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Thursday, August 6, 2026

पीएम श्री स्कूलों में बजट तो बढ़ा लेकिन छात्रों का रूझान नहीं

पीएम श्री स्कूलों में बजट तो बढ़ा लेकिन छात्रों का रूझान नहीं


प्रयागराजः पीएम श्री योजना के तहत देशभर के 14500 से अधिक सरकारी स्कूलों को माडल स्कूलों के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रति स्कूल दो करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। प्रयागराज में इस योजना के तहत 43 स्कूल चयनित हैं, लेकिन सुविधाओं के बावजूद इन स्कूलों में छात्र संख्या में कमी देखी जा रही है।


सत्र 2025-26 में कुल 11773 पंजीयन हुए थे, जबकि सत्र 2026-27 में यह आंकड़ा घटकर 10417 रह गया है। पीएम श्री स्कूलों में स्मार्ट कक्षा, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा, पर्यावरण अनुकूल उपायों के तहत सोलर पैनल, एलईडी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पोषण वाटिका भी विकसित की जा रही हैं। हालांकि, इन सभी प्रयासों के बावजूद छात्र संख्या में वृद्धि नहीं हो रही है। पीएम श्री पीएस पट्टीनाथ राय में पिछले सत्र में 202 छात्रों का पंजीयन हुआ था, जबकि इस बार केवल 127 नामांकन हुए। पीएम श्री कंपोजिट स्कूल उपरदहा में 425 विद्यार्थियों के सापेक्ष सिर्फ 233 पंजीयन हुए हैं। धनुपुर विकासखंड के पीएम श्री कंपोजिट स्कूल यासीनपुर में 398 के सापेक्ष 317 और जारौन में 271 के सापेक्ष 220 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।

चाका के पीएम श्री कंपोजिट स्कूल उबारी में 400 के सापेक्ष 378 और बहरिया के पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय महपुरा में 154 के सापेक्ष 128 नए नामांकन हुए हैं। बहादुरपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय पीएम श्री कंपोजिट स्कूल रितैया में पिछले सत्र में 365 छात्रों का पंजीकरण था, जो इस बार 336 पर सीमित रह गया। पीएमश्री पीएस रामपुर में भी पंजीयन का आंकड़ा पिछले सत्र को पार नहीं कर पाया है। सिर्फ 133 नए नामांकन हुए हैं। यही हाल पीएमश्री कंपोजिट स्कूल सराय लहुरी का है, यहां 207 पंजीयन हुआ। जो पिछले सत्र की तुलना में 50 कम है। 

पीएमश्री कंपोजिट स्कूल भगवतपुर, पीएमश्री कंपोजिट स्कूल जनका, पीएमश्री प्राथमिक विद्यालय बालिका सिरसा, पीएमश्री पीएस छतवा जैसे अन्य स्कूलों में भी छात्र संख्या पिछले सत्र के आंकड़े को नहीं पार कर सकी है। बीएसए अनिल कुमार का कहना है कि सितंबर तक विद्यार्थियों का पंजीयन जारी रहेगा। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षक स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं। कुछ स्कूलों ने पिछले सत्र के आंकड़े को पार कर लिया है, जिनमें पीएम श्री पीएस सोरांव प्रथम, पीएम श्री कंपोजिट स्कूल रमईपुर, और पीएम श्री कंपोजिट स्कूल निकदलपुर, पीएमश्री कंपोजिट स्कूल तातारगंज जैसे विद्यालय शामिल हैं।

Sunday, October 12, 2025

पीएम श्री विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाले और 5 किलोमीटर से दूर रहने वाले छात्रों को प्रतिवर्ष मिलेगा ₹6000 परिवहन शुल्क

विद्यार्थियों को नवंबर में मिल जाएगा वार्षिक परिवहन शुल्क, पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ने वाले और 5 किलोमीटर से दूर रहने वाले छात्रों को प्रतिवर्ष मिलेगा ₹6000 परिवहन शुल्क


प्रयागराज : प्रदेश में संचालित पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। जो छात्र-छात्राएं विद्यालय से पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर रहते हैं, उन्हें परिवहन शुल्क देने की तैयारी है। प्रत्येक विद्यार्थी को 6000 रुपये प्रति वर्ष दिए जाएंगे। बीते जुलाई में प्रदेश सरकार ने इसकी घोषणा की थी। अब यह वार्षिक शुल्क नवंबर में कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों को दी जाएगी। 


समग्र शिक्षा माध्यमिक राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जिलों को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि विद्यालयों से सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी को चिह्नित करें। यह प्रक्रिया हर हाल में अक्टूबर मध्य तक पूरी कर लेनी है।


स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति व ठहराव बढ़ाने के लिए शासन स्तर से परिवहन शुल्क देने की शुरुआत की जा रही है। पहले चरण में प्रदेश के 145 स्कूलों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि सुदूर क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित करें। विद्यार्थियों से दूरी संबंधी प्रमाणपत्र लेकर उन्हें सत्यापित करें। चयनित छात्र-छात्राओं का बैंक खाता, आइएफएससी सहित जो आधार से लिंक हो का विवरण भी लेना होगा।

Friday, August 22, 2025

पीएमश्री विद्यालयों के छात्रों को पढ़ाएंगे IIT के शिक्षक, माध्यमिक शिक्षा विभाग की नई पहल, चलेगी ऑनलाइन क्लास

पीएमश्री विद्यालयों के छात्रों को पढ़ाएंगे IIT के शिक्षक, माध्यमिक शिक्षा विभाग की नई पहल, चलेगी ऑनलाइन क्लास


लखनऊ। प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों के छात्रों को अब आईआईटी के शिक्षक व शोधार्थी अत्याधुनिक क्षेत्र में दक्ष बनाएंगे। समग्र शिक्षा के तहत इसकी आईटीआई कानपुर के साथ शुरुआत होगी। इसमें विशेषज्ञ छात्रों की ऑनलाइन क्लास लेंगे। यह क्लास इंटरैक्टिव (परस्पर संवादात्मक) होगी। छात्र विशेषज्ञों से सवाल भी पूछ सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग की छात्रों के लिए यह नई पहल है।


आईआईटी कानपुर के कुछ शिक्षकों ने ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को गणित, फिजिक्स व केमेस्ट्री में पारंगत बनाने के लिए पिछले दिनों रंजीत सिंह रोजी शिक्षा केंद्र की शुरुआत की थी। इसमें विभिन्न माध्यमों से बच्चों को जोड़कर ऑनलाइन क्लास चलाई थी। इसका पायलट प्रोजेक्ट श्रीराम जानकी इंटर कॉलेज बिठूर कानपुर में चलाया गया। इससे बोर्ड परिणाम में काफी सुधार हुआ। ऑनलाइन रूरल एजुकेशन इनीसिएटिव (ओरी) के तहत कुछ प्रदेशों में भी यह प्रयोग हुआ है।

अब समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश के सभी 145 पीएमश्री विद्यालयों में इसे लागू करने की तैयारी है। इसमें न सिर्फ छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा, बल्कि इसका वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी सहयोग भी दिया जाएगा। इसमें साइंस किट के माध्यम से छात्रों को प्रैक्टिकल जानकारी देंगे। ओरी में आईआईटी के वर्तमान शिक्षकों के साथ शोधार्थी व मास्टर डिग्री के छात्र भी कक्षाएं लेंगे। अब तक इस प्लेटफार्म से 50 से ज्यादा शिक्षक व शोधार्थी जुड़ चुके हैं।


कर सकेंगे सवाल-जवाब

हर एक प्रमुख चैप्टर को काफी विस्तार से अलग से जानकारी देगा। इसमें लगे क्यूआर कोड को स्कैन करके वीडियो व प्रिंट माध्यम से छात्र आसानी से पाठ को समझ सकेंगे। सामान्य क्लास की तरह छात्र सवाल जवाब कर सकेंगे।

Friday, July 11, 2025

हर 5 से 10 किमी के दायरे में होंगे पीएम-श्री जैसे स्कूल

हर 5 से 10 किमी के दायरे में होंगे पीएम-श्री जैसे स्कूल

पीएम-श्री स्कूलों के जरिये स्कूली शिक्षा में दिख रहे बदलावों के बाद और स्कूल खोलने की तेज हुई मांग


नई दिल्लीः पीएम-श्री स्कूलों के जरिये स्कूली शिक्षा में सुधार को लेकर जिस तरह का माहौल बना है, उसे देखते हुए और भी पीएम-श्री या उसके जैसे स्कूल विकसित करने की पहल तेज हुई है। आने वाले दिनों में प्रत्येक पांच से 10 किलोमीटर के दायरे में ऐसे और स्कूल खोले जा सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों के रुझान को देखते हुए इस दिशा में पहल तेज की है।


माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक ऐसे और स्कूलों को खोलने का एलान किया जा सकता है। वैसे भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत 2025 तक प्रत्येक पांच से 10 किलोमीटर के दायरे में एक स्कूल क्लस्टर या कांप्लेक्स बनाने की सिफारिश की गई है।


एनईपी में कहा गया है कि यह स्कूल ऐसा होना चाहिए, जिसमें बच्चों के लिए खेलकूद स्मार्ट क्लास रूम, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कला-संगीत आदि व्यवस्थाएं हों। मौजूदा समय में तमिलनाडु, केरल और बंगाल को छोड़ दें, तो सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक ब्लाक में दो पीएम-श्री स्कूल विकसित किए गए हैं। खास बात यह है कि ये नए स्कूल नहीं हैं, बल्कि पहले संचालित सरकारी स्कूलों को ही पीएम-श्री स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक पीएम-श्री स्कूल योजना के तहत देश में कुल 14,500 स्कूल विकसित किए गए हैं।

Saturday, May 24, 2025

प्रदेश को मिले 12 और पीएमश्री विद्यालय, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए शिक्षा मंत्रालय देगा बजट

प्रदेश को मिले 12 और पीएमश्री विद्यालय, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए शिक्षा मंत्रालय देगा बजट


लखनऊ। प्रदेश में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की कवायद के क्रम में प्रदेश को 12 और पीएमश्री विद्यालय मिले हैं। केंद्र सरकार की प्रोजेक्ट एडवायजरी बोर्ड (पीएबी) ने इसकी संस्तुति कर दी है।

इनमें अमेठी, बाराबंकी, बहराइच के भी माध्यमिक विद्यालय हैं। पहले से चल रहे इन विद्यालयों में पठन-पाठन गतिविधियों को और बेहतर करने के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए शिक्षा मंत्रालय बजट देगा।


प्रदेश में 145 माध्यमिक विद्यालय पीएमश्री विद्यालय के रूप में उच्चीकृत किए जा रहे हैं। ये विद्यालय कक्षा छह से 12 तक के हैं। इन विद्यालयों में खेलकूद सुविधाओं, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा। वहीं यहां के शिक्षकों को अत्याधुनिक तरीके से पठन-पाठन के लिए टैबलेट भी दिया जाएगा। साथ ही क्षमता संवर्धन के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण भी होगा। 


इन जिलों के ये विद्यालय शामिल : राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बहराइच, राजकीय इंटर कॉलेज राजा फतेहपुर अमेठी, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जैदपुर बाराबंकी, राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर, जीजीआईसी दुद्धी सोनभद्र, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज फतेहगढ़ फर्रुखाबाद, गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज हापुड रोड मेरठ, गवर्नमेंट ब्वॉयज इंटर कॉलेज रायदोपुर आजमगढ़, राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज मेरठ, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज गुरमुरा सोनभद्र, गवर्नमेंट कन्या इंटर कॉलेज देवबंद सहारनपुर, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज पुरकाजी मुजफ्फरनगर।

Thursday, November 17, 2022

ढाई लाख सरकारी स्कूल ही कर सकेंगे पीएम- श्री (PMSRI) योजना में दावेदारी

ढाई लाख सरकारी स्कूल ही कर सकेंगे पीएम- श्री (PMSRI) योजना में दावेदारी



नई दिल्ली: देश की स्कूली शिक्षा का नया माडल अब पीएम- श्री (प्राइमिनिस्टर स्कूल फार राइजिंग इंडिया) स्कूल ही होंगे। शिक्षा मंत्रालय ने इसके तहत चयनित होने वाले सरकारी स्कूलों को लेकर एक गाइडलाइन भी जारी कर दी है। इसके आधार पर ही देश के करीब ढाई लाख सरकारी स्कूलों को दूसरे चरण में प्री-सेलेक्ट किया गया है। यानी यही ढाई लाख सरकारी स्कूल ही पीएम- श्री के लिए अपनी दावेदारी ठोंक सकेंगे।


शिक्षा मंत्रालय ने पीएम- श्री स्कूलों के चयन को लेकर जो गाइडलाइन जारी है, उसके तहत चयनित होने वाले सरकारी स्कूलों को कुल तीन चरणों से गुजरना होगा।



 पहला चरण में सिर्फ ऐसे ही राज्य शामिल हों सकेंगे जो पहले मंत्रालय के साथ ही इन स्कूलों को लेकर एक समझौता करेंगे। साथ ही यह आश्वासन देंगे कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपने राज्य में पूरी तरह से लागू करेंगे। दूसरे चरण में सिर्फ ऐसे सरकारी ही इसके लिए अपने आवेदन कर सकेंगे जो छात्रों के नामांकन, छात्र-शिक्षक अनुपात और इंफ्रास्ट्रक्चर आदि के आधार पर तैयार किए गए शुरुआती दस मानकों पर फिट बैठेंगे।