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Saturday, June 13, 2026

प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के अवशेष देयकों के भुगतान के सम्बन्ध में


प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के अवशेष देयकों के भुगतान के सम्बन्ध में

Thursday, January 15, 2026

नयी पेंशन योजना से आच्छादित दिवंगत शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के नामिनी द्वारा पारिवारिक पेंशन का विकल्प लिये जाने पर प्रान खाते के जमा धनराशि की सूचना उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।

नयी पेंशन योजना से आच्छादित दिवंगत शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के नामिनी द्वारा पारिवारिक पेंशन का विकल्प लिये जाने पर प्रान खाते के जमा धनराशि की सूचना उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में।



Friday, January 17, 2025

नई पेंशन योजना अंतर्गत नियुक्त अशासकीय शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारी के दिवंगत होने के उपरांत परिवार को अभिदाता अंशदान की वापसी के संबंध में

नई पेंशन योजना अंतर्गत नियुक्त अशासकीय शिक्षक / शिक्षणेत्तर कर्मचारी के दिवंगत होने के उपरांत परिवार को अभिदाता अंशदान की वापसी के संबंध में 





Tuesday, December 24, 2024

नियमित NPS अंशदान में घोर लापरवाही पर वित्त नियंत्रक (बेसिक शिक्षा) ने रायबरेली के वित्त एवं लेखाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण, देखें कोर्ट ऑर्डर और आदेश

नियमित NPS अंशदान में घोर लापरवाही पर वित्त नियंत्रक (बेसिक शिक्षा) ने रायबरेली के वित्त एवं लेखाधिकारी से मांगा स्पष्टीकरण, देखें कोर्ट ऑर्डर और आदेश 

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार के निर्देशों की अनदेखी पर इस कृत्य को बताया सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही का प्रतीक 

पर्याप्त बजट के बावजूद जमा नहीं हुआ अंशदान  


रायबरेली । हाईकोर्ट के आदेश और पर्याप्त धनराशि आवंटन के बावजूद रायबरेली में न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) अंशदान जमा करने में हो रही लापरवाही ने सरकारी तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के वित्त नियंत्रक राकेश सिंह ने इस मामले में वित्त एवं लेखाधिकारी, रायबरेली से स्पष्टीकरण मांगते हुए इसे सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही का प्रतीक बताया है।  


कंपोजिट स्कूल बेलाखारा, विकास क्षेत्र राही के सहायक अध्यापक श्री राहुल बाजपेयी ने 21 नवंबर 2024 को लिखित शिकायत में बताया कि उनके वेतन से हर महीने एनपीएस अंशदान काटा जा रहा है, लेकिन अगस्त 2024 से अब तक यह उनके एनपीएस खाते में जमा नहीं किया गया है। यही नहीं, सरकारी अंशदान भी लगातार लंबित है, जिससे उनके वित्तीय अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।  


रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यालय ने जून और अक्टूबर 2024 में क्रमशः ₹36.60 करोड़ और ₹19.16 करोड़ की धनराशि, कुल ₹55.76 करोड़, रायबरेली को आवंटित की थी। इतनी बड़ी राशि होने के बावजूद एनपीएस खाते में अंशदान जमा न करना विभागीय कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता को दर्शाता है।  


वित्त नियंत्रक ने रायबरेली के वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देश दिया है कि तत्काल लंबित अंशदान को अद्यतन कराते हुए यह स्पष्ट करें कि पर्याप्त बजट होने के बाद भी नियोक्ता अंशदान नियमित रूप से क्यों नहीं जमा किया गया। इसके साथ ही मुख्यालय ने इसे शासकीय कार्यों में ढिलाई का गंभीर मामला मानते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।  


इस घटना से रायबरेली के बेसिक शिक्षा के कर्मचारियों और शिक्षकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि एनपीएस जैसे महत्वपूर्ण वित्तीय दायित्वों में ही विभाग इतनी लापरवाही बरतेगा, तो कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित कैसे होगा?  


वित्तीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना उच्च अधिकारियों की कार्यशैली और सरकारी आदेशों के अनुपालन में ढिलाई का नतीजा है। यदि समय पर अंशदान जमा नहीं किया गया, तो न केवल कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड पर असर पड़ेगा, बल्कि यह सरकार की साख पर भी बट्टा लगाएगा।  


हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एनपीएस अंशदान में हो रही इस घोर लापरवाही ने सरकारी तंत्र की जवाबदेही और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल वित्तीय लापरवाही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का उदाहरण है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को तुरंत इस पर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।  

Tuesday, May 30, 2023

DGSE की अध्यक्षता में दिनांक 07 जून को आयोजित मासिक समीक्षा बैठक के सम्बन्ध में सूचना प्रेषित किये जाने विषयक वित्त नियंत्रक (माध्यमिक) का पत्र।

DGSE की अध्यक्षता में दिनांक 07 जून को आयोजित मासिक समीक्षा बैठक के सम्बन्ध में सूचना प्रेषित किये जाने विषयक वित्त नियंत्रक (माध्यमिक) का पत्र।



Monday, November 28, 2022

शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से जुड़े कार्यों में कोई प्रगति न होने से नाराज DGSE ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव और वित्त नियंत्रक को थमाई कारण बताओ नोटिस

शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों से जुड़े कार्यों में कोई प्रगति न होने से नाराज DGSE ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव और वित्त नियंत्रक को थमाई कारण बताओ नोटिस


परिषदीय शिक्षकों का ट्रांसफर फंसा, सचिव को नोटिस

परिषदीय शिक्षकों के ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में तबादले की प्रक्रिया आगे न बढ़ने समेत अन्य कार्यों में प्रगति न होने से नाराज महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल को कारण बताओ नोटिस दिया है।



वित्त नियंत्रक रविन्द्र कुमार से भी जवाब तलब किया है। 17 नवंबर को जारी नोटिस में विभिन्न कार्यों के लिए पिछले तीन महीने में लगातार निर्देश देने के बावजूद कोई प्रगति नहीं होने पर महानिदेशक ने नाराजगी जताई है।


ग्रामीण इलाके से शहरी क्षेत्र में अध्यापकों के तबादले, मृतक आश्रित नियुक्ति के लिए मानव सम्पदा पोर्टल पर प्रावधान और शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही को ऑनलाइन, समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव नहीं भेजा गया। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई ढीली है। शिक्षकों को जीवन बीमा पॉलिसी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विसंगतियां दूर कर कार्यवाही से अवगत नहीं कराया गया है।


नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के अंतर्गत कटौती व उसके सापेक्ष नियोजक का अंशदान संबंधित शिक्षक के एनपीएस खातों में प्रेषित किए जाने की प्रगति से भी अवगत नहीं कराया गया है। बच्चों के आधार प्रमाणीकरण के लिए शहरी क्षेत्र में जहां आधार किट उपलब्ध नहीं है और जहां आधार किट्स क्रियाशील नहीं है, वहां यूआईडीए की ओर से उपलब्ध कराई गई धनराशि से आधार किट्स उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित करने के बावजूद अब तक काम पूरा नहीं किया गया है।


शिक्षकों के जो प्रत्यावेदन जिलों से अपील के माध्यम से अथवा सामान्य शिकायतों के माध्यम से सचिव को भेजे जाते हैं, उनके निस्तारण में सचिव कार्यालय में पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए निर्देशित गया था। उसमें भी अब व्यवस्था में कोई भी सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।