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Monday, August 17, 2026

महज 940 शिक्षकों के भरोसे 570 संस्कृत विद्यालयों के छात्रों का भविष्य

महज 940 शिक्षकों के भरोसे 570 संस्कृत विद्यालयों के छात्रों का भविष्य


प्रयागराज । संस्कृत विद्यालयों में पठन-पाठन की स्थिति खस्ताहाल है। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे संस्कृत विद्यालय के छात्रों का भविष्य अधर में है। प्रदेश में 570 माध्यमिक संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। इनमें शिक्षकों के 2549 पद स्वीकृत हैं, लेकिन महज 940 शिक्षक ही तैनात हैं। प्रधानाचार्यों की स्थिति भी चिंताजनक है। 657 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 170 प्रधानाचार्य ही कार्यरत हैं।


शिक्षकों की कमी का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ की छात्र संख्या पर भी पड़ रहा है। प्रांतीय संस्कृत विद्यालय कल्याण समिति के प्रदेश महामंत्री आनंद उपाध्याय का कहना है कि संस्कृत विद्यालय में शिक्षकों के साथ ही संसाधनों का अभाव है। कुछ विद्यालय संविदा शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं।


प्रबंधकों को भर्ती का अधिकार, आदेश का इंतजार : शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की कमी को देखते हुए शासन ने हाल में संस्कृत विद्यालयों में नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की थी। इसके तहत माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की भर्ती शिक्षा सेवा चयन आयोग के बजाय विद्यालयों के प्रबंधकों के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है। एडी माध्यमिक कामता राम पाल का कहना है कि संस्कृत विद्यालयों में भर्ती प्रबंधकों को ही करनी है, चयन आयोग इनकी नियुक्ति नहीं करेगा।

पढ़ाई प्रभावित, परंपरा पर भी असर
संस्कृत केवल एक विषय नहीं बल्कि भारतीय दर्शन, वेद, उपनिषद, व्याकरण, साहित्य, ज्योतिष और शास्त्रीय ज्ञान की प्रमुख भाषा है। विद्यालयों में नियमित पढ़ाई न होने से विद्यार्थियों की रुचि भी कम हो रही है। एक महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सत्यव्रत मिश्र के मुताबिक माध्यमिक स्तर पर संस्कृत शिक्षा कमजोर होने का असर आगे चलकर उच्च शिक्षा और संस्कृत के विद्वानों की नई पीढ़ी पर भी पड़ सकता है।

2011 के बाद भर्ती प्रक्रिया भी सवालों में
शिक्षा निदेशालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2011 में मंडलीय समिति के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया हुई थी। इसमें अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन और बस्ती मंडल में नियुक्तियां हुईं। आजमगढ़ मंडल में मामला न्यायालय में विचाराधीन होने से नियुक्तियां नहीं हो सकीं।

शासन के आदेश पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। - प्रताप सिंह बघेल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा


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