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Monday, June 16, 2025
प्रदेश के नौ और जिलों में चालू सत्र से नए सर्वोदय विद्यालय प्रारंभ हो जाएंगे, रहने-खाने की सुविधा के साथ मिलेगी बेहतर शिक्षा
प्रदेश के नौ और जिलों में चालू सत्र से नए सर्वोदय विद्यालय प्रारंभ हो जाएंगे, रहने-खाने की सुविधा के साथ मिलेगी बेहतर शिक्षा
लखनऊ। प्रदेश के नौ जिलों में चालू सत्र से नए सर्वोदय विद्यालय प्रारंभ हो जाएंगे। इनमें मथुरा, बलिया, पीलिभीत, मनकापुर (गोंडा), सरवनखेड़ा (कानपुर देहात), अमरोहा, महाराजगंज, अंबेडकरनगर और मैनपुरी शामिल हैं।
समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक जे. राम ने बताया कि इन विद्यालयों में सत्र 2025-26 में कक्षा 6 से 8 तक कुल 2000 बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। अगले वर्ष से कक्षा 12 तक इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू होगा। वर्तमान में 58 जिलों में कुल 100 सर्वोदय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। 9 नए विद्यालयों के साथ अब 62 जिलों में सर्वोदय विद्यालय चलेंगे। इनमें से 45 विद्यालयों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।
इस तरह से कुल 109 आवासीय विद्यालय हो जाएंगे। इनमें 85 प्रतिशत छात्र ग्रामीण व 15 प्रतिशत शहरी क्षेत्र से चयनित किए जाते हैं। 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति व जनजाति, 25 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग व 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की जहां 2018-19 में संख्या 32429 थी, वहीं 2025-26 में करीब 37,000 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे।
डबल इंजन की सरकार समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सर्वोदय विद्यालयों में आधुनिक लैब, मेस, कंप्यूटर व टैबलेट भी उपलब्ध कराए गए हैं। –असीम अरुण, समाज कल्याण राज्यमंत्री
Monday, June 9, 2025
समाज कल्याण से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों की कराई जाएगी जियो टैगिंग, लोकेशन के सहारे औचक मुआयना करने में नहीं होगी दिक्कत
समाज कल्याण से जुड़े सभी शिक्षण संस्थानों की कराई जाएगी जियो टैगिंग, लोकेशन के सहारे औचक मुआयना करने में नहीं होगी दिक्कत
छात्रवृत्ति पोर्टल पर होगी अपलोड, डाटा में शामिल होगी अपार आईडी
लखनऊ। समाज कल्याण विभाग सभी शिक्षण संस्थानों की जियो टैगिंग कराएगा, ताकि उनकी सही लोकेशन की जानकारी रहे। छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना में इसे अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों के डाटा में अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री) आईडी भी शामिल होगी।
प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक आय वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों और दो लाख रुपये तक आय वाले अन्य वर्गों के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। हर साल 50 लाख से ज्यादा विद्यार्थी इस योजना का लाभ पाते हैं। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी के तहत सभी शिक्षण संस्थानों की जियो टैगिंग कराई जाएगी। छात्रवृत्ति के पोर्टल पर यह पता रहेगा कि लाभ लेने वाले विद्यार्थियों का शिक्षण संस्थान किस अक्षांश व देशांतर पर स्थित है। कभी भी अधिकारी उस लोकेशन के सहारे औचक मुआयना करके यह पता कर सकेंगे कि संस्थान वास्तव में चल भी रहा है या नहीं।
यहां बता दें कि केंद्र सरकार प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक यूनिक नंबर देती है, जिसे अपार आईडी कहा जाता है। छात्रवृत्ति के पोर्टल पर भी इस अपार आईडी का एक कॉलम होगा। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में इसे अनिवार्य नहीं किया जाएगा, क्योंकि संस्थानों के रिकॉर्ड और आधार कार्ड में विद्यार्थियों की जन्मतिथि में अंतर है। इसलिए उनकी अपार आईडी बनाने में दिक्कतें आ रही हैं। छात्रवृत्ति पोर्टल पर विद्यार्थी की अपार आईडी रहने से यह पता चल सकेगा कि वो किस योजना में और कहां-कहां लाभ ले रहा है। ये आईडी पूरे देश में मान्य है।
Friday, May 16, 2025
एक शिक्षक के सहारे चल रहे समाज कल्याण के 109 विद्यालय, मान्यता पर लटकी तलवार
एक शिक्षक के सहारे चल रहे समाज कल्याण के 109 विद्यालय, मान्यता पर लटकी तलवार
प्रयागराज। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित प्रदेश के 109 विद्यालयों की मान्यता पर तलवार लटकी है। यह विद्यालय वर्षों से एक ही शिक्षक के दम पर संचालित हैं जबकि यहां छात्र संख्या बहुत अधिक है। ऐसे में बेसिक शिक्षा की नियमावली का पालन नहीं हो पा रहा है। विद्यालयों को पूर्व में शासन स्तर से दो नोटिस दिया जा चुका है। अब तीसरे नोटिस के बाद भर्ती या समायोजन न करने पर इनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। ऐसे सर्वाधिक 14 विद्यालय प्रयागराज में संचालित हैं।
पिछले दिनों निदेशक समाज कल्याण ने प्रदेश के सभी उप निदेशकों व जिला समाज कल्याण अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रयागराज का जिक्र आते ही कहा कि यहां पर एकल विद्यालयों की स्थिति क्या है। उप निदेशक समाज कल्याण सुधीर कुमार ने बताया कि जिले में 14 विद्यालय हैं। इन विद्यालयों को पूर्व में दो नोटिस दिया गया है। जिसमें इन्हें कहा गया है कि या तो यह शिक्षकों की भर्ती करें अन्यथा दो विद्यालयों को समायोजित किए जाए लेकिन इन विद्यालयों ने दोनों ही विकल्पों पर सहमति नहीं दी। अब निदेशक ने प्रदेशभर के ऐसे विद्यालयों को एक और नोटिस देकर उचित कार्रवाई के लिए कहा। साथ ही कहा कि अगर ऐसा नहीं करते हैं तो इन विद्यालयों की मान्यता समाप्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाए।
चार विद्यालयों में एक भी ट्रेंड शिक्षक नहीं: प्रदेश में चार विद्यालय ऐसे भी हैं जहां एक भी ट्रेंड या नियमित शिक्षक नहीं हैं। यहां पर शिक्षा मित्रों के सहारे काम चल रहा है। इसमें आजमगढ़ गौसपुर घुरी का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति प्राथमिक पाठशाला, देवरिया भीखमपुर का अनुसूचित जाति प्राथमिक पाठशाला, हरदोई मोहकमपुर का अनुसूचित जाति प्राथमिक पाठशाला और हेमनखेड़ा का मोतीलाल कृषक शिक्षा निकेतन शामिल है।
मंडल के विद्यालयों की स्थिति: बाल विद्यालय नयापुरा में 15, कन्या प्राथमिक पाठशाला रमन का पुरा में 12, शांति शिक्षा सदन राजापुर में नौ, जन सेवा समिति प्राथमिक विद्यालय महाजना हंडिया में आठ, हरिजन कन्या प्राथमिक पाठशाला मलाकराज में सात, वाल्मीकि कन्या प्राथमिक विद्यालय न्याय मार्ग में पांच तथा आदिवासी प्राथमिक पाठशाला खरका, आदिवासी प्राथमिक पाठशाला घोरी, आदिवासी प्राथमिक विद्यालय अकबरशाहपुर, आदिवासी प्राथमिक विद्यालय मंगलपुर, आदिवासी प्राथमिक विद्यालय पटेहरा, आदिवासी प्राथमिक विद्यालय पटेहरी, आदिवासी प्राथमिक विद्यालय कोइहला, कस्तूरबा गांधी कन्या विद्यालय चौखटा में शिक्षकों के दो-दो पद स्वीकृत हैं पर एक ही शिक्षक कार्यरत है। उधर, कौशाम्बी के गौतमबुद्ध प्राथमिक विद्यालय में सात शिक्षकों के सापेक्ष सिर्फ एक शिक्षक की तैनाती है।
जिन एकल विद्यालयों में स्वीकृत पद के सापेक्ष भर्ती नहीं की गई है, उन्हें समायोजन का विकल्प दिया गया है। इस पर जो लोग राजी नहीं होंगे, उनके विद्यालय की मान्यता समाप्त करने के लिए पत्र लिखा जाएगा। –सुधीर कुमार, उप निदेशक समाज कल्याण
क्यों नहीं हो रही है भर्ती
Saturday, May 10, 2025
कक्षा-9 से 12 तक के छात्रों को हर साल 31 दिसंबर तक वजीफा
कक्षा-9 से 12 तक के छात्रों को हर साल 31 दिसंबर तक वजीफा
लखनऊ। प्रदेश में कक्षा-9 से 12 तक के सभी छात्रों को हर साल 31 दिसंबर तक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाएगा। इससे 10 लाख से ज्यादा छात्र लाभांवित होंगे। प्रदेश सरकार तय आय सीमा के दायरे में आने वाले सभी वर्गों के छात्रों को छात्रवृत्ति का भुगतान करती है। अभी तक यह छात्रवृत्ति हर वित्त वर्ष में 31 मार्च तक मिल पाती थी। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में फैसला किया गया कि कक्षा 9-12 तक के सभी वर्गों के छात्रों के आवेदन के लिए एक ही समयसारिणी जारी की जाए। इसका पालन समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को करना होगा। उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, इसके लिए शीघ्र ही समाज कल्याण विभाग समयसारिणी जारी करेगा।
सामान्य व पिछड़े वर्ग के छूटे छात्रों को भी अगले साल मिलेगी छात्रवृत्ति, अभी बजट खत्म होने पर नहीं मिलती है छात्रवृत्ति, शासन को भेजा गया नया प्रस्ताव
लखनऊ। सामान्य और पिछड़े वर्ग के छूटे छात्रों को भी अगले साल छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई हो सकेगी। अभी बजट खत्म होने पर देयता अगले वित्त वर्ष के लिए नहीं बढ़ाई जाती थी। इससे तमाम पात्र छात्र योजना का लाभ पाने से वंचित रह जाते थे। नियमों में बदलाव के लिए समाज कल्याण विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।
प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए ढाई लाख रुपये तक सालाना आय और अन्य वर्गों के लिए दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों के छात्रों को इस योजना का लाभ देती है। हर साल सभी वर्गों के 50 लाख से ज्यादा छात्र योजना का लाभ पाते हैं। मौजूदा नियमों के तहत, अनुसूचित जाति व जनजाति के पात्र छात्र अगर किसी वित्त वर्ष में लाभ पाने से वंचित रह जाते हैं, तो उन्हें अगले वित्त वर्ष में भी पिछले वर्ष का भुगतान किया जा सकता है। जबकि, सामान्य, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्ग के लिए यह व्यवस्था नहीं है।
समाज कल्याण विभाग ने सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए भी देयता अगले वित्त वर्ष में अग्रसारित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, अगर शासन से सहमति मिली तो वित्त वर्ष 2024-25 के छूटे छात्रों को भी योजना का लाभमिल सकेगा।
आय सीमा भी ढाई लाख रुपये सालाना होगी : छात्रवृत्ति योजना में सभी वर्गों के लिए एकसमान आयसीमा करने पर भी विचार किया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष में यह सभी वर्गों के छात्रों के लिए ढाई लाख रुपये सालाना तक हो सकती है।
Wednesday, March 26, 2025
विशेष प्रशिक्षण देकर सर्वोदय (आश्रम पद्धति) स्कूलों के शिक्षकों का कौशल निखारेगा समाज कल्याण विभाग
विशेष प्रशिक्षण देकर सर्वोदय (आश्रम पद्धति) स्कूलों के शिक्षकों का कौशल निखारेगा समाज कल्याण विभाग
लखनऊ : गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के शिक्षकों के अध्यापन के कौशल को और निखारेगी। प्रतिष्ठित कान्वेंट स्कूलों की तरह इन विद्यालय में पढ़ाई के स्तर में भी सुधार किया जाएगा। इसके लिए सर्वोदय विद्यालयों में तैनात नियमित और संविदा शिक्षकों को डायट, उपाम जैसी सरकारी संस्था के अलावा प्रतियोगिताओं की तैयारी कराने वाले शिक्षण संस्थानों की मदद से प्रशिक्षित किया जाएगा ।
शिक्षकों का 15-15 दिन का ओरियंटेशन कोर्स मई और जून माह में आयोजित किया जाएगा। कोर्स के लिए समाज कल्याण विभाग ने कई संस्थानों को पत्र लिखा है। कोर्स के कार्यक्रम तय होते ही विभाग शिक्षकों की सूची तैयार करेगा।
इस सम्य प्रदेश में 100 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इसमें बालकों और 70 विद्यालय 30 बालिकाओं के लिए हैं। 43 विद्यालय सीबीएसई बोर्ड और 57 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं। प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 490 निर्धारित है। इस समय कुल 32,538 विद्यार्थी इन विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। विभाग ने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम, कंप्यूटर लैब, और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं तो उपलब्ध कराई, लेकिन शिक्षकों के अध्यापन पद्धति से संतुष्ट नहीं है।
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