DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Friday, October 23, 2026

44 हजार छात्रों को स्कूल में ही मिलेगा हुनरमंद बनने का मौका, प्रोजेक्ट प्रवीण में 388 नए एडेड स्कूल शामिल, कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 300 घंटे का प्रशिक्षण

44 हजार छात्रों को स्कूल में ही मिलेगा हुनरमंद बनने का मौका, प्रोजेक्ट प्रवीण में 388 नए एडेड स्कूल शामिल, कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों को 300 घंटे का प्रशिक्षण



लखनऊ। प्रदेश के 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल में ही कौशल विकास का अवसर मिलेगा। नए सत्र 2026-27 में प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 388 नए अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया गया है।

इनमें कक्षा नौ से 12वीं तक के 44,048 विद्यार्थियों को आईटी, हेल्थकेयर, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में 300 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

राजकीय विद्यालयों में योजना के विस्तार के बाद अब एडेड स्कूलों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। कौशल विकास मिशन ने 388 प्रशिक्षण प्रदाताओं को लक्ष्य आवंटित कर दिया है।

हर बैच में अधिकतम 35 छात्र होंगे। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने प्रशिक्षण प्रदाताओं को अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर सात नवंबर तक प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।


राष्ट्रीय मानकों पर मिलेगा प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में कंप्यूटर, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं, डेयरी, मशरूम उत्पादन, सोलर पंप तकनीक, सिलाई बुनाई, मशीन संचालन, ड्राइविंग, सैलून सेवाओं और ब्यूटी कंसल्टेंसी जैसे कौशल सिखाए जाएंगे। इसके अलावा टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हस्तशिल्प के क्षेत्र भी शामिल हैं।

प्रशिक्षण एनसीवीटी और एनएसक्यूएफ के राष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगा। प्रशिक्षण प्रदाताओं को बैच शुरू होने के सात दिन के भीतर पाठ्य सामग्री बांटकर उसकी फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। सेक्टर स्किल काउंसिल के पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण और मूल्यांकन होगा।

सफल विद्यार्थियों को केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र मिलेगा, जिससे पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में भी वे नौकरी या स्वरोजगार के अवसर तलाश सकेंगे।


No comments:
Write comments