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Saturday, November 21, 2020

पूर्व बीएसए को सूचना न देना पड़ा महंगा, 25 हजार रुपये का लगा जुर्माना

पूर्व बीएसए को सूचना न देना पड़ा महंगा, 25 हजार रुपये का लगा जुर्माना


औरैया : सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी मुहैया न कराना पूर्व बीएसए को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने 25 हजार का जुर्माना किया है। साथ ही रजिस्ट्रार ने सहायक मंडली शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर बीएसए जुर्माने की धनराशि की वसूली कराने का निर्देश दिया है।


बेसिक शिक्षा विभाग के जन सूचना अधिकारी से वर्ष 2014 और वर्ष 2015 में पदोन्नति प्रक्रिया के संबंध में कुछ सूचनाएं सूचना अधिकार के तहत मांगी गई थीं। जन सूचना अधिकारी तत्कालीन बीएसए के स्तर से सूचना देने में लगातार हीला हवाली की गई। जिले स्तर पर सूचनाएं न दिए जाने पर पीड़ित धर्मेंद्र कुमार ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। 


राज्य सूचना आयोग ने मामले की सुनवाई की गई। तब भी तत्कालीन बीएसए जन सूचना अधिकारी एसपी सिंह ने मांगी गई सूचनाएं मुहैया नहीं कराई। राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार ने तत्कालीन बीएसए एसपी सिंह पर सूचनाएं देने में लापरवाही मानते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। रजिस्ट्रार ने जुर्माने की धनराशि वसूल करने के लिए सहायक शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल को इस बाबत पत्र भी लिखा है। जिससे बीएसए के खाते से जुर्माने की धनराशि का भुगतान वसूला जा सके।


 मालूम हो कि वर्ष 2014 और 2015 में कई बिदुओं पर बेसिक शिक्षा विभाग के एक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार ने ही सूचनाएं मांगी थी। सूचना मांगने वाला शिक्षक शहर के आर्य नगर मोहल्ले का निवासी है। सूचना मिलने पर लगातार उसने मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया। जिससे पदोन्नति प्रक्रिया में की गई खामियों को उजागर किया जा सके। लेकिन विभागीय स्तर पर खामियों को दबाने के लिए सूचनाएं नहीं दी गई। 


इसको लेकर राज्य सूचना आयोग में सुनवाई लगातार जारी रही। फिर भी पीड़ित को सूचनाएं मुहैया कराना बीएसए ने जरूरी नहीं समझा और उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई कर दी गई। सूचना अधिकार के तहत जानकारी मुहैया न कराने वाले बीएसए एसपी सिंह का जिले से तबादला भी हो चुका है।

Thursday, November 19, 2020

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर

स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने के लिए उन्नाव बीएसए ने लिखा पत्र, दिन भर चर्चाओं का चलता रहा दौर


उन्नाव : कारण जो भी हो लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय के एक पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा को लिखे पत्र में उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जाहिर की है। यहां पर उन्होंने कई कारण बताए हैं, लेकिन उनसे पत्र के बाबत जानकारी ली गई तो उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर ज्यादा कुछ नहीं बोला है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा से लेकर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में इस बात की चर्चाएं हैं। 



अगस्त 2013 में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बीके शर्मा की तैनाती की गई थी। करीब एक साल में उनके कार्यों पर उठी अंगुलियों व लगे आरोपों के आधार पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने उन्हें निलंबित किया था। यहां वित्तीय और कार्य अनियमितता के कई आरोप उनपर लगे। इसके बाद कंपोजिट ग्रांट घोटाले के जांच की आंच भारी पड़ी। 


निलंबन के बाद शासन स्तर पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया। इसमें प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा में एसोसिएट डीआईओएस पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी दी गई। हालांकि, वहां कुछ समय बाद यह कुर्सी फिर बदल गई और बीके शर्मा को यह पद फिर से दिया गया। लेकिन कुछ दिन बाद फिर से हुई उथल-पुथल में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पद पर प्रदीप कुमार पांडेय को नियुक्ति दी गई। 


23 नवंबर 2019 को पद संभालते एक साल अभी नहीं हुए हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए प्रदीप कुमार पांडेय ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद व शिक्षा निदेशक बेसिक डॉ. सर्वंद्र विक्रम बहादुर सिंह से पद छोड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए अवकाश मांगा है। फिलहाल, इस पत्र ने शासन व प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर किया है।

Tuesday, October 20, 2020

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति

रामपुर : बेसिक शिक्षा में घपलेबाजी, बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति


रामपुर : बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी योजनाओं में भी घपलेबाजी की जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा बनाई गई कमेटी ने कई घपले पकड़े हैं। कमेटी ने बीएसए के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने पिछले दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया था तब कई अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने व्यवस्था सुधारने के निर्देश देते हुए चेतावनी जारी की, लेकिन इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। 


मुख्य विकास अधिकारी ने दोबारा निरीक्षण किया तो फिर अनियमितताएं सामने आईं, इसके बाद जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग की विस्तृत जांच कराने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बना दी। इस कमेटी में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदंबा प्रसाद गुप्ता, दो इंजीनियर व कोषाधिकारी भी शामिल किए गए। इंजीनियरों द्वारा स्कूलों में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच की गई। जांच पड़ताल के दौरान कई अनियमितताएं पकड़ में आईं। 


सीडीओ ने बताया कि स्कूलों की चाहरदीवारी कराने के लिए एक करोड़ रुपये मिले थे, जो डीएम के संज्ञान में लाए बिना ही वापस कर दिए गए। एडीएम के मुताबिक कई शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया और फिर उन्हें सवेतन बहाल कर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि फर्नीचर बनवाने में भी अनियमितता बरती गई। लोहा कम लगाया गया। ड्रेस के वितरण में भी आनाकानी की गई। 


उन्होंने बताया कि बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को लिखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी और बाबू मनमानी कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने वित्त एवं लेखाधिकारी केएल साश्वत के खिलाफ भी शासन को लिखा था, जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

Friday, September 25, 2020

हाथरस : कोविड संक्रमण के चलते कार्यालय में प्रवेश/कार्य हेतु प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में

हाथरस : कोविड संक्रमण के चलते कार्यालय में प्रवेश/कार्य हेतु प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में






Saturday, September 12, 2020

हाथरस : जूनियर शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया कानूनी नोटिस, बीएसए दफ्तर के बहिष्कार का एलान

हाथरस : जूनियर शिक्षक संघ ने बीएसए को दिया कानूनी नोटिस, बीएसए दफ्तर के बहिष्कार का एलान


उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने अधिवक्ता के माध्यम से बीएसए को नोटिस दिया है। इसमें बीएसए पर मनमानी करने का आरोप लगाया गया है। बीएसए दफ्तर का बहिष्कार करने की बात भी शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने पत्र में कही है।


जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के अध्यक्ष रामवीर सिंह एवं महामंत्री अनिल कुमार ने सिविल कोर्ट के अधिवक्ता रमेशचंद्र शर्मा के माध्यम से बीएसए को नोटिस दिया है, जिसमें मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि शिक्षक संघ के किसी भी प्रत्यावेदन का संज्ञान नहीं लिया जा रहा। नोटिस में अन्य आरोप भी लगाए हैं। संघ के पदाधिकारियों ने अध्यापकों को जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने एवं शिक्षक संघ के प्रति अनुचित व्यवहार करने के कारण कार्यालय का बहिष्कार करने की भी बात कही है।


 नोटिस के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। सिविल कोर्ट के नोटिस का निर्णय पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर जूनियर संगठन ने मेरे नोटिस का कोई तर्क संगत जवाब नहीं दिया तो इनके खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी। -मनोज कुमार मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस।

Wednesday, September 2, 2020

कुशीनगर : टाइम एंड मोशन स्टडी के आधार पर शैक्षणिक कार्य हेतु समय अवधि एवं कार्य निर्धारण संबंधी निर्देश जारी, देखें

कुशीनगर : टाइम एंड मोशन स्टडी के आधार पर शैक्षणिक कार्य हेतु समय अवधि एवं कार्य निर्धारण संबंधी निर्देश जारी, देखें।