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Friday, August 7, 2020

नई शिक्षा नीति : 1.5 लाख बीपीएड-डीपीएड बेरोजगारों को नौकरी की जगी उम्मीद

नई शिक्षा नीति: 1.5 लाख बीपीएड-डीपीएड बेरोजगारों को नौकरी की जगी उम्मीद।

प्रयागराज : नई शिक्षा नीति से प्रदेशभर के 1.5 लाख से अधिक बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन), डीपीएड (डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन) और सीपीएड (सर्टिफिकेट इन फिजिकल एजुकेशन) बेरोजगारों में उम्मीद जगी है। नई नीति के मुताबिक अब खेल, कला, संगीत, शिल्प, योग और सामुदायिक सेवा जैसे सभी विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इन्हें सहायक पाठ्यक्रम (को-करिकुलर) या अतिरक्त पाठ्यक्रम (एक्स्ट्रा-करिकुलर) की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। इससे शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों को लग रहा है कि कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में उनकी नियुक्ति का रास्ता खुलेगा।




वर्तमान में केवल 100 से अधिक छात्रसंख्या वाले परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में शारीरिक शिक्षा विषय के अनुदेशक नियुक्त हैं। 100 से कम छात्रसंख्या वाले स्कूलों में भी शारीरिक शिक्षा विषय के 32022 अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया 19 सितंबर 2016 को शुरू हुई थी जो कानूनी विवाद में उलझने के कारण अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस भर्ती के लिए 1.54 लाख बीपीएड, डीपीएड और सीपीएड अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। ये बेरोजगार नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए छह साल से आंदोलन कर रहे हैं।




बीपीएड संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष पंकज यादव का कहना है कि एक सितंबर 2015 को विधानसभा के सामने प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में कई बेरोजगार घायल हुए थे। प्रदर्शन कर रहे 101 अभ्यर्थियों को 39 दिन जेल की सजा काटनी पड़ी। लेकिन आज तक हम सात रुपये प्रतिमाह मानदेय पर अंशकालिक अनुदेशक की नौकरी नहीं पा सके हैं।


बीपीएड संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव का कहना हैै कि नई शिक्षा नीति में खेल व योग को भी पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। उम्मीद करते हैं कि सरकार खेल या शारीरिक शिक्षा विषय के शिक्षकों की नियुक्ति परिषदीय विद्यालयों में करेगी। यह सवाल हम हमेशा से पूछते रहे हैं कि जब नौकरी नहीं देनी थी तो ये पाठ्यक्रम चलाया ही क्यों जा रहा हैं।

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Monday, July 27, 2020

कलंक कथा : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को बिना बताए 14 जनपदों के डीआईओएस ने कर लीं शिक्षकों की भर्तियां

कलंक कथा : माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को बिना बताए 14 जनपदों के डीआईओएस ने कर लीं शिक्षकों की भर्तियां।

प्रयागराज : प्रदेशभर के 4300 से अधिक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रबंधकों और अफसरों की साठगांठ से शिक्षकों की नियुक्ति का मामला प्रकाश में आया है। इन स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों की सूचना प्रबंधकों से लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक यूपी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को भेजते हैं और फिर बोर्ड चयन करते हुए स्कूल आवंटित करता है।



 पिछले दो दशक में 14 जिलों के डीआईओएस ने रिक्त 271 पदों की सूचना चयन बोर्ड को न भेजकर प्रबंधकों से मिलीभगत करते हुए रुपये लेकर बैकडोर शिक्षकों की एडहॉक नियुक्ति करवाई और फिर सालों भर्ती न होने का आधारहीन आरोप चयन बोर्ड पर लगाते हुए एडहॉक शिक्षकों को नियमित करने की याचिकाएं हाईकोर्ट में कर दी। 14 जिलों के डीआईओएस ने शिक्षा निदेशालय को जानकारी दी है कि रिक्त पदों की सूचना चयन बोर्ड को भेजी गई थी, जबकि बोर्ड के पास इन रिक्त पदों के मिलने का रिकॉर्ड नहीं है।

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Sunday, July 26, 2020

69000 भर्ती फर्जीवाड़ा : एसटीएफ तक पहुंची 500 से अधिक शिकायतें, मिले नए सुराग

69000 भर्ती फर्जीवाड़ा : एसटीएफ तक पहुंची 500 से अधिक शिकायतें, मिले नए सुराग

 
प्रयागराज : परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े को लेकर अब तक 500 से अधिक लोग शिकायत कर चुके हैं। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के पास पहुंचीं ऐसी शिकायतों में तमाम आधारहीन हो सकती हैं, फिर भी इनकी जांच जरूर की जा रही है। हालांकि, कुछ शिकायतों से एसटीएफ को नए सुराग भी मिले हैं।


एक माह में मिली 500 शिकायतों में अचरज का सबब यह है कि पिछले सप्ताह से जो शिकायतें मिलीं उनमें शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में 100 नंबर से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों पर भी फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया जा रहा है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दिनों में जो शिकायतें मिलीं, वह प्रथम दृष्टया जांच में सही पाई गईं इसलिए उन्हें विवेचना में शामिल कर लिया था। अब कतिपय समाजसेवी, अधिवक्ता और कुछ जनप्रतिनिधि भी शिकायत कर रहे हैं।


बंद लिफाफे पहले किए जाते हैं सैनिटाइज
ज्यादा शिकायत बंद लिफाफे में आ रही हैं। कोरोना देखते हुए लिफाफे सैनिटाइज करने के बाद कुछ घंटे रखने के बाद ही खोलकर पढ़े जाते हैं।

Friday, July 17, 2020

69000 शिक्षक भर्ती निरस्त करने के लिए पोस्टर वार

69000 शिक्षक भर्ती निरस्त करने के लिए पोस्टर वार

शहर पश्चिमी क्षेत्र में न्याय मोर्चा ने लगाया पोस्टर


प्रयागराज। 69000 शिक्षक भर्ती निरस्त करने के लिए अभ्यर्थियों की ओर से पोस्टर वार शुरू कर दिया गया है। शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार के खिलाफ न्याय मोर्चा से जुड़े छात्रों ने भर्ती परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर शहर पश्चिम में लगाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किए गया है। अभियान चलाने वालों ने पोस्टर के माध्यम से 'भ्रष्टाचार में लिप्त दोषियों को गिरफ्तार करो', 'भ्रष्टाचार के जिम्मेदार शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें' की मांग की। 


न्याय मोर्चा उत्तर प्रदेश संयोजक सुनील मौर्य ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए मायावती दूबे व चंद्रमा यादव समेत तमाम आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं किए जा सके इन आरोपियों को ढूंढने में एसटीएफ नाकाम क्यों हो जा रही है. सरकार कानून का राज स्थापित करने की बात करती है लेकिन अभी तक शिक्षक भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। ।।।



सांसद में शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा 
69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल परंतु आवेदन में पूर्णांक प्राप्तांक गलत भरने वाले अभ्यर्थियों के समर्थन में सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी सामने आई हैं। उनसे मिलने गए शिक्षक भर्ती के सफल अभ्यर्थियों के समर्थन में बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी को पत्र लिखकर सांसद ने संशोधन का अवसर देने की मांग की।

Sunday, July 12, 2020

69000 भर्ती : नकल माफिया एसटीएफ को भी दे रहे मात, सुराग नहीं


69000 भर्ती : नकल माफिया एसटीएफ को भी दे रहे मात, सुराग नहीं

-चंद्रमा यादव समेत चार आरोपी महीने भर बाद भी पकड़ से दूर
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-पिछले महीने स्थानांतरित कर एसटीएफ को सौंपी गई थी विवेचना


प्रयागराज। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह में शामिल नकल माफिया एसटीएफ को भी मात दे रहे हैं। मामले में फरार चल रहे चंद्रमा यादव समेत चार आरोपी महीने भर बाद भी नही ंपकड़े जा सके हैं। शासन से सोरांव पुलिस से स्थानांतरित कर विवेचना पिछले महीने एसटीएफ को सौंपी थी। 69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ चार जून को हुआ था। सोरांव पुलिस ने मामले मेें महज छह दिन के भीतर 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें सरगना केएल पटेल भी शामिल था।


प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नौ जून को शासन ने विवेचना एसटीएफ को स्थानांतरित कर दी। जिसके बाद टीईटी पेपर लीक मामले के आरोपी चंद्रमा यादव को भी मामले में वांछित किया गया। मायापति दुबे, आलोक उर्फ धर्मेंद्र व दुर्गेश समेत तीन आरोपी पहले से फरार थे। एसटीएफ की टीम ने शहर में विभिन्न स्थानों केअलावा कौशांबी, प्रतापगढ़, भदोही में दबिश दी लेकिन आरोपियों का अब तक कोई सुराग नहीं हासिल कर पाई है। मामले में एसटीएफ अफसरों का यही कहना है कि फरार आरोपियों के हरसंभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास लगातार जारी हैं। विवेचना प्रचलित है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


शिवकुटी में दर्ज केस में भी नहीं हुई कार्रवाई
69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के सरगना केएल पटेल पिछले साल रेलवे भर्ती परीक्षा में धांधली की कोशिश करते पकड़े गए गिरोह के भी संपर्क में था। जिस पर शिवकुटी थाने में दर्ज मामले मेें उसे आरोपी बनाया गया था। सोरांव मामले में गिरफ्तारी के बाद शिवकुटी पुलिस ने भी अपने मुकदमे में उसका रिमांड बनवाया था। हालांकि अब तक इस मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि उसके खिलाप साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। साक्ष्यों के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

Wednesday, June 24, 2020

69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : सरगना ने भाई-बहन को भी पास कराई परीक्षा


69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : सरगना ने भाई-बहन को भी पास कराई परीक्षा


प्रयागराज : सहायक शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा की जांच में जुटी स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) को नया सुराग मिला है। पता चला है कि गिरोह के सरगना डॉ. केएल पटेल की मदद से उसके एक भाई और बहन ने भी लिखित परीक्षा पास की है। शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में दोनों को अच्छे अंक मिले हैं। इस आधार पर एसटीएफ छानबीन कर रही है।


कई छात्रों ने एसटीएफ को अलग माध्यम से दी गई शिकायतों में कई अभ्यर्थियों के नाम और अंक के बारे में भी जानकारी दी है। बताया गया कि प्रतापगढ़, भदोही, प्रयागराज, कौशांबी के अलावा दूसरे जिले के कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने गिरोह के जरिए पैसा देकर लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की है। हालांकि यह साफ नहीं हुआ है कि उन्हें कितने अंक मिले हैं लेकिन माना जा रहा कि 110 से ज्यादा नंबर मिले होंगे।


वहीं, भाई और उसकी बहन को भी करीब 120 से अधिक नंबर मिलने की बात कही गई है। लगातार मिल रही शिकायतों को एसटीएफ के अधिकारी तस्दीक कर रहे हैं। जिन अभ्यर्थियों के बारे में सूचनाएं अब तक मिली हैं, उनकी सच्चाई के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने और दो अभ्यर्थियों समेत 12 लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामले की विवेचना एसटीएफ कर रही है। जांच शुरू करने के साथ ही एसटीएफ के पास शिकायतें आ रही हैं, जिसकी सच्चाई का पता अधिकारी लगा रहे हैं। हालांकि वह कुछ भी बोलने से अभी कतरा रहे हैं।


फरार अभियुक्तों की तलाश
मामले में फरार चल रहे स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, मायापति दुबे, दुर्गेश पटेल और संदीप पटेल समेत अन्य की तलाश में एसटीएफ की दो टीम काम कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है, मगर कोई पकड़ में नहीं आ सका है।