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Wednesday, November 4, 2026

अब स्कूल खुद बताएंगे अपनी कमजोरी, बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों का डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन होगा

अब स्कूल खुद बताएंगे अपनी कमजोरी, बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों का डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन होगा


लखनऊ। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्यों को खुद यह बताना होगा कि उनके विद्यालय में पढ़ाई का स्तर कैसा है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। इसके लिए स्कूल क्वालिटी असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन फ्रेमवर्क किया (एसक्यूएएएफ) लागू जाएगा। इसके तहत बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों का डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन होगा।


 स्कूल पहले अपना आकलन करेंगे। इसमें सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए सुधार की कार्ययोजना भी बनानी होगी। एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार ने बताया कि स्टेट स्कूल स्टैंडर्ड अथारिटी की स्थापना के तहत यह फ्रेमवर्क तैयार है। इसे जल्द लागू किया जाएगा।

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