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Monday, July 27, 2020

समाज कल्याण के स्कूलों के बच्चों को नहीं मिलेगी यूनीफार्म, शासन की तरफ से नहीं दिया गया इस मद में धन

प्रयागराज : समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित स्कूलों के बच्चों को इस बार भी यूनिफॉर्म नहीं मिल पाएगी। शासन की तरफ से इस मद में धन नहीं दिया गया है। परिषदीय विद्यालयों और राजकीय विद्यालयों के बच्चों को यूनीफार्म वितरण करने के लिए धन आ गया है। रकम सभी विद्यालयों की प्रबंध समिति के खातों में भी भेज दी है। प्रधानाध्यापक अपने स्तर से कपड़े के लिए कोटेशन मांग रहे हैं। उसके बाद स्वयं सहायता समूहों की मदद से यूनीफार्म तैयार कराकर विद्यार्थियों को दी जाएगी। प्रत्येक विद्यार्थी को दो सेट यूनीफार्म देनी है। प्रदेश में कुल 571 विद्यालयों में 30 प्रयागराज में हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि सिर्फ परिषदीय और राजकीय विद्यालयों के बच्चों को यूनीफार्म देने के लिए बजट आया है। उसी के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। अभी समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं मिला है।

Thursday, July 16, 2020

अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को साइकिल और यूनिफॉर्म देगी सरकार

अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को साइकिल और यूनिफॉर्म देगी सरकार

लक्ष्य पूरा न करने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों पर होगी कार्रवाई


लखनऊ। प्रदेश सरकार अनुसूचित जनजाति (एसटी) की छात्राओं को यूनिफॉर्म और साइकिल देगी। कक्षा 6,9 और 11 में पढ़ने वाली छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस मद में प्रति चयनित छात्रा 4000 रुपये का बजट रखा गया है। जनजातीय कल्याण निदेशालय ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा है कि वे संबंधित जिलों में पात्र छात्राओं का चयन करें। 


एक छात्रा को 700 रुपये मूल्य की यूनिफॉर्म और 3300 रुपये की साइकिल दी जाएगी। अभी तक प्रदेश सरकार इस संबंध में राशि का प्रावधान तो करती थी, पर जिला स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण बजट खर्च नहीं हो पाता था। वर्ष 2019-20 में सोनभद्र में इस मद का 40 लाख का बजट सरेंडर किया गया। 



इस बार सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा है कि वे समय रहते छात्र-छात्राओं का चयन कर सूची निदेशालय को भेजो। अगर किसी जिले से सूची नहीं आई और वहां जांच में छात्राएं पात्र मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जनजातीय कल्याण निदेशालय के मुताबिक, साइकिल और यूनिफॉर्म मद में सरकार ने एक करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है।

Monday, November 25, 2019

अब एससी-एसटी के सभी छात्रों का जीरो "फीस" पर होगा दाखिला, समाज कल्याण विभाग ने दिए निर्देश, अभी 40 फीसदी सीटों पर बिना फीस दाखिला देने का था नियम

अब एससी-एसटी के सभी छात्रों का जीरो "फीस" पर होगा दाखिला, समाज कल्याण विभाग ने दिए निर्देश, अभी 40 फीसदी सीटों पर बिना फीस दाखिला देने का था नियम।





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Tuesday, August 14, 2018

58 हजार एससी छात्रों को वित्त विभाग का झटका, दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए धनराशि देने से वित्त विभाग ने किया मना

58 हजार एससी छात्रों को वित्त विभाग का झटका

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : पिछले शैक्षिक सत्र में दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति पाने से वंचित रह गए अनुसूचित जाति (एससी) के 58 हजार से ज्यादा छात्रों को वित्त विभाग ने तगड़ा झटका दिया है। फंड की कमी बताते हुए वित्त विभाग ने इन छात्रों के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से मांगी गई 178 करोड़ रुपये की धनराशि देने से फिलहाल मना कर दिया है। अब निगाहें विधानमंडल के मानसून सत्र में सरकार की ओर से पेश किये जाने वाले अनुपूरक बजट पर लगी हैं।

पिछले वित्तीय वर्ष में अनुसूचित जाति के 58093 छात्र दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए थे। इनमें से 16,486 छात्र ऐसे हैं जिनके खाते में छात्रवृत्ति या शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम ट्रांजेक्शन फेल हो जाने के कारण नहीं पहुंच सकी। इन छात्रों को पिछले सत्र की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए समाज कल्याण विभाग ने वित्त विभाग से 29.61 करोड़ रुपये की मांग की है। 1 शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित बाकी 41,607 छात्रों में से 17032 ऐसे हैं जिन्हें फंड के अभाव में बीती 31 मार्च तक छात्रवृत्ति नहीं मिली या शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं हो सकी। वहीं लगभग 20 हजार छात्र ऐसे हैं जिन्हें किन्हीं कारणों से संदेहास्पद (सस्पेक्ट) श्रेणी में डाल दिया गया था। बीती अप्रैल और मई में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के वेबपोर्टल को खुलवाकर जिला स्तरीय समिति से इन छात्रों के बारे में निर्णय कराया गया। बाकी छात्र वे हैं जिनके शिक्षण संस्थानों ने उनके आवेदन फारवर्ड करते हुए उनमें फीस नहीं भरी थी। समाज कल्याण विभाग ने हस्तक्षेप कर आवेदन पत्रों में इन छात्रों की फीस भरवायी।

Thursday, May 24, 2018

सेवानिवृतिक लाभों के लिए समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों ने दिया धरना, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के समान लाभ की मांग

सेवानिवृतिक लाभों के लिए समाज कल्याण विभाग के शिक्षकों ने दिया धरना, बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के समान लाभ की मांग।


Tuesday, October 24, 2017

श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा पांच योजनाओं का लाभ : वर्ष 2017-18 में चालू योजनाओं का लाभ लेने के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन पत्र जमा कर सकते

इलाहाबाद : श्रम कल्याण परिषद द्वारा दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम के अंर्तगत पंजीकृत अधिष्ठानों एवं औद्योगिक कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए कुछ योजनाएं संचालित की गई हैं।

वित्तीय वर्ष 2017-18 में चालू योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक उप श्रमायुक्त कार्यालय में आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के मुताबिक श्रमिकों के पुत्र व पुत्रियों को प्राविधिक शिक्षा में प्रवेश पाने पर आर्थिक सहायता योजना भी है। इस योजना के तहत सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम के लिए श्रमिक पुत्र व पुत्रियों को एकमुश्त पांच हजार रुपये, डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए आठ हजार रुपये एवं डिग्री पाठ्यक्रम के लिए 10 हजार रुपये एकमुश्त मिलेंगे। इसका लाभ पाने के लिए 30 अक्टूबर तक उप श्रमायुक्त कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।

इसी तरह 60 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत अंक पाने वाले श्रमिकों के मेधावी बच्चों को पुरस्कार राशि प्रदान करने के लिए तीन हजार रुपये व 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले बच्चों को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसी क्रम में श्रमिकों के पुत्रियों के विवाह पर कन्यादान के लिए पंद्रह हजार रुपये प्रति कन्या की दर से दो कन्याओं को ही लाभ मिलेगा। इसके लिए सभी शर्ते पूरी करनी होगी।

मृत श्रमिकों की विधवाओं व आश्रितों की आर्थिक सहायता के लिए पंद्रह हजार रुपये का हितलाभ देय होगा। मृत श्रमिकों की विधवाओं एवं आश्रितों को अंत्येष्टि के लिए आर्थिक सहायता के रूप में सभी शर्ते पूरी करने पर पंद्रह दिन के अंदर पांच हजार रुपये मिलेंगे।