राजकीय व एडेड डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की पदोन्नति फाइल नहीं लटकेगी, फाइल पर निदेशक को अधिकतम 30 दिन में लेना होगा निर्णय, समर्थ पोर्टल पर यह प्रक्रिया 90 दिन में होगी पूरी
लखनऊ। राजकीय व एडेड डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की पदोन्नति की फाइल अब बेवजह लटकाई नहीं जा सकेगी। उच्च शिक्षा निदेशक को शिक्षक के प्रोन्नति की फाइल पर अधिकतम 30 दिनों में निर्णय लेना होगा।
अभी तक निदेशालय में लंबे समय तक फाइलें लटकाने के चलते शिक्षकों को दौड़ भाग करनी पड़ती थी। अब उन्हें बड़ी राहत मिल गई है। अभी तक राजकीय व एडेड डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की समर्थ पोर्टल पर करियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत शिक्षक पदोन्नति के लिए आवेदन करता है तो पहले कॉलेज की इंटरनल क्वॉलिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) के पास आवेदन जाता है। वह उसकी जांच कर आगे प्राचार्य को ऑनलाइन ही पोर्टल पर रिपोर्ट बढ़ा देती है।
फिर प्राचार्य कमेटी का गठन कर प्रोन्नति की प्रक्रिया को पूरा करता है। यह प्रक्रिया 60 दिनों में पूरी होती है। फिर यहां से निदेशालय को शिक्षक की प्रोन्नति के लिए प्रस्ताव भेज दिया जाता है। अब निदेशक के पास शिक्षकों की पदोन्नति की फाइल जाने पर उन्हें 30 दिनों में निर्णय लेना होगा।
निदेशक को अब अधिकतम 30 दिनों में इस पर निर्णय लेना होगा। समर्थ पोर्टल पर शिक्षक प्रोन्नति की पूरी प्रक्रिया 90 दिनों में पूरी हो जाएगी। फिलहाल, इस निर्णय से 212 राजकीय डिग्री कॉलेजों व 331 एडेड डिग्री कॉलेजों के करीब 16 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत मिल गई है।
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