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Tuesday, December 24, 2024

नियमित NPS अंशदान में घोर लापरवाही पर वित्त नियंत्रक (बेसिक शिक्षा) ने रायबरेली के वित्त एवं लेखाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण, देखें कोर्ट ऑर्डर और आदेश

नियमित NPS अंशदान में घोर लापरवाही पर वित्त नियंत्रक (बेसिक शिक्षा) ने रायबरेली के वित्त एवं लेखाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण, देखें कोर्ट ऑर्डर और आदेश 

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार के निर्देशों की अनदेखी पर इस कृत्य को बताया सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही का प्रतीक 

पर्याप्त बजट के बावजूद जमा नहीं हुआ अंशदान  


रायबरेली । हाईकोर्ट के आदेश और पर्याप्त धनराशि आवंटन के बावजूद रायबरेली में न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) अंशदान जमा करने में हो रही लापरवाही ने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के वित्त नियंत्रक राकेश सिंह ने इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी, रायबरेली से स्पष्टीकरण मांगते हुए इसे सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही का प्रतीक बताया है।  


कंपोजिट स्कूल बेलाखारा, विकास क्षेत्र राही के सहायक अध्यापक श्री राहुल बाजपेयी ने 21 नवंबर 2024 को लिखित शिकायत में बताया कि उनके वेतन से हर महीने एनपीएस अंशदान काटा जा रहा है, लेकिन अगस्त 2024 से अब तक यह उनके एनपीएस खाते में जमा नहीं किया गया है। यही नहीं, सरकारी अंशदान भी लगातार लंबित है, जिससे उनके वित्तीय अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।  


रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यालय ने जून और अक्टूबर 2024 में क्रमशः ₹36.60 करोड़ और ₹19.16 करोड़ की धनराशि, कुल ₹55.76 करोड़, रायबरेली को आवंटित की थी। इतनी बड़ी राशि होने के बावजूद एनपीएस खाते में अंशदान जमा न करना विभागीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता को दर्शाता है।  


वित्त नियंत्रक ने रायबरेली के वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देश दिया है कि तत्काल लंबित अंशदान को अद्यतन कराते हुए यह स्पष्ट करें कि पर्याप्त बजट होने के बाद भी नियोक्ता अंशदान नियमित रूप से क्यों नहीं जमा किया गया। इसके साथ ही मुख्यालय ने इसे शासकीय कार्यों में ढिलाई का गंभीर मामला मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।  


इस घटना से रायबरेली के बेसिक शिक्षा के कर्मचारियों और शिक्षकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि एनपीएस जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय दायित्वों में ही विभाग इतनी लापरवाही बरतेगा, तो कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित कैसे होगा?  


वित्तीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना उच्च अधिकारियों की कार्यशैली और सरकारी आदेशों के अनुपालन में ढिलाई का नतीजा है। यदि समय पर अंशदान जमा नहीं किया गया, तो न केवल कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड पर असर पड़ेगा, बल्कि यह सरकार की साख पर भी बट्टा लगाएगा।  


हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एनपीएस अंशदान में हो रही इस घोर लापरवाही ने सरकारी तंत्र की जवाबदेही और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल वित्तीय लापरवाही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का उदाहरण है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को तुरंत इस पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।  

Friday, December 2, 2022

सुल्तानपुर : वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक लेखाकार समेत 3 के खिलाफ FIR, बेसिक शिक्षा में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना पड़ा मंहगा

सुल्तानपुर : वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक लेखाकार समेत 3 के खिलाफ FIR, बेसिक शिक्षा में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना पड़ा मंहगा



बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिए हुए इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना वित्त एवं लेखाधिकारी राम यश यादव, सहायक लेखाकार समेत एक अन्य को महंगा पड़ा है। सीडीओ द्वारा कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों के आरोप से इसकी पुष्टि हुई। जिस पर एबीएसए दूबेपुर बलदेव प्रसाद यादव की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है।


सुलतानपुर: वित्त एवं लेखाधिकारी , सहायक लेखाकार के खिलाफ मुकदमासीडीओ की कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों ने की आरोपों की पुष्टि


सीडीओ की कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों ने की आरोपों की पुष्टि

बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिए इंटरव्यू



सुलतानपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिए हुये इंटरव्यू में परीक्षार्थियों से पैसे की डिमांड करना वित्त एवं लेखाधिकारी राम यश यादव, सहायक लेखाकार समेत एक अन्य को महंगा पड़ा है। सीडीओ की कराई गई जांच में दो परीक्षार्थियों के आरोप से इसकी पुष्टि हुई। इस पर एबीएसए दूबेपुर बलदेव प्रसाद यादव की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है।


गोंडा जिले के मनकापुर स्थित संचार विहार आईटीआई निवासी सौरभ तिवारी पुत्र श्रीकृष्ण तिवारी ने बेसिक शिक्षा विभाग में क्वॉलिटी कंट्रोल मैनेजर पद के लिये 16 नवंबर को इंटरव्यू दिया था। उसका रोल नंबर 43 था। सौरभ का आरोप है कि इंटरव्यू के बाद 25 नवंबर की शाम 7:41 पर उसे मोबाइल नंबर ********** से कॉल आया। ट्रू कॉलर पर नाम राम यश यादव एएओ प्रदर्शित हुआ। उसे 26 नवंबर को सुबह विकास भवन पर आने को बोला गया। सुबह जब 10:45 पर पीड़ित ने विकास भवन पहुंचकर उसी नंबर पर कॉल किया तो पास में तिराहे पर मिलने को उसे बोला गया।


सौरभ के अनुसार मैने देखते ही उस व्यक्ति को पहचान लिया वो सीडीओ सर के साथ इंटरव्यू में मौजूद एएओ राम यश ही थे। उनके साथ ड्राइवर समेत दो व्यक्ति और थे। उन्होंने बोला आपका इंटरव्यू बहुत अच्छा गया है लेकिन एक्सल में आपके नंबर कम आये हैं। बाकी की बात दूसरा व्यक्ति बता देगा। दूसरे व्यक्ति ने बताया कि एक्सल पास करवा दूंगा उसके लिये 70 हजार रुपए लगेंगे। 


सौरभ ने बताया कि 29 नवंबर को विनोद कुमार सहायक लेखाकार सर्व शिक्षा अभियान ने सीडीओ को दिये पत्र में लिखा है कि मैने वित्त एवं लेखाधिकारी के कहने पर पैसे की मांग की थी।
परीक्षार्थी सियाराम बिंद को भी 25 नवंबर को पांच बजे उसी नंबर से फोन गया। 26 नवंबर को सुबह उसे भी विकास भवन पर आने को बोला गया कि 11 से 12 बजे के बीच विकास भवन आ जाओ। उससे 75 हजार रुपए की मांग की गई थी। 


इन दोनों मामले की जांच सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी से कराया। बुधवार को इसकी पुष्टि होने के बाद वे सीधे एसपी सोमेन बर्मा से मिले और कार्रवाई के लिये बात किया। अब एएओ, सहायक लेखाकार व एक अज्ञात के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत कई धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इसकी विवेचना क्षेत्राधिकारी नगर को दी गई है।

Thursday, July 8, 2021

अवमानना के मामले में बीएसए व लेखाधिकारी मैनपुरी के खिलाफ वारंट जारी

अवमानना के मामले में बीएसए व लेखाधिकारी मैनपुरी के खिलाफ वारंट जारी


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना के एक मामले में मैनपुरी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह और वित्त एवं लेखाधिकारी अनिल शर्मा के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर उन्हें 27 जुलाई को तलब किया है। कोर्ट ने सीजेएम मैनपुरी के माध्यम से वारंट तामील करने को कहा है।


यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने सहायक अध्यापिका विनीता कुमारी वह चार अन्य की अवमानना याचिका पर अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी को सुनकर दिया है। अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि आगरा विश्वविद्यालय की सत्र 2004-05 की बीएड की फर्जी डिग्री मामले में याचियों को बर्खास्त कर दिया गया था। 


एकल पीठ के आदेश पर खंडपीठ ने रोक लगा दी है और विश्वविद्यालय को चार माह में जांच पूरी कराने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि तब तक याचियों को कार्य करने दें और उन्हें वेतन भुगतान किया जाए।

Friday, February 5, 2021

शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक बीमा की कटौती पर शिक्षक संगठनों की चिंताओं से अवगत कराते हुए वित्त एवम लेखाधिकारी सहारनपुर ने वित्त नियंत्रक को पत्र लिख मांगा मार्गदर्शन

शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक बीमा की कटौती पर शिक्षक संगठनों की चिंताओं से अवगत कराते हुए वित्त एवम लेखाधिकारी सहारनपुर ने वित्त नियंत्रक को पत्र लिख मांगा मार्गदर्शन


Wednesday, February 3, 2021

देवरिया के वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) के खिलाफ जमानती वारंट

देवरिया के वित्त एवं लेखाधिकारी  (बेसिक) के खिलाफ जमानती वारंट


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया बीएसए कार्यालय के वित्त-लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने यह आदेश अवमानना आरोप निर्मित करने के लिए बुलाए जाने पर कोई प्रतिक्रिया न देने पर दिया है।


Friday, October 9, 2020

कानपुर देहात : शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं गायब, रिटायर्ड लेखाकार पर होगी रिपोर्ट, वित्त एवं लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब

कानपुर देहात : शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं गायब, रिटायर्ड लेखाकार पर होगी रिपोर्ट, वित्त एवं लेखाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब।

कानपुर देहात : बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी दफ्तर में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसका खुलासा शासन से भेजी रिपोर्ट में हुआ है। 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हुए लेखाकार ने चार्ज तक नहीं छोड़ा और अभिलेख घर ले गए। हद तो तब हो गई जब शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाएं नदारद मिली। गुरुवार को एसडीएम की रिपोर्ट पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने रिटायर्ड लेखाकार पर एफआईआर कराने का आदेश वित्त एवं जिलाधिकारी को दिया है। कमियों के बाबत उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।

सीडीओ जोगिंदर सिंह ने 25 अगस्त को बीएसए व वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। तब मौके पर पाया गया कि लेखाकार मुकेश सक्सेना के सेवानिवृत्त होने के बाद अभिलेखों से संबंधित अलमारियों की चाबियां चपरासी के पास हैं। सीडीओ को कार्यालय से शिक्षकों व कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं गायब मिलीं। पता चला कि शिक्षक व कर्मचारी के सेवा पुस्तिका मांगने पर लेखाकार उसे घर से देते थे। लेखाकार जीपीएफ रजिस्टर भी अपने पास भी रख हुए थे। अध्यापकों के सेवानिवृत्त होने पर जीपीएफ का भुगतान भी नहीं हो पाता और दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होते।

वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर सीडीओ ने कार्रवाई के लिए शासन में रिपोर्ट भेजी थी गुरुवार को इसी बात का संज्ञान लेते हुए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना ने अनाधिकृत रूप से सरकारी अभिलेख घर में रखे जाने के आरोप में सेवानिवृत्त लेखाकार मुकेश सक्सेना के विरुद्ध एफआईआर कराने का आदेश दिया है। इसकी सूचना उनके कार्यालय समेत डीएम व सीडीओ को देने के निर्देश दिए हैं।

पूर्व में निरीक्षण के दौरान बीएसए और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में गंभीर अनियमितताएं मिली थी। इसकी रिपोर्ट शासन में भेजी गई थी। महानिदेशक की ओर से सेवानिवृत्त लेखाकार के विरुद्ध एफआईआर कराने का आदेश वित्त एवं जिलाधिकारी को दिया गया है। -जोगिंदर सिंह (सीडीओ)