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Friday, March 20, 2026

संसदीय समिति ने दोपहर के भोजन के साथ सुबह का हल्का नाश्ता देने की सिफारिश की, केंद्र व राज्य सरकारों से की अंशदान बढ़ाने की मांग

संसदीय समिति ने दोपहर के भोजन के साथ सुबह का हल्का नाश्ता देने की सिफारिश की, केंद्र व राज्य सरकारों से की अंशदान बढ़ाने की मांग


संसदीय समिति ने पीएम पोषण योजना के तहत स्कूली बच्चों को दोपहर के भोजन के साथ सुबह का हल्का नाश्ता देने की सिफारिश की है। समिति ने केंद्र और राज्य सरकारों से इसके लिए मदद बढ़ाने का आग्रह किया।

स्कूली बच्चों को पीएम पोषण के तहत सुबह का नाश्ता मिले।

नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों को भी दोपहर का भोजन मिले।

केंद्र-राज्य सरकारें पोषण योजना में अपना अंशदान बढ़ाएँ।


नई दिल्ली। शिक्षा मंत्रालय से जुडी संसदीय समिति ने देश भर के स्कूली बच्चों को पीएम पोषण के तहत दिए जाने वाले दोपहर के भोजन के साथ सुबह का हल्का नाश्ता देने की भी सिफारिश की है। साथ ही कहा है कि केंद्र सरकार को इसके लिए राज्यों को मदद देनी चाहिए।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि नाश्ता जो दिन का पहला आधार होता है, वह विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पढ़ाई के दौरान एकाग्रता के लिए आवश्यक उर्जा और स्मरण शक्ति में सुधार करता है।


समिति की सिफारिश
समिति ने सिफारिश की है कि ऐसे स्कूल जो सुबह की पाली में चलते है, उनमें बच्चों को हल्का नाश्ता देने की व्यवस्था तुरंत शुरू की जाए। इसके लिए केंद्र व राज्य सरकारें अपने-अपने अंशदान में वृद्धि करें। समिति ने इसके साथ ही स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को भी दोपहर का भोजन मुहैया कराने की सिफारिश की है।

समिति का मानना है कि छात्रों की यह उम्र किशोरावस्था की होती है। ऐसे में उन्हें उस उम्र में पर्याप्त पोषण की सबसे अधिक जरूरत होती है। मौजूदा व्यवस्था में स्कूलों में आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को ही दोपहर का भोजन दिया जाता है। समिति का कहना है कि यह ठीक वैसे ही जैसे बाल्टी भरने से पहले नल को बंद कर दिया जाए।

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