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Sunday, December 1, 2024

बीएसए की पहल पर कबाड़ी को किताबें बेचने के मामले में बीईओ की गिरफ्तारी को जिलाधिकारी ने बताया नियम विरुद्ध, सीओ और एसओ के खिलाफ कार्यवाही हेतु एसपी को लिखा पत्र
बीएसए की पहल पर कबाड़ी को किताबें बेचने के मामले में बीईओ की गिरफ्तारी को जिलाधिकारी ने बताया नियम विरुद्ध, सीओ और एसओ के खिलाफ कार्यवाही हेतु एसपी को लिखा पत्र
बांसी। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने परिषदीय विद्यालय की किताबें कबाड़ी को बेचने के मामले में शुक्रवार को हुई बीईओ बांसी की गिरफ्तारी को नियम विरुद्ध बताते हुए प्रभारी निरीक्षक और सीओ बांसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा है। इस मामले को संज्ञान में लाने के लिए बीएसए ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा था।
बीएसए ने डीएम लिखे पत्र में कहा था कि पुस्तकें कबाड़ी को बेचने के आरोप में बीईओ कार्यालय के अनुचर सहाबुद्दीन और रामजस के विरुद्ध पुलिस ने बिना विभागीय जांच प्राथमिकी दर्ज की थी। इस प्राथमिकी में बीईओ अखिलेश कुमार सिंह का नाम नहीं था। सिर्फ अनुचरों के बयान को आधार बनाकर अखिलेश कुमार सिंह के नाम को प्रकाश में लाकर गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने मुख्य सचिव के शासनादेश का हवाला देते हुए कहा है कि यदि किसी अधिकारी और कर्मचारी द्वारा बरती अनियमितता प्रकाश में आती है तो उसके विरुद्ध जांच के बाद अनुशासनिक विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीएसए ने कहा है कि विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई में यदि यह पाया जाता है कि उसकी कोई आपराधिक भूमिका है तो उसके विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने पर विचार किया जाता है। अन्यथा विभागीय कार्रवाई में जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर दंड दिए जाते हैं। बीएसए ने कहा है कि प्रभारी निरीक्षक और सीओ बांसी ने शासनादेश का पालन नहीं किया। उन्होंने डीएम से प्रभारी निरीक्षक और सीओ बांसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। बीएसए की शिकायत के आधार पर डीएम ने एसपी को पत्र लिखा है।
बीईओ की गिरफ्तारी के मामले में शासनादेश का उल्लंघन किया गया है। किसी आपराधिक मामले में विभागीय जांच में दोष साबित होने पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में बांसी के सीओ और कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है। ~ डॉ0 राजा गणपति आर, जिलाधिकारी
Tuesday, November 8, 2022

किताब वितरण का मुद्दा उठाने वाले शिक्षक का दो माह का वेतन रोकने के बाद अंततः हुआ निलंबन, किताब वितरण में हुई देरी पर भुगतान रोकने की रखी थी मांग
किताब वितरण का मुद्दा उठाने वाले शिक्षक का दो माह का वेतन रोकने के बाद अंततः हुआ निलंबन, किताब वितरण में हुई देरी पर भुगतान रोकने की रखी थी मांग
गोंडा। परिषदीय स्कूलों में किताब वितरण में हुई देरी के मुद्दे को उठाना शिक्षक नेता को भारी पड़ गया। दो माह तक वेतन रोकने के बाद शनिवार को बीएसए ने कार्यों में लापरवाही के आरोप में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह को निलंबित कर दिया है।
बेलसर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बड़नापुर में कार्यरत शिक्षक नेता अनूप सिंह ने बीती 19 जुलाई को सीएम योगी से किताब वितरण में हुई देरी में जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर सीएम के विशेष सचिव शशांक त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इस पर महानिदेशक विजय किरण आनंद ने बीते पांच सितंबर को शासन को रिपोर्ट दी कि 29 लाख के सापेक्ष 17 लाख 44 हजार किताबें स्कूलों में बांट दी गई हैं। और शेष 20 फीसदी किताब दो दिन के भीतर बांट दी जाएगी।
शिक्षक नेता अनूप सिंह ने बीएसए की रिपोर्ट को गलत बताया और पुनः 16 अक्टूबर को सीएम को पत्र भेजकर किताब वितरण कराने और देरी के कारण किताब का भुगतान रोकने की मांग की।
अनूप सिंह ने बताया कि बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने शिकायत को उठा लेने की बात कही और उनकी बात न मानने पर पहले दो माह का वेतन रोका और निलंबित कर दिया है। वेतन रोकने का कारण पूछने पर भी कोई पत्र नहीं दिया गया।
अंग्रेजी माध्यम स्कूल में भेजी हिंदी माध्यम की किताबें
बेलसर के अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय बड़नापुर में बीते अक्टूबर में हिन्दी माध्यम की किताबें भेजी गईं। यहां के बच्चों की पढ़ाई इसी किताब से शुरू हुई। फिर बीते एक नवंबर को अंग्रेजी माध्यम की किताबें भेजी गईं। यहां पर कार्यरत प्रधानाध्यापक अनूप सिंह ने दो बीईओ, एबीएसए और महानिदेशक स्कूल शिक्षा को पत्र भेजकर अंग्रेजी माध्यम स्कूल में हिन्दी माध्यम किताबों से बच्चों को पढ़ाने के लिए मार्गदर्शन मांगा था।
कार्यों में लापरवाही पर शिक्षक को किया निलंबित : बीएसए
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षक अनूप सिंह स्कूल के कार्यों में रूचि न लेकर समूह बनाकर लोगों को सोशल मीडिया पर उकसा रहे थे। में बड़नापुर में अंग्रेजी माध्यम की किताबें 24 सितंबर को भेज दी गईं थी. जिसको शिक्षक ने वापस कर दिया। शासन के कार्यों को न करके पुस्तक न मिलने की अनावश्यक शिकायत कर रहे थे जो कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत था। बीईओ इटियाथोक को जांच अधिकारी बनाया गया है।

Thursday, September 16, 2021





