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Tuesday, October 20, 2020

शर्तों के साथ खुल गए क्लास 9 से 12 तक के स्कूल, दो पालियों में चली कक्षाएं school reopening in uttar pradesh

शर्तों के साथ खुल गए क्लास 9 से 12 तक के स्कूल, दो पालियों में चली कक्षाएं

 
यूपी में सोमवार सुबह कक्षा 9 से लेकर 12 तक के छात्र के लिए स्कूल खुल गए हैं। राजधानी लखनऊ , कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, आगरा समेत सभी जिलों में सात महीने बाद सुबह स्कूलों के सामने चहल -पहल दिखी। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद छात्रों को अंदर के जाने की अनुमति दी गई।


लखनऊ में करीब 1020 स्कूल सोमवार सुबह खुल गए है। सदर स्थित लखनऊ मांटेसरी इंटर कॉलेज के गेट पर सुबह छात्रों को थर्मल स्क्रीनिंग के प्रवेश दिया जा रहा था। लंबे समय के बाद स्कूल आने बाद छात्र खुश थे। इसी तरह राजधानी के अन्य स्कूल में कोरोना गाइड लाइन का पालन कर छात्रों का स्कूल प्रवेश कराया जा रहा था।


जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि राजकीय स्कूलों के 51 प्रिंसिपल को इन स्कूलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, जिला मजिस्ट्रेट की ओर से 106 अन्य अधिकारियों की निरीक्षण के लिए लगाया गया है। डीआईओएस ने बताया कि  मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर सभी सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट पर रखने को कहा गया है । इसके अलावा, सभी एसडीएम और तहसीलदार को अपने क्षेत्रों के स्कूलों के निरीक्षण को कहा गया है। 

शर्तों के साथ खुले स्कूल

शर्तों के साथ हापुड़ जिले के स्कूल सोमवार सुबह से खुल गए हैं। स्कूलों में कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं चल रही हैं। कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। स्टूडेंट्स को परीक्षा कक्षों में दूर-दूर बैठाया गया है। 

डीआईओएस निशा अस्थाना ने बताया कि कोविड 19 की गाइडलाइन का पालन कराते हुए स्कूल खुल गए हैं। कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं स्कूलों में चल रही हैं। वह खुद और नोडल अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। कोरोना वायरस को लेकर स्कूलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सभी स्कूलों के कक्षों में स्टूडेंट्स को दूर-दूर बैठाया गया है। स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 

सुलतानपुर में खुल गए माध्यमिक विद्यालय

सोमवार को जिले के माध्यमिक स्कूल खुल गए।  कोविड-19 महामारी संक्रमण के कारण नए शिक्षा सत्र अप्रैल महीने से स्कूलों एवं विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद था। शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग के तहत विद्यालयों में कक्षा नौ से लेकर 12 तक की विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरु हो गई। प्रथम पाली में सुबह 8.50 बजे से कक्षा नौ व 10 और द्वितीय पाली में अपराह्न 2.50 बजे से कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों स्कूल बुलाया गया है।

डीआईओएस जयप्रकाश यादव ने बताया कि से 30 प्रतिशत अभिभावकों ने अपने बच्चों को विद्यालयों में पढ़ाने के लिए भेजने पर सहमति पत्र प्रदान की है।  विद्यालयों में नामांकित कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से एक दिन में 50 फीसदी ही बच्चों को पढ़ने के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण प्रथम पाली में सुबह नौ बजे से तथा द्वितीय पाली में अपराह्न तीन बजे से पढ़ाई होगी।  सोमवार को नगर के शैम्फोर्ड फ्यूचरस्टिक स्कूल में सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मास्क के साथ बच्चों का प्रवेश कराया गया। प्रधानाचार्य डॉ. अजय तिवारी ने बताया कि शासन की गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

गोंडा : स्कूल कालेजों से हटा कोरोना का ताला

सरकार की गाइड लाइन के बाद करीब सात माह बाद स्कूल और कालेजों पर जड़ा कोरोना का ताला सोमवार को हट गया। पहले दिन पहुंचे बच्चों को अधिकतर स्कूलों में कोविड गाईड लाईन के तहत प्रवेश दिया गया। यहां के अधिकतर स्कूलों में सुबह पहुंचे छात्र छात्राओं को सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। क्लास में भी दैहिक दूरी का अनुपालन कराया जा रहा है। पहले दिन खुले स्कूलों में शिक्षकों और स्टाफ को भी नियमों के तहत जांच से गुजरना पड़ा। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक कहीं नियमों की अनदेखी की सूचना नहीं है। 


स्थानीय सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल पंतनगर  में प्रातः काल बच्चों का प्रवेश होने पर बच्चों को सैनिटाइज करने के साथ-साथ उनका थर्मल स्क्रीनिंग की गई। तत्पश्चात विद्यालय में प्रवेश दिया गया। प्रधानाचार्य रामागिरी विद्यासागर ने बताया  शासनादेश के बाद प्रथम दिन इस सत्र का विद्यालय खोला गया है। जिसमें समस्त प्रकार की सावधानियां को ध्यान में रखते हुए हुए कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को  बुलाया गया है। उनके अभिभावक के स्वीकृति पत्र  के साथ विद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। जनता इंटर कालेज खरगूपुर, देवीबख्श इंटर कालेज बेलसर में नियमों के तहत प्रवेश दिया गया। डीआईओएस अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि निगरानी दल बनाएं गए हैं और निरीक्षण कराया जा रहा है।

दो पालियों में  कक्षाएं 

- दो पालियों में स्कूल चलेंगे। पहली पाली में कक्षा 9 व 10 और दूसरी पाली में कक्षा 11 व 12 के बच्चे बुलाए जाएंगे। 

- विद्यालय खुलने पर प्रतिदिन प्रत्येक पाली के उपरांत कक्ष का सैनिटाइजेशन कराना होगा। 

- बच्चों के आने पर ट्रेम्परेचर परीक्षण के बाद सैनिटाइजेशन कराना होगा। मास्क लगाना अति आवश्यक है। 

- प्रत्येक विद्यालय में जिला प्रशासन के इन्टीग्रेटेड कंट्रोल रूम का नंबर डिस्प्ले करना होगा। 

- यदि किसी विद्यालय में विद्यार्थी, शिक्षक अथवा किसी कर्मचारी को खासी, जुकाम या बुखार है तो उसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम में देनी होगी। 

- कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए विद्यालयों में एक कमेटी का गठन की जाएगी। 

- ऑनलाइन कक्षाएं यथावत चलती रहेंगी उन्हें बंद नहीं किया जाएगा।

- दो शिफ्टों में 50-50 फीसद बच्चों को बुलाकर कक्षाएं संचालित की जाएंगी। 

- लंच के समय बच्चे जब मास्क उतारें तो छह फीट की दूरी उनके बीच आवश्यक है। खाने-पीने की कोई सामग्री बच्चे आपस में शेयर न करें। 

एक तिहाई अभिभावकों ने ही दी स्कूल भेजने की सहमति, कोरोना का भय अभी भी हावी

एक तिहाई अभिभावकों ने ही दी स्कूल भेजने की सहमति, कोरोना का भय अभी भी हावी



लखनऊ : यूपी में 28,474 स्कूलों में कक्षा नौ से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई करने वाले कुल 1.02 करोड़ विद्यार्थियों में से 34.68 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों ने ही उन्हें स्कूल भेजने की लिखित सहमति दी है। कोरोना संक्रमण को लेकर अभी भी ज्यादा अभिभावक डरे हुए हैं। उन्हें भय है कि स्कूल भेजने पर उनका बच्चा कहीं कोरोना की चपेट में न आ जाए।



यही कारण है कि सिर्फ 33.70 फीसद विद्यार्थियों के अभिभावक ही उन्हें स्कूल भेजने को राजी हुए। सोमवार को पहले दिन स्कूलों में आए विद्यार्थियों को कोरोना से बचाव का पाठ पढ़ाया गया। उन्हें कोरोना प्रोटोकॉल का किस तरह पालन करना है, इसकी जानकारी दी गई।

Sunday, October 18, 2020

माध्यमिक : सात महीने बाद आज से खुलेंगे 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल, प्राइवेट स्कूलों ने लिया ये फैसला

बच्चों के लिए आज से खुलेंगे माध्यमिक स्तर स्कूल, बिना मास्क नहीं मिलेगा प्रवेश, ज्यादातर अभिभावकों ने नहीं दी अब तक सहमति

माध्यमिक : सात महीने बाद आज से खुलेंगे 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूल, प्राइवेट स्कूलों ने लिया ये फैसला।।


कोरोना संक्रमण काल में सात माह बाद प्रदेश में आज से कक्षा 9 से 12वीं तक के स्कूल खोले जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजकीय विद्यालयों में संक्रमण रोकने के पुख्ता इंतजाम का दावा किया है। वहीं सहायता प्राप्त और वित्तविहीन विद्यालयों को बच्चों को कोरोना से बचाने की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।


हालांकि, अधिकतर बड़े निजी स्कूल कोरोना को देखते हुए पहले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को ही बुलाएंगे। 9वीं, 11वीं के छात्रों को दशहरे के बाद बुलाया जाएगा। वहीं, यूपी बोर्ड व सीबीएसई के सरकारी स्कूलों ने सोमवार से 9 से 12 तक के उन सभी छात्रों को बुलाने का निर्णय लिया है, जिनके अभिभावकों की सहमति मिल गई है।


माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने बताया कि सोमवार से कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों का संचालन दो पालियों में किया जाएगा। कक्षा 9 एवं 10 के लिए पहली पाली सुबह 8.50 से 11. 50 बजे और 11 एवं 12 के लिए दूसरी पाली दोपहर 12.20 से 3.20 बजे तक संचालित होगी।


उन्होंने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षकों व स्कूल प्रबंधन को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी संचालन प्रक्रिया के मानकों (एसओपी) के अनुसार ही स्कूलों का संचालन के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा। मास्क, साबुन व सैनिटाइजर की भी व्यवस्था करनी होगी। 


नहीं मिल रही अभिभावकों की सहमति 
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों में अभिभावकों से लिखित सहमति नहीं मिल रही है। इसके बिना विद्यार्थी को पठन-पाठन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। विभाग को उम्मीद है कि एक बार स्कूल खुलने के बाद अभिभावक रुझान देखकर अनुमति देने लगेंगे।


आज से नहीं खुल रहे कई स्कूल
जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने बताया कि उनका स्कूल दो नवंबर से खुलेगा। इससे पहले अभिभावकों के साथ वर्चुअल बैठक भी होगी। अवध कॉलेजिएट, पायनियर मोंटेसरी, वरदान इंटरनेशनल एकेडमी, लामार्ट गर्ल्स, लामार्ट बॉयज समेत कई स्कूल अगले महीने खोलने का विचार कर रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल ने भी बताया कि उनके संगठन के बैनर तले भी काफी स्कूल अगले महीने से खुलेंगे।

 
प्रयागराज : 19 अक्टूबर से सभी शैक्षिक बोर्ड के विद्यालय खुल रहे हैं। स्कूलों में बिना मास्क प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यालयों में बच्चों के पास यदि मास्क नहीं होगा तो उन्हें मास्क देने की भी तैयारी है। कक्षा नौ से 12वीं तक के ही विद्यार्थी स्कूलों आएंगे। सभी की ऑनलाइन कक्षाएं पूर्व की तरह चलती रहेंगी।


रानी रेवती देवी सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडेय ने बताया गया कि दो पालियों में 50 फीसद विद्यार्थी ही बुलाएं जाएंगे। सर्वार्य इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुरारजी त्रिपाठी ने बताया कि अभिभावकों से सहमति ली जा रही है। सीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. टीपी पाठक ने बताया कि कक्षाएं शुरू करने और कोरोना से बचने के लिए सभी उपाय किए हैं।


नहीं दिए सहमतिपत्र
डीपी पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापक जया सिंह ने बताया कि अभिभावकों अनुमति नहीं दी। शिवचरण दास कन्हैयालाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लालचंद्र पाठक ने बताया कि स्कूल खोलने की तैयारी है लेकिन अभी सहमतिपत्र नहीं भेजे हैं।


तैयारियों का लिया जायजा
तैयारियों का जायजा लेने के लिए डीआइओएस आरएन विश्वकर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं पहले की तरह चलती रहेंगी। विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों की भी कक्षाएं नियमित रूप से चलें। इसी क्रम में जीजीआइसी कटरा का निरीक्षण डीआइओएस प्रथम राम नारायण विश्वकर्मा व डीआइओएस द्वितीय देवी सहाय तिवारी ने किया।


सम और विषम अनुक्रमांक के अनुसार बुलाएं जाएंगे विद्यार्थी
केंद्रीय विद्यालय ओल्ड कैंट में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं सुबह आठ बजे से 11 बजे तक चलेंगी। कक्षा नौ और 10 की कक्षाएं 11 बजे से दो बजे तक चलेंगी। सम अनुक्रमांक वाले विद्यार्थी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को बुलाए जाएंगे जब कि विषम अनुक्रमांक वाले विद्यार्थी मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को बुलाए जाएंगे

Wednesday, October 14, 2020

फतेहपुर : परिषदीय एवं कस्तूरबा विद्यालयों में विद्यालय विकास योजना के निर्माण के संबंध में।

फतेहपुर : परिषदीय एवं कस्तूरबा विद्यालयों में विद्यालय विकास योजना के निर्माण के संबंध में।  


Monday, October 12, 2020

लंबे समय से बंद पड़े विद्यालयों को खोलना अब है तो जरूरी, लेकिन संसाधनों का अभाव बढ़ा सकता है स्कूलों की मुश्किलें

लंबे समय से बंद पड़े विद्यालयों को खोलना अब है तो जरूरी, लेकिन संसाधनों का अभाव बढ़ा सकता है स्कूलों की मुश्किलें

 
सच कहा जाए तो अब इसके सिवा कोई और चारा नहीं है कि कोरोना संक्रमण काल के बीच ही माध्यमिक स्तर के विद्यालयों को खोला जाए। यही वजह है कि सरकार ने कक्षा नौ से बारह तक के छात्रों के लिए 19 अक्टूबर से कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए प्रोटोकाल का निर्धारण भी कर दिया गया है जो कागजों पर तो संतोषजनक लगता है लेकिन यदि सरकारी और निजी विद्यालयों की स्थिति देखें तो इसका पालन करा पाना बड़ी चुनौती होगी। विशेष तौर से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के लिए यह एक बड़ी परीक्षा है क्योंकि सत्र को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें भी कक्षाएं शुरू करनी ही पड़ेंगी। 


सरकार ने विद्यालयों में अधिकांश काम आनलाइन करने पर ही जोर दिया है। यहां तक कि एडमिशन और पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग भी आनलाइन ही होगी। यदि विद्यालय इसके लिए संसाधन बना सकेंगे तो निश्चित तौर पर उनके लिए यह नया अनुभव भी होगा। हालांकि माध्यमिक शिक्षा विभाग छात्रों के लिए तीस फीसद पाठ्यक्रम पहले ही कम कर चुका है, फिर भी शिक्षण कार्य को नए सिरे से नियोजित करना पड़ेगा।


छात्र संख्या को आधार बनाएं तो माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध विद्यालयों को कक्षाएं प्रारंभ करने में शुरुआती तौर पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। राज्य में निजी, सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों की कुल संख्या लगभग 27 हजार है और हर साल हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में ही लगभग साठ लाख छात्र बैठते हैं। इनमें व्यक्तिगत छात्र भी शामिल हैं और उन्हें हटा दें तो भी इतना बड़ी संख्या के छात्रों के लिए कक्षाएं शुरू कराना आसान न होगा।


 सीबीएसई और सीआइएससी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के लिए यह उतनी परेशानी की बात नहीं होगी क्योंकि एक तो अधिकांश विद्यालय नगरीय क्षेत्र में हैं और दूसरे उनके पास संसाधन भी तुलनात्मक रूप से अधिक हैं। राहत की बात यही है कि सरकार ने नियमों को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के अनुकूल रखने पर जोर दिया है ताकि लोग नई व्यवस्था से बहुत असहज न महसूस करें।

Sunday, October 11, 2020

कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डो के कक्षा 9 से 12 के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन पुनः प्रारम्भ किए जाने के संबंध में आदेश जारी

कोविड-19 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश में संचालित समस्त शिक्षा बोर्डो के कक्षा 9 से 12 के विद्यालयों में भौतिक रूप से पठन-पाठन पुनः प्रारम्भ किए जाने के संबंध में आदेश जारी