में इनोवेशन सेल बनने से न सिर्फ नए आइडिया सामने आएंगे बल्कि छात्र- छात्राओं की सोच का विकास भी होगा ।


 केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में एसआईसी गठन का सर्कुलर जारी कर दिया गया है। छात्र-छात्राओं की शुरुआती सोच को बड़ा मंच और आकार देने के उद्देश्य से एसआईसी का गठन किया जा रहा है। बोर्ड की इस पहल से देश भर के नए-नए आइडिया सामने आएंगे।


बढ़ेगी बच्चों की सोच और स्कूलों को क्रेडिट अंक

एसआईसी के गठन से बच्चों की सोच का दायरा बढ़ेगा।  अभी तक कुछ स्कूलों में इनोवेशन पर काम हो रहा था लेकिन बोर्ड के एसआईसी गठन के निर्णय से इनोवेशन को मजबूती मिलेगी। एक्टिविटी कराने वाले विद्यालयों को स्कूल इनोवेशन क्रेडिट अंक भी मिलेंगे। स्टार रेटिंग भी दी जाएगी।



CBSE स्कूलों में गठित होगी इनोवेशन सेल, नवाचार को लगेंगे पंख


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में स्कूल इनोवेशन सेल गठित की जाएगी। विद्यार्थियों के नवाचार को बढ़ावा देने और उनके अंदर वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से सीबीएसई ने यह पहल की है। 


इसको लेकर बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश भेज दिया है। इससे जहां विद्यार्थियों के नए-नए आइडिया को मंच मिलेगा, वहीं नवाचार को पेटेंट कराने की राह भी आसान होगी। बोर्ड के निर्देश के बाद से ही यूपी के सभी स्कूलों में सेल गठित करने की कवायद शुरू हो गई है।


स्कूल इनोवेशन सेल के अंतर्गत समय-समय पर स्कूलों में गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इसके लिए पूरे साल का एक कैलेंडर बनाया गया है। गतिविधियां आयोजित करने वाली स्कूल इनोवेशन सेल को छात्र-छात्राओं में उद्यमिता विकसित करने के लिए सीबीएसई की यह सकारात्मक पहल है। इससे जहां विद्यार्थियों के अंदर नए-नए नवाचार करने की भावना विकसित होगी, वहीं उन्हें आगे बढ़ने का भी अवसर उपलब्ध होगा। विद्यालयीय स्तर पर बोर्ड द्वारा इस तरह की पहली बार पहल की जा रही है।


क्रेडिट अंक भी दिए जाएंगे। क्रेडिट प्वाइंट से बड़े पैमाने पर स्टार रेटिंग मिलेगी। उच्च स्टार रेटिंग वाली सेल को शीर्ष रूप में स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा स्टार्टअप से जुड़ीं गतिविधियां भी स्कूलों में आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा स्कूलों में इनोवेशन वाल का भी गठन होगा ।