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Monday, September 21, 2026

माध्यमिक विद्यालयों में लगेगी युवा संसद, मंत्री और सांसद बनेंगे विद्यार्थी, राष्ट्रीय युवा संसद योजना के तहत होगा पंजीकरण

माध्यमिक विद्यालयों में लगेगी युवा संसद,  मंत्री और सांसद बनेंगे विद्यार्थी, राष्ट्रीय युवा संसद योजना के तहत होगा पंजीकरण

21 सितंबर 2026
प्रयागराज। माध्यमिक विद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें विद्यार्थी मंत्री, सांसद और विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। विपक्ष के विद्यार्थी सामाजिक मुद्दे पर सवाल उठाएंगे। मंत्री व सांसद बने विद्यार्थी उसका जवाब देंगे। अध्यक्ष की भूमिका में रहने वाले विद्यार्थी सदर की कार्रवाई संचालित करेंगे। विद्यार्थियों को संसदीय कार्यप्रणाली का अनुभव मिलेगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद ने डीआईओएस को नोडल अधिकारी नामित किया है। विद्यालयों को राष्ट्रीय युवा संसद योजना के तहत पोर्टल पर किशोर सभा के तहत पंजीकरण कराना होगा। एक सप्ताह तक विद्यार्थियों को प्रतियोगिता का अभ्यास कराया जाएगा ताकि वह बेहतर ढंग से प्रश्न पूछ सकें। विद्यार्थी सवालों का बेहतर जवाब दे सकें।

सदन की कार्रवाई संचालित करने की प्रक्रिया शिक्षक विद्यार्थियों को बताएंगे। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों तर्क-वितर्क करने की समझ विकसित होगी। अभिव्यक्ति कौशल में भी निखार आएगा। 



विद्यालयों में लगेगी संसद पक्ष-विपक्ष की भूमिका में होंगे छात्र, कक्षा छह से दस तक के छात्र-छात्राएं देश-प्रदेश और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा करेंगे

9 सितम्बर 2026
लखनऊ। प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अब युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें कक्षा छह से दस तक के छात्र-छात्राएं देश-प्रदेश और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वे सदन में अपना पक्ष रखने के साथ विपक्ष को भी घेरेंगे। 50 से 55 विद्यार्थियों वाले सदन में छात्रों को ही अध्यक्ष, मंत्री, विपक्ष के नेता और अन्य भूमिकाएं दी जाएंगी। उन्हें संसदीय कार्यवाही के संचालन, सवाल पूछने, जवाब देने, चर्चा करने और प्रस्ताव रखने का पूर्वाभ्यास कराया जाएगा।


युवा संसद के जरिये विद्यार्थियों को संसद और संसदीय प्रक्रियाओं के साथ लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। इससे उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुशासन और दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने पर जोर रहेगा। युवा संसद के लिए राज्य स्तर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और जिला स्तर पर डीआईओएस को नोडल बनाया गया है। एससीईआरटी आयोजन के लिए मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराएगा।


विवादरहित विषयों पर होगी चर्चा : युवा संसद में सामाजिक न्याय, सामाजिक सुधार, आर्थिक विकास, सांप्रदायिक सद्भाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्र अनुशासन, कल्याणकारी योजनाएं, स्वच्छता, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे विवादरहित विषयों पर चर्चा होगी। किसी राजनीतिक दल या वर्तमान अथवा पूर्व नेता पर टिप्पणी नहीं की जाएगी। कार्यक्रम में शिष्टाचार और अनुशासन का विशेष ध्यान होगा।


डीआईओएस विद्यालयों को निर्देश देने के साथ आयोजन का पर्यवेक्षण करेंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने निर्देश दिए हैं कि युवा संसद विद्यालय या छात्रों की सुविधा वाले स्थल पर हो। आयोजन एक घंटे से अधिक का नहीं होगा। छात्रों को वास्तविक संसदीय कार्यप्रणाली का अनुभव कराने पर विशेष जोर रहेगा। कार्यक्रम में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक या एमएलसी को मुख्य अतिथि बनाया जा सकता है। वे विद्यार्थियों को संसदीय कार्यप्रणाली की जानकारी देंगे। 

Sunday, April 12, 2026

उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के आयोजन के संबंध में

उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के आयोजन के संबंध में

International Maths Olympiad 2026 के आयोजन के सम्बन्ध में।

International Maths Olympiad 2026 के आयोजन के सम्बन्ध में।


Wednesday, August 27, 2025

शिक्षकों की कलात्मक प्रतिभा को निखारेगी NCERT की 'समृद्धि राष्ट्रीय प्रतियोगिता', 1 से 15 सितंबर तक जिला स्तर पर भरे जाएंगे फार्म

शिक्षकों की कलात्मक प्रतिभा को निखारेगी NCERT की 'समृद्धि राष्ट्रीय प्रतियोगिता', 1 से 15 सितंबर तक जिला स्तर पर भरे जाएंगे फार्म

एनसीईआरटी की ओर से राष्ट्रीय प्रतियोगिता का होगा आयोजन


लखनऊ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा का विकास करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में शिक्षकों की कलात्मक प्रतिभा के विकास के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की ओर से 'समृद्धि' राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

इसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन कला प्रतियोगिता होगी। राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग 40 टीमों का गठन किया जाएगा। माध्यमिक स्तर पर कला एकीकृत शिक्षा शास्त्र को प्रोत्साहित करने के लिए कला उत्सव के रूप में इसका आयोजन किया जा रहा है। इसमें पूरे देश के शिक्षकों द्वारा कला समेकित शिक्षणशास्त्र की प्रक्रियाओं को एक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।


राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने बताया है कि जिला पर एक सितंबर से गूगल फार्म भरे जाएंगे। जिला स्तरीय प्रतियोगिता 15 सितंबर तक आयोजित की जाएंगी। इसका परिणाम 20 सितंबर तक उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 10 अक्तूबर तक गूगल फार्म भरे जाएंगे। जबकि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 15 अक्तूबर तक पूरी होगी।

उन्होंने बताया है कि इसका परिणाम एनसीईआरटी को 20 अक्तूबर तक उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सभी डीआईओएस को निर्देश दिया है कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इसका आयोजन किया जाए। इस प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 के सभी राज्य या केंद्रीय बोर्ड से जुड़े, राजकीय, एडेड और निजी विश्वविद्यालयों के शिक्षक शिरकत कर सकते हैं। 

विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2025-26 प्रतियोगिता में प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों के छात्रों का पंजीकरण कराये जाने के सम्बन्ध में

विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए होगी राष्ट्रीय प्रतियोगिता,  कक्षा छह से 11 के विद्यार्थी 30 सितंबर तक करेंगे रजिस्ट्रेशन


लखनऊ। प्रदेश में कक्षा छह से 11 के विद्यार्थियों में विज्ञान में रुचि बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन शिक्षा मंत्रालय  की ओर से किया जा रहा है। विज्ञान मंथन नाम से होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों को 30 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन कराना होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव की ओर से सभी डीआईओएस को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों के इस प्रतियोगिता में शिरकत करने के लिए रजिस्ट्रेशन कराए जाएं। विज्ञान भारती द्वारा विज्ञान मंथन नामक प्रतियोगिता में देश भर के विद्यालयों के कक्षा छह से 11 के विद्यार्थी शामिल होंगे। 

इसका मुख्य उद्देश्य विज्ञान के क्षेत्र में भारत के योगदान के प्रति युवाओं में रुचि पैदा करना है। उन्होंने कहा है कि इस प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया जाए। इसके लिए अतिरिक्त कक्षाओं का भी आयोजन स्कूलों में किया जाए। ताकि प्रदेश के विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में बेहतर परिणाम भी ला सकें। 



विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2025-26 प्रतियोगिता में प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों के छात्रों का पंजीकरण कराये जाने के सम्बन्ध में।



Wednesday, November 6, 2024

वीरगाथा 4.0 में अभूतपूर्व प्रदर्शन, 45 लाख से अधिक छात्रों के नामांकन के साथ पूरे देश में यूपी सबसे आगे

वीरगाथा 4.0 में अभूतपूर्व प्रदर्शन, 45 लाख से अधिक छात्रों के नामांकन के साथ पूरे देश में यूपी सबसे आगे

वीरगाथा प्रोजेक्ट के नामांकन में यूपी अव्वल

■ दिल्ली को दूसरा स्थान, यूपी में हुआ दिल्ली से 27,16,003 अधिक नामांकन 

■ यूपी के सभी 75 जिलों में पिछले वर्ष से अधिक नामांकन हुए


लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वीरगाथा 4.0 प्रोजेक्ट में अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश में पहला स्थान अर्जित कर एक बार फिर खुद को अव्वल साबित किया है। 45 लाख से अधिक छात्रों के नामांकन के साथ पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त करते हुए दिल्ली सरकार को आईना दिखाया है। इस मामले में दिल्ली सरकार को दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा है।


इस वर्ष दर्ज हुई 06 लाख 24 हजार 559 की नामांकन वृद्धिः शिक्षा के क्षेत्र में यूपी के इस प्रयास से उत्तर प्रदेश ने 45 लाख 24 हजार 559 छात्रों के नामांकन के लक्ष्य को प्राप्त किया है। यूपी ने पिछले वर्ष के वीरगाथा 3.0 प्रोजेक्ट में 39 लाख के नामांकन की संख्या को पार करते हुए इस वर्ष 6 लाख 24 हजार 559 की वृद्धि दर्ज कराई है। इस वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि हर जिले ने भागीदारी में वृद्धि की है, जिससे यह सफलता संभव हुई है।


यूपी ने कराया दिल्ली से 27 लाख 16 हजार 03 अधिक नामांकनः वीरगाथा 4.0 प्रोजेक्ट में दिल्ली ने 18 लाख 8 हजार 556 नामांकन के साथ द्वितीय स्थान और बिहार ने 13 लाख 91 हजार 187 नामांकन के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया है। उत्तर प्रदेश ने दिल्ली से 27 लाख 16 हजार 3 और बिहार से 31 लाख 33 हजार 372 अधिक नामांकन कर यह उपलब्धि प्राप्त किया है। आंकड़े बता रहे हैं कि इस वर्ष का नामांकन अब तक का सर्वाधिक है और यूपी के सभी 75 जिलों में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक नामांकन हुए हैं।


क्या है वीरगाथा 4.0 प्रोजेक्ट

वीरगाथा प्रोजेक्ट, रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय का एक संयुक्त कार्यक्रम है, जिसे 2021 में गैलेंट्री अवार्ड पोर्टल के अंतर्गत शुरू किया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य, छात्रों को सशस्त्र बलों के वीर जवानों की प्रेरक कहानियों से जोड़ना है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि इस वर्ष वीरगाथा 4.0 के तहत ऑनलाइन नामांकन 16 सितंबर से 31 अक्तूबर 2024 तक किए गए।