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Friday, June 26, 2020

कक्षा- 8 तक के जूनियर विद्यालयों से समन्वय बनाते हुए कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभियान चलाएगा माध्यमिक शिक्षा विभाग

कक्षा- 8 तक के जूनियर विद्यालयों से समन्वय बनाते हुए कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभियान चलाएगा माध्यमिक शिक्षा विभाग


माध्यमिक शिक्षा विभाग कक्षा 9 में प्रवेश के लिए अभियान चलाएगा। इसके लिए कक्षा 8 तक के जूनियर स्कूलों से समन्वय करके प्रवेश देना होगा। स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पास के जूनियर स्कूलों से कक्षा 8 के बच्चों की सूची लेकर उनके प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद होने के कारण विभाग ने यह व्यवस्था की है। कक्षा 8 तक के स्कूल बेसिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित होते हैं। वहीं कक्षा 9 व इससे ऊपर के स्कूल माध्यमिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित किए जाते हैं।






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Tuesday, May 12, 2020

माध्यमिक : 2004-05 में आगरा यूनिवर्सिटी से बीएड करने वाले शिक्षकों का ब्योरा तलब, विभाग में खलभली

माध्यमिक स्कूलों में भी फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी, अपर निदेशक माध्यमिक ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को जारी किए निर्देश।


माध्यमिक स्कूलों में भी फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई होगी

प्रयागराज : डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के 2004-05 सत्र की फर्जी और टेम्पर्ड बीएड डिग्री के आधार पर परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में नौकरी पाने वालों पर कार्रवाई के बाद अब माध्यमिक स्कूलों में भी कार्रवाई की तैयारी है। आगरा विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री के आधार पर राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यिमक स्कूलों में चयनित शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। अपर निदेशक माध्यमिक डॉ. महेन्द्र देव ने सभी डीआईओएस से ऐसे शिक्षकों की सूचना देने को कहा है।

यह है पूरा मामला:एसआईटी जांच में फर्जी मिले 3637 अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय ने नोटिस दिया था जिसमें 2823 ने जवाब नहीं दिया। नीलम चौहान समेत 608 अन्य ने विभागीय कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका की थी। इस पर कोर्ट ने फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त करने को उचित ठहराया था। 2004-05 सत्र में आगरा विवि ने 57 सहायता प्राप्त और 25 प्राइवेट कॉलेजों में बीएड कोर्स की भर्ती परीक्षा ली थी। कॉलेजों ने स्वीकृत सीटों से अधिक छात्रों का प्रवेश ले लिया था। बाद में फर्जी डिग्री की शिकायत पर एसआईटी को जांच सौंपी गई।

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माध्यमिक : 2004-05 में आगरा यूनिवर्सिटी से बीएड करने वाले शिक्षकों का ब्योरा तलब, विभाग में खलभली।



अब माध्यमिक शिक्षा विभाग में खलबली,

2004- 05 में बीएड करने वाले शिक्षकों का ब्योरा तलब आगरा यूनिवर्सिटी से बीएड करने वालों का मांगा गया ब्यौरा

बेसिक शिक्षा विभाग के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग से उन शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है कि जिन शिक्षकों ने वर्ष 2004-05 में आगरा यूनिवर्सिटी से बीएड किया है। इससे विभाग में हड़कम्प मचा है। इससे पहले बेसिक शिक्षा विभाग में जांच में ऐसे कुछ शिक्षकों की मार्कशीट में गड़बड़ी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग से जिस तरह ब्योरा मांगा गया है। इसकी एसआईटी जांच कराई जानी है। संयक्त शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को जो पत्र लिखा है। इसमें निर्धारित प्रारूप पर जिले के माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है जिन्होंने वर्ष 2004-05 में बीएड का प्रशिक्षण डा. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा से किया है। इसके बाद से यह ब्योरा एकत्र करके भेजा जा रहा है। इससे पूर्व बेसिक शिक्षा विभाग में भी वर्ष 2004-05 में आगरा यूनिवर्सिटी से बीएड करने वाले शिक्षकों की जांच कराई गई थी। विभागीय जांच के साथ ही एसआईटी जांच भी कराई गई थी। इसके बाद कई शिक्षकों पर कार्रवाई भी की गई थी। अब शासन के निर्देश पर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है। डीआईओएस महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत उन शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से बीएड किया है। निर्धारित प्रारूप पर ऐसे शिक्षकों का ब्यौरा भेजा जा रहा है। फिलहाल अपने जिले में ऐसा एक ही शिक्षक पाया गया है।






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Thursday, April 30, 2020

लॉक डाउन की अवधि में माध्यमिक विद्यालयों में वेतन सम्बन्धी एवं अन्य आवश्यक कार्य हेतु दो कार्मिकों को पास निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी

लॉक डाउन की अवधि में माध्यमिक विद्यालयों में वेतन सम्बन्धी एवं अन्य आवश्यक कार्य हेतु दो कार्मिकों को पास निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी

Monday, April 27, 2020

कोरोना वायरस की असाधारण परिस्थितियों के दृष्टिगत शैक्षिक सत्र 2020-21 में विद्यालयों द्वारा शुल्क वृद्धि न किये जाने सम्बन्धी आदेश जारी

कोरोना वायरस की असाधारण परिस्थितियों के दृष्टिगत शैक्षिक सत्र 2020-21 में विद्यालयों द्वारा शुल्क वृद्धि न किये जाने सम्बन्धी आदेश जारी।


यूपी में पैरेंट्स को राहत : प्राइवेट स्कूलों में फीस ना बढ़ाने का आदेश जारी


प्रदेश के निजी स्कूल इस शैक्षिक सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। जिन स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है, उन्हें अपना आदेश वापस लेना पड़ेगा। ये आदेश यूपी बोर्ड, आईसीएससी, सीबीएसई व अन्य  बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने यह जानकारी दी है।

डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण उपजी कठिन परिस्थितियों के कारण राज्य सरकार ने अभिभावकों को राहत देने का निर्णय लिया है। लॉकडाउन के कारण कुछ छात्र–छात्राओं के अभिभावकों के रोजगार भी  प्रभावित हुए हैं और ऐसे छात्रों के अभिभावकों को शुल्क जमा किए जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के तहत बेसिक शिक्षा परिषद, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) भारतीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (आईसीएसई),  इंटरनेशनल बेक्कलॉरेट (आईबी) और इंटरनेशनल जनरल सर्टिफिकेट आफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईजीसीएसई) के स्कूल  2020–21 के सत्र में फीस नहीं बढ़ाएंगे। 


स्कूलों को 2019–20 में नए प्रवेश व  हर कक्षा के लिए निर्धारित शुल्क संरचना के अनुसार ही  फीस लेनी होगी। यदि किसी स्कूल ने  इस सत्र ( 2020–21)  में फीस बढ़ाई है और  बढ़ी हुई दरों से शुल्क लिया जा चुका है तो बढे हुए अतिरिक्त शुल्क को अगले महीनों में समायोजित किया जाएगा। विभाग इससे पहले मासिक आधार पर शुल्क लेने का निर्णय भी जारी कर चुका हैं। जो लोग त्रैमासिक शुल्क नही दे सकते हैं उन पर दबाव न डाला जाए । यदि स्कूल इस आदेश को न माने तो प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अधिनियम–2018 के तहत गठित जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष  शिक़ायत की जा सकती है।



सभी बोर्डों के निजी स्कूल इस साल नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, आदेश जारी



Tuesday, April 21, 2020

लॉक डाउन अवधि में विद्यालय बन्द रहने तक परिवहन शुल्क न लिए जाने हेतु आदेश जारी, देखें

लॉक डाउन अवधि में विद्यालय बन्द रहने तक परिवहन शुल्क न लिए जाने हेतु आदेश जारी, देखें।

बस व वैन का शुल्क लॉकडाउन अवधि में विभाग हुआ सख्त, सख्त कार्यवाई के दिए निर्देश

Wednesday, April 8, 2020

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सदस्यों का बढ़ा कार्यकाल

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सदस्यों का बढ़ा कार्यकाल।






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