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Tuesday, September 8, 2020

अब माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय पोषण माह मनाने की तैयारी, सात सितम्बर से 30 सितम्बर चलेगा कार्यक्रम

अब माध्यमिक विद्यालयों में राष्ट्रीय पोषण माह मनाने की तैयारी, खींचा खाका।

माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी विद्यालयों में तीसरा राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। इसके लिए बकाया शेडयूल भी जारी कर दिया गया है। जिसके तहत कक्षा छह से लेकर 12 तक के बच्चों के लिए विभिन्न दिवसों में कई प्रकार की ऑनलाइन प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इसके अलावा विद्यालयों में किचन गार्डन एवं पोषक वाटिका भी तैयार की जाएंगी। डीआईओएस ने सभी बोर्डो से संचालित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यो को शेडयूल के साथ दिशा निर्देश जारी किए हैं।




डीआईओएस महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि सितम्बर माह पोषण माह के तहत मनाया जाएगा। इस दौरान सात से 11 सितम्बर तक सभी विद्यालयों में कक्षा छह से आठ के बच्चों के लिए ऑनलाइन चित्रकला, पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन होगा। इसी तरह से 12 से 15 सितम्बर तक कक्षा नौ से 12 के बच्चों के लिए यही प्रतियोगिता होगी। 16 से 22 सितम्बर तक सभी विद्यालयों में पोषक वाटिका तैयार होगी। जिसमें नींबू, सहजन, आंवला आदि के साथ सूक्ष्म पोषणतत्वों से भरपूर सब्जियां एवं फल के पौधे रोपित किए जाएंगे। वहीं 23 से 25 सितम्बर तक कक्षा छह से 12 के लिए स्लोगन प्रतियोगिताएं होंगी। 25 से 27 सितम्बर तक पोषण सम्बंधी निबंध प्रतियोगिताएं होंगी।

जिसमें कक्षा छह से 12 तक के बच्चे प्रतिभाग करेंगे। इसके बाद 28 से 30 सितम्बर तक पोषण वाटिका को तैयार करने का दूसरा चरण चलेगा। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि शेडयूल के मुताबिक कार्यक्रम आयोजित कर उसकी सूचना नोडल एवं जोन प्रभारियों के माध्यम से कार्यालय में उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस कार्य में किसी प्रकार की कोई हीला दिवाली होती है तो विभागीय कार्यवाही निश्चित है।

खाका खींचा : कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के लिए होंगी ऑनलाइन प्रतियोगिताएं, सात सितम्बर से 30 सितम्बर चलेगा कार्यक्रम


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Monday, September 7, 2020

तदर्थ शिक्षकों के भर्ती मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से मांगा मार्गदर्शन

तदर्थ शिक्षकों की भर्ती मामले में शासन से मांगा मार्गदर्शन।

प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शासन से मार्गदर्शन मांगा है। अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने संयुक्त सचिव शिक्षा अनुभाग 5 को 4 सितंबर को पत्र लिखकर फैसले की जानकरी देते हुए आगे की कार्रवाई के लिए आदेश देने का अनुरोध किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2021 से पहले चयन एवं पदस्थापन की कार्रवाई पूरी करने के आदेश दिए हैं।



नई भर्ती में तदर्थ शिक्षक आवेदन कर सकेंगे और उन्हें उनकी सेवा के आधार पर भारांक मिलेगा। इस संबंध में यदि कोई वाद न्यायालय के समक्ष आएगा तो वह मान्य नहीं होगा। तदर्थ शिक्षकों को भारांक प्राप्त करने के लिए अपनी पूर्व की सेवाओं की प्रामाणिकता संबंधित आवश्यक अभिलेख चयन बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। भारांक के अतिरिक्त तदर्थ रूप से की गई प्रामाणिक सेवाओं की गणना शिक्षकों के सेवानिवृत्तिक लाभ के लिए की जाएगी। शासन व चयन बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि शिक्षकों के चयन के लिए नियमित परीक्षाएं कराई जाएं। ताकि भविष्य में इस तरह की परिस्थिति का सामना न करना पड़े और विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य सुचारु रूप से हो सके।


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Tuesday, August 25, 2020

New Education Policy 2020 : यूपी के माध्यमिक स्कूलों के पाठ्यक्रम में होगा बदलाव, बनी 11 सदस्यीय कमेटी

New Education Policy 2020 : यूपी के माध्यमिक स्कूलों के पाठ्यक्रम में होगा बदलाव, बनी 11 सदस्यीय कमेटी।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग पाठ्यक्रम व मूल्यांकन पद्धति में बड़ा बदलाव करेगा। नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव करने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। अपर शिक्षा निदेशक व्यावसायिक शिक्षा मंजू शर्मा की अध्यक्षता में बनी कमेटी बुधवार तक माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय को कार्य योजना प्रस्तुत करेगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग इस कार्य योजना के अनुसार अपना लक्ष्य तय करेगा और आगे के वर्षों में इसी के अनुरूप बदलाव करेगा।






नई शिक्षा नीति के अनुरूप बदलाव करने के लिए बनी कमेटी में संयुक्त शिक्षा निदेशक (शिविर) शिविर कार्यालय लखनऊ भगवती सिंह, माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ला, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा मंडल मुकेश अग्रवाल, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक झांसी मंडल प्रदीप कुमार, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ सुरेंद्र तिवारी, अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय, उप शिक्षा निदेशक (शिविर) शिविर कार्यालय लखनऊ विवेक नौटियाल, उप शिक्षा निदेशक व्यावसायिक शिक्षा पीसी यादव, डीआइओएस लखनऊ मुकेश कुमार सिंह व डीआइओएस इटावा राजू राणा शामिल हैं।




फिलहाल यहा कमेटी सबसे पहले पाठ्यक्रम व मूल्यांकन पद्धति में बदलाव पर रोडमैप तैयार करेगी। विभागीय संगठनात्मक ढांचे में बदलाव सहित नव प्रयोग को किस तरह बढ़ावा दिया जाए इस पर विस्तृत रिपोर्ट देगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग इस कार्य योजना के अनुसार अपना लक्ष्य तय करेगा और आगे के वर्षों में इसी के अनुरूप बदलाव करेगा।

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Saturday, August 22, 2020

वर्चुअल स्कूल के रूप में चलेंगे माध्यमिक विद्यालय

वर्चुअल स्कूल के रूप में चलेंगे माध्यमिक विद्यालय।

लखनऊ : शासन ने वर्चुअल स्कूल के लिए तय की समय-सारिणी आनलाइन शिक्षण कार्य के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी प्रमुख संवाददाता-राज्य मुख्यालय शासन ने माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में लॉक डाउन की अवधि में वर्चुअल स्कूल एवं ई-ज्ञान गंगा के माध्यम से पठन-पाठन शुरू कराने की समय-सारणी जारी कर दी है। इस तरह माध्यमिक विद्यालयों का संचालन अब वर्चुअल स्कूल के रूप में किया जाएगा। जिलाधिकारियों को इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।




दूरदर्शन यूपी एवं स्वयंप्रभा चैनल-22 पर होगा प्रसारण प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसमें वर्चुअल स्कूल के संचालन के लिए परिषद के अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही कहा गया है कि पूरे प्रदेश में पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कक्षावार-विषयवार शैक्षणिक वीडियोज का प्रसारण एवं आनलाइन अध्ययन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रोजेक्ट ई-ज्ञान गंगा के तहत पाठन पाठन के लिए कक्षावार-विषयवार लेक्चर्स, वीडियोज के माध्यम से पढ़ाए जाएंगे। वीडियोज का प्रसारण निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार दूरदर्शन यूपी एवं स्वयंप्रभा चैनल-22 पर किया जाएगा।


कक्षावार प्रसारण का समय तय समय-सारिणी के अनुसार दूरदर्शन यूपी पर कक्षा 10 एवं 12 के लिए सोमवार से शुक्रवार तक प्रसारण होगा। इसमें अपराह्न एक बजे से दो बजे तक, अपराह्न 2.30 बजे से 3 बजे तक, अपराह्न 3.30 बजे से शाम 5 बजे तक तथा शाम 5.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक होगा। इसी तरह स्वयं प्रभा चैनल-22 पर कक्षा 9 एवं 11 के लिए सोमवार से शुक्रवार तक प्रसारण होगा। इसमें पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक तथा अपराह्न 4.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक प्रसारण किया जाएगा।


शासनादेश में कहा गया है कि दूरदर्शन यूपी और स्वयंप्रभा चैनल-22 पर प्रसारित होने वाले शैक्षणिक वीडियो माध्यमिक शिक्षा विभाग के यू-ट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया जाए। प्रत्येक शनिवार को शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान व्हाट्सअप अथवा फोन द्वारा किया जाएगा। प्रत्येक सप्ताह में शनिवार को महत्वपूर्ण विषयों के वीडियो पुन: प्रसारित किए जाएंगे। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए विद्यालय स्तर पर विषयवार शिक्षकों के मोबाइल नंबर छात्रों को उपलब्ध कराए जाएंगे। ऐसे विद्यार्थी जिनके पास टेलीविजन तथा आनलाइन शिक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, उनके लिए दूरस्थ शिक्षा से संबंधित पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। माह के अंत में होगा


मूल्यांकन स्वयंप्रभा चैनल और दूरदर्शन के माध्यम से प्रत्येक माह के अंत में मूल्यांकन के लिए प्रश्न प्रसारित किए जाएंगे। इन प्रसारित प्रश्नों के उत्तर व्हाट्सअप के माध्यम से शिक्षकों को भेजे जाएंगे। ऐसे विद्यार्थी जो व्हाट्सअप के माध्यम से उत्तर नहीं भेज सकते उनके लिए विद्यालय में कक्षावार ड्रापबाक्स की व्यवस्था की जाएगी। पठन-पाठन की मानीटरिंग के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा 10-12 विद्यालयों पर एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। जिला स्तर पर मॉनीटरिंग के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशन में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।


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Friday, August 21, 2020

साल भर तय होते रहे शिक्षक भर्ती के पद, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में 2019 जुलाई से चल रही प्रक्रिया, जिलों से रिक्त पदों का ऑनलाइन मांगा ब्योरा, टास्क फोर्स से जांच

साल भर तय होते रहे शिक्षक भर्ती के पद, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में 2019 जुलाई से चल रही प्रक्रिया, जिलों से रिक्त पदों का ऑनलाइन मांगा ब्योरा, टास्क फोर्स से जांच।

प्रयागराज : शिक्षक भर्ती करने में लेटलतीफी जारी है। एक और शासन नए उप्र शिक्षा चयन आयोग का आठ माह में गठन नहीं कर सका है तो वहीं, दूसरी ओर चयन बोर्ड एक साल में शिक्षक भर्ती का विज्ञापन नहीं जारी कर सका है। साल भर से भर्ती के पद तय करने की मशक्कत होती रही। अब संकेत हैं कि जल्द ही विज्ञापन जारी करके भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसकी तैयारी तेज है।




उत्तर प्रदेश अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कॉलेजों के लिए प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक चयन उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड करता है। 2019 में चयन बोर्ड ने पहली बार जिला विद्यालय निरीक्षकों से ऑनलाइन अधियाचन (रिक्त पदों का ब्योरा) मांगा था। जुलाई से सात अगस्त तक करीब 40 हजार अधियाचन मिले। उनमें से डीआइओएस ने कितने पदों को सत्यापित किया, ये स्पष्ट नहीं है। भर्ती का विज्ञापन जारी करने से पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पदों की संख्या ज्यादा होने पर सवाल उठाया, क्योंकि कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की संख्या से शिक्षकों के स्वीकृत पद काफी अधिक हैं। रिक्त पदों का सत्यापन कराने के लिए टास्क फोर्स का गठन हुआ। जांच में सामने आया कि कई कॉलेजों में छात्रों की संख्या कम है और वहां कार्यरत शिक्षक ज्यादा हैं। बहरहाल, जांच रिपोर्ट पर सामने नहीं आ सकी है। इसी बीच विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा की ओर से जारी पत्र वायरल हुआ, उसमें करीब बीस हजार से पद खाली बताया गया है। उम्मीद है कि इतने पदों का जल्द विज्ञापन जारी होगा।

चयन बोर्ड ने भर्ती की समयसारिणी हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल की थी। उसमें अक्टूबर 2019 में नया विज्ञापन जारी होने और 2021 में भर्ती पूरा होने का दावा किया गया था। 2016 के बाद से अब तक चयन बोर्ड कोई भर्ती नहीं निकाल सका है, जबकि विभाग में शिक्षकों के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं। संकेत हैं कि नई भर्ती का विज्ञापन अगले माह जारी होगा।


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Thursday, August 20, 2020

मानव सम्पदा पोर्टल पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूचना अपलोड न करने पर DIOS का रोका जाएगा वेतन : सचिव

मानव सम्पदा पोर्टल पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूचना अपलोड न करने पर DIOS का रोका जाएगा वेतन : सचिव।

प्रयागराज : मानव संपदा पोर्टल पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सूचनाएं अपलोड न करने पर अब जिला विद्यालय निरीक्षकों का वेतन रोका जाएगा। पोर्टल पर अब तक मात्र 35 प्रतिशत कार्मिकों की सूचनाएं अपलोड होने को गंभीरता सेलेते हुए विशेष सचिव कुमार राघवेन्द्र सिंह ने मंगलवार को सभी डीआईओएस को पत्र लिखा है। अब तक 105138 कार्मिकों में से 92072 पंजीकृत हुए हैं और उनमें से मात्र 36934 की प्रविष्टियां सत्यापित हो सकी हैं।




 इस काम में प्रयागराज, आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, बस्ती, गोरखपुर, बरेली, चित्रकूट, देवीपाटन, अयोध्या, कानपुर, लखनऊ, मेरठ और वाराणसी मंडल की प्रगति असंतोषजनक । मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाला काम होने के बावजूद डाटा फीडिंग में लापरवाही मिलने पर डीआईओएस के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई भी हो सकती है।

मानव संपदा पोर्टल पर सूचनाएं अपलोड करना शीर्ष प्राथमिकता का काम है। जल्द से जल्द इसे पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। लेकिन कई जिलों में काम पिछड़ा हुआ है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो डीआईओएस के वेतन रोकने की संस्तुति की जाएगी।
-डॉ.महेन्द्र देव, अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक

मानव संपदा पोर्टल पर सिर्फ 35 फीसदी कर्मचारियों की सूचना अपलोड हुई प्रयागराज समेत 14 मंडलों में डाटा फीडिंग संतोषजनक न होने पर शासन गंभीर 105138 शिक्षकों-कर्मचारियों में 36934 की सूचनाएं ही अपलोड हो सकीं

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