Friday, December 22, 2017

हाथरस : स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18 के अंतर्गत नामित परिषदीय विद्यालयों के भौतिक सत्यापन हेतु समिति गठित करते हुए आवश्यक निर्देश जारी, आदेश देखें
Sunday, October 8, 2017
Sunday, September 17, 2017
Tuesday, September 20, 2016
Wednesday, September 7, 2016

बहराइच (जरवल) : परिषदीय विद्यालय में कंप्यूटर में दक्ष हो रहे बच्चे, राज्य सरकार ने विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत किया पुरस्कृत, परसोहर विद्यालय के अध्यापकों ने अन्य विद्यालयों को दिखाया आइना
राज्य सरकार ने विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत किया पुरस्कृत
परसोहर विद्यालय के शिक्षकों ने अन्य सरकारी स्कूलों को दिखाया आइना
जरवलरोड (बहराइच) : प्राथमिक विद्यालय परसोहर से शिक्षकों के लिए उम्मीद की एक नई किरण निकली है। इस विद्यालय में पठन-पाठन व शिक्षण व्यवस्था कान्वेंट स्कूल से पीछे नहीं है। कंप्यूटर शिक्षा, सोलर लाइट और आधुनिक शौचालय इस विद्यालय की शोभा को और बढ़ाते हैं। उत्कृष्ट शिक्षण के लिए राज्य सरकार ने विद्यालय को विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत पुरस्कृत किया है।विद्यालय में प्रवेश करते ही यहां का परिसर खुद को बाग में होने का खुशनुमा एहसास कराता है। गमले में खिले फूल और परिसर की साफ-सफाई देखते ही बनती है। विद्यालय में 275 बच्चों का पंजीकरण है। इनके पठन-पाठन के लिए एक प्रधान शिक्षक और चार सहायक शिक्षक तैनात हैं। प्रधान शिक्षक आसिफ अली ने बताया कि मंगलवार को 185 बच्चे स्कूल में पढ़ने आए। शिक्षक विनोद वर्मा, शिक्षिका सीमा अस्थाना, नेहा तिवारी व एस करन यहां के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। विद्यालय में इनवर्टर, सोनल पैनल व जनरेटर की सुविधा है। यहां के मुख्य कक्ष खासा सुसज्जित है। शौचालय में आधुनिक सुविधा और पानी की आपूर्ति के प्रबंध हैं। बकौल प्रधान शिक्षक वे यहां के पठन-पाठन के स्तर को और ऊंचा करने के लिए संघर्षरत हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उन्हें एक लाख 20 हजार रुपये की पुरस्कार सहायता राशि दी है। इस राशि से वे पूर्व राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर प्रयोगशाला का निर्माण कराएंगे। बच्चे उसमें वैज्ञानिक हलचलों को जानेंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही विद्यालय का नए सिरे से रंग-रोगन होगा। अमूमन परिषदीय विद्यालयों का नाम सुनते हैं कई अभिभावकों के मन में तरह-तरह के सवाल कौंधने लगते हैं। उनके सवालों का जवाब देने के लिए इस विद्यालय का पठन-पाठन और सुविधा उदाहरण है। बीएसए डॉ.अमरकांत सिंह ने बताया कि विद्यालय के पठन-पाठन के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शिक्षकों ने जो सहयोग मांगा उसे पूरा किया गया। उनका प्रयास है कि जिले में सिर्फ परसोहर ही नहीं, ऐसे कई विद्यालय ब्लॉकों में हो।


