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Thursday, August 27, 2026

CBSE और CISCE स्कूल भी RTE के दायरे में, हाईकोर्ट ने मांगा प्रवेश का पांच साल का स्कूलवार ब्योरा

CBSE और CISCE स्कूल भी RTE के दायरे में, हाईकोर्ट ने मांगा प्रवेश का पांच साल का स्कूलवार ब्योरा

भदोही के एक स्कूल की याचिका पर दिया आदेश, अब 15 सितंबर को होगी सुनवाई


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सीबीएसई और सीआईएससीई से संबद्ध निजी स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई)-2009 के प्रावधानों से मुक्त नहीं हैं। किसी विद्यालय का राज्य बोर्ड के बजाय दूसरे बोर्ड से संबद्ध होना उसे आरटीई के तहत लागू दायित्वों से छूट नहीं देता।

कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश का पिछले पांच शैक्षणिक सत्रों का स्कूलवार ब्योरा पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने भदोही के वफनौटी स्थित सेंट जॉन्स स्कूल की याचिका पर दिया है।


याची स्कूल ने दावा किया है कि आरटीई के प्रावधान अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू नहीं होते हैं। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से आरटीई अधिनियम की उपयोगिता, ईडब्ल्यूएस और वंचित समूहों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की नीति पर विस्तृत हलफनामा मांगा है।

कोर्ट ने विशेष रूप से कहा कि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक में कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को प्रवेश देकर उन्हें प्राथमिक शिक्षा पूरी होने तक मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने के दायित्व की स्थिति स्पष्ट की जाए। इसमें दिव्यांग बच्चों को भी शामिल किया गया है।

कोर्ट ने राज्य सरकार को सभी निजी प्राथमिक विद्यालयों की जिलेवार सूची देने के साथ जूनियर बेसिक, जूनियर हाईस्कूल, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर पर छात्र संख्या भी बतानी होगी। पिछले पांच शैक्षणिक सत्रों में आरटीई के तहत वास्तविक प्रवेश, आवंटित, प्रवेश न पाने वाले बच्चों की संख्या, कारण, निर्धारित नीति के विपरीत शुल्क वसूली संबंधी शिकायतों और उन पर कार्रवाई का विवरण भी देना होगा। कोर्ट ने सीबीएसई, सीआईएससीई और अन्य बोडों से संबद्ध स्कूलों को भी बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करने का आदेश दिया है।

Friday, May 1, 2026

आईसीएसई व आईएससी के रिजल्ट जारी, छात्राएं अव्वल, 10वीं में 99.18% व 12वीं में 99.13% परीक्षार्थी पास

आईसीएसई व आईएससी के रिजल्ट जारी, छात्राएं अव्वल, 10वीं में 99.18% व 12वीं में 99.13% परीक्षार्थी पास


नई दिल्ली। भारतीय स्कूल प्रमाण पत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) ने बृहस्पतिवार को 10वीं व 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। 10वीं कक्षा में 99.18 प्रतिशत जबकि 12वीं में 99.13 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। एक बार फिर परीक्षा परिणामों में छात्राओं ने बाजी मारी।


 कुल 2,58,721 परीक्षार्थियों ने 10वीं (आईसीएसई) जबकि 1,03,316 ने 12वीं (आईएससी) की परीक्षा में हिस्सा
 लिया। आईसीएसई में रिकॉर्ड 99.46 प्रतिशत छात्राएं, जबकि 98.93 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए। वहीं, आईएससी में 99.48% छात्राएं, जबकि 98.81% छात्र उत्तीर्ण हुए। आईसीएसई में 2,56,590 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए, जबकि 2,131 असफल रहे। आईएससी में 1,02,414 उत्तीर्ण व 902 असफल रहे। परिणाम सीआईएससीई की वेबसाइट पर हैं। 


बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव व सेक्रेटरी डा. जोसफ इमैनुएल ने बताया कि इस बार दसवीं की परीक्षा में एक लाख 37 हजार 503 छात्रों और एक लाख 21 हजार 218 छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इनमें एक लाख 36 हजार 32 छात्र व एक लाख 20 हजार 558 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं। वहीं, 12वीं में 54 हजार 118 छात्र व 49 हजार 198 छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुईं। इसमें 53 हजार 472 छात्र व 48 हजार 942 छात्राओं ने परीक्षा पास की। वहीं, जो छात्र अपने अकों से संतुष्ट नहीं हैं, वह रीचेक के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही सीआइएससीई की ओर से इम्प्रूवमेंट एग्जाम की सुविधा भी दी जाएगी। वैसे परिषद ने 2024 से कंपार्टमेंट परीक्षा समाप्त कर दी है। अब छात्र अधिकतम दो विषयों में सुधार के लिए परीक्षा दे सकते हैं।

Friday, November 14, 2025

Download CISCE Board Exam Date Sheet 2026 सीआईएससीई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से, डेटशीट करें डाउनलोड

Download CISCE Board Exam Date Sheet 2026
 सीआईएससीई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 12 फरवरी से, डेटशीट करें डाउनलोड 


नई दिल्ली। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने 10वीं (आईसीएसई) और 12वीं कक्षा (आईएससी) की बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा कर दी। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 30 मार्च तक, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 12 फरवरी से 6 अप्रैल तक कराई जाएंगी।

सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी और सचिव जोसेफ इमैनुएल ने बताया कि इस बार परीक्षा कार्यक्रम को इस तरह बनाया गया है कि प्रमुख विषयों के बीच पर्याप्त तैयारी का समय मिल सके। 



Friday, June 13, 2025

मुख्यमंत्री ने भव्य समारोह में बोर्ड परीक्षाओं के मेधावियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को किया सम्मानित, जिले स्तर पर भी बच्चे हुए सम्मानित

मुख्यमंत्री ने भव्य समारोह में बोर्ड परीक्षाओं के मेधावियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को किया सम्मानित, जिले स्तर पर भी बच्चे हुए सम्मानित 

आठ वर्षों में बदली स्कूली शिक्षा की तस्वीरः योगी

01 लाख रुपये,  मेधावियों को एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल दिया

स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी विद्यालयी खेल पुरस्कार से सम्मानित किए गए

संस्कृत शिक्षा परिषद और संस्कृत शिक्षा निदेशालय के नए भवन की नींव रखी


13 जून 2025
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पिछले आठ वर्ष में हम माध्यमिक शिक्षा और स्कूली शिक्षा की तकदीर और तस्वीर को बदलने में सफल हुए हैं। वर्ष 2017 के पहले बेसिक शिक्षा लगभग बंदी की ओर जा रही थी। लगातार छात्र संख्या में गिरावट आ रही थी। माध्यमिक शिक्षा नकल का अड्डा बन गई थी।


मुख्यमंत्री गुरुवार को राजधानी लखनऊ में केंद्र व राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त मेधावियों का सम्मान करने और टैबलेट वितरण करने के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इसी के साथ 68वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता 2024-25 में प्रदेश के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री विद्यालयी खेल पुरस्कार से सम्मानित किया।

पहले चलता था नकल और ट्रांसफर-पोस्टिंग का धंधा : मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने यूपी में दो नए बिजनेस खोले थे। एक नकल के नाम पर और दूसरा ट्रांसफर पोस्टिंग का। प्रदेश में थोक के भाव में नकल के अड्डे संचालित होते थे। बाहरी छात्र केवल फॉर्म भरते थे और उनके नाम पर कोई दूसरा परीक्षा दे देता था। वहीं, यहां ट्रांसफर-पोस्टिंग का भी एक उद्योग चलता था। डबल इंजन की सरकार ने इन दोनों प्रकार के अनाचार को रोक करके पारदर्शी और निष्पक्ष प्रणाली को प्रदेश में अपनाया। मुख्यमंत्री ने हंगामा करने वाले छात्रों को नसीहत देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ साथ एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव भी होना चाहिए। समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भाव होना चाहिए।

बालकों से ज्यादा मेहनत करती हैं बालिकाएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणाम बड़े चौंकाने वाले रहे हैं। नतीजे बताते हैं कि बालिकाएं ज्यादा मेहनत करती हैं, जबकि बालक मेहनत करने में थोड़ा पीछे हैं। जिन छात्रों ने यहां पर मेरिट में स्थान प्राप्त किया है, उन्हें 100000 रूपये नकद, एक टैबलेट, एक प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया गया है। 

इसी तरह, जिले स्तर पर मेरिट में आए बच्चों को ₹21000 धनराशि, एक टैबलेट, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जा रहा है। यही नहीं, हमारी युवा प्रतिभा ने प्रधानमंत्री के खेलो इंडिया खेलो और फिट इंडिया मूवमेंट से प्रेरित होकर नेशनल लेवल के गेम्स में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। 

68 वीं राष्ट्रीय विद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के 363 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें 179 पदक इन्होंने प्राप्त किए हैं। इसमें 51 स्वर्ण पदक, 46 रजत पदक और 82 कांस्य पदक शामिल हैं। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 75000 रुपये, रजत पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 50000 रुपये और कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 30000 प्रदेश सरकार की ओर से प्रोत्साहन के रूप में प्रदान किए जा रहे हैं। 

स्केल के साथ स्किल्ड बनने का अवसर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा परिषद और टाटा नेल्को व जापान की कंपनी यासकावा के साथ एक एमओयू भी किया है। यह एमओयू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप है. जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट को भी अंगीकार किया गया है यानी स्केल के साथ स्किल को भी सीखने का अवसर मिलेगा। इसके तहत माध्यमिक शिक्षा से जुड़े सरकारी विद्यालयों में डिजाइन, रोबोटिक और इलेक्ट्रॉनिक्स लैब की स्थापना का कार्य होगा। लगभग 162 करोड़ 72 लाख रुपये से यह कार्यक्रम चलेगा। यह हब एंड स्पोक मॉडल पर आधारित होगा, जिसके तहत एक संस्थान में लैब स्थापित होगी



12 जून 2025
दिनांक: 12/06/2025 को प्रातः 11:00 बजे से लोक भवन, लखनऊ में माननीय मुख्यमंत्री जी के कर कमलों से मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। उक्त कार्यक्रम का दूरदर्शन द्वारा सजीव प्रसारण किया जाएगा तथा निम्न लिंक के माध्यम से लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी:-


साथ ही कार्यक्रम का सीधा प्रसारण CM हैंडल पर निम्न लिंक्स के माध्यम से भी देखा जा सकेगा:-

१) Youtube (यू-ट्यूब पर)

२) Twitter

३)Facebook

इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किसी मुख्यालय के सभागार में करा ले अधिकतम प्रतिभागिता सुनिश्चित करें
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ०प्र०



बोर्ड परीक्षाओं के मेधावियों को एक लाख, खिलाड़ियों को 75 हजार रुपये मिलेगा पुरस्कार,  समारोह में आज मुख्यमंत्री देंगे पुरस्कार, हर जिले में भी होगा समारोह 


लखनऊः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में 166 मेधावियों को पुरस्कृत करेंगे। सम्मानित होने वाले ये वे विद्यार्थी हैं जिन्होंने यूपी बोर्ड, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आइसीएसई बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं में टाप किया है। 

लोकभवन में आज आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सभी मेधावियों को एक लाख रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति-पत्र और मेडल दिए जाएंगे। छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी पहली बार सम्मानित किया जाएगा।

निदेशक माध्यमिक शिक्षा डा. महेन्द्र देव के अनुसार, इन 166 मेधावियों में यूपी बोर्ड के 85, संस्कृत शिक्षा परिषद के 20, सीबीएसई के 29 और आइसीएसई बोर्ड के 32 टापर शामिल हैं। समारोह में संस्कृत शिक्षा परिषद व निदेशालय के नए भवन का शिलान्यास भी होगा। चकिया (चंदौली) और भदोही के संस्कृत विद्यालयों और छात्रावासों के नए भवनों की आधारशिला भी रखी जाएगी।

 लखनऊ के मलिहाबाद व जगतनारायण रोड स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेजों के नए भवनों का शिलान्यास भी होगा। सरकारी माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए ड्रीम लैब्स की स्थापना के लिए एक महत्वपूर्ण एमओयू भी हस्ताक्षरित होगा।


पहली बार नेशनल स्कूल गेम्स के एकल वर्ग में स्वर्ण पदक विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार

87 स्वर्ण पदक विजेता होंगे सम्मानितः
 68वीं राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता (2024-25) में उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के 363 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता में प्रदेश को कुल 179 पदक मिले थे। इनमें 51 स्वर्ण, 46 रजत और 82 कांस्य पदक थे। यह प्रदर्शन एथलेटिक्स, कुश्ती, ताइक्वांडो, जूडो, हाकी, शूटिंग, कराटे, बाक्सिंग, वालीबाल, तैराकी, कबड्डी, हैंडबाल सहित 20 से अधिक खेलों में रहा। 

समारोह में मुख्यमंत्री 51 स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले कुल 87 खिलाड़ियों (73 छात्र, 14 छात्राएं) को पुरस्कृत करेंगे। मुख्यमंत्री विद्यालयी खेल पुरस्कार के अंतर्गत राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिता के एकल वर्ग के स्वर्ण पदक विजेताओं को 75 हजार रुपये और टीम गेम्स के स्वर्ण विजेताओं को 35 हजार रुपये मिलेंगे।


हर जिले में होगा समारोहः राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही गुरुवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में भी समानांतर समारोह होंगे, जहां 1508 मेधावियों को 21-21 हजार रुपये, टैबलेट, प्रशस्ति-पत्र और मेडल दिए जाएंगे। इनमें हाईस्कूल के 758 और इंटरमीडिएट के 750 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर यह सम्मान मंत्री, जनप्रतिनिधि या जिलाधिकारी देंगे। 

इसके अलावा राष्ट्रीय विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं के एकल वर्ग के रजत पदक विजेताओं को 50 हजार रुपये और टीम गेम्स के रजत पदक विजेताओं को 25 हजार रुपये मिलेंगे। वहीं, 82 कांस्य पदक प्राप्त करने वाले 182 विजेता (111 छात्र, 71 छात्राएं) भी सम्मानित होंगे। एकल वर्ग के कांस्य पदक विजेताओं को 30 हजार रुपये और टीम गेम्स के कांस्य पदक विजेताओं को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे।

Thursday, May 1, 2025

CISCE : 10वीं में 99.09% और 12वीं में क्रमशः 99.02% पास, बेटियां फिर आगे

CISCE : 10वीं में 99.09% और 12वीं में क्रमशः 99.02% पास,  बेटियां फिर आगे


नई दिल्ली । इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के दसवीं व बारहवीं के परिणाम बुधवार को घोषित कर दिए गए। नतीजों में एक बार फिर छात्राओं ने बाजी मारी।

दसवीं कक्षा में इस साल 99.45 प्रतिशत छात्राएं उत्तीर्ण हुईं जबकि छात्रों में 96.64 फीसदी ने सफलता हासिल की। वहीं बारहवीं कक्षा में भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया और 99.45 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं जबकि 98.64 फीसदी छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। दसवीं की परीक्षा 67 विषयों में किसी संचालित की गई थी जिनमें 20 भारतीय भाषा व 14 विदेशी भाषा की परीक्षा शामिल थीं। वहीं बारहवीं कक्षा में 47 विषयों की परीक्षा हुई जिनमें 4 विदेशी भाषा, 12 भारतीय भाषा और 2 शास्त्रीय भाषा शामिल थीं।

बोर्ड के मुख्य कार्यकारी जोसेफ इमैनुएल ने कहा कि छात्र डिजीलॉकर पर भी अपना परिणाम देख सकते हैं। साथ ही सीआईएससीई की वेबसाइट व करियर्स पोर्टल पर भी परिणाम उपलब्ध है। दसवीं व बारहवीं की सुधारात्मक परीक्षाएं जुलाई में आयोजित की जाएंगी।

इस साल दसवीं में 2803 स्कूलों से 2,52,557 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे जिनमें से 2308 परीक्षार्थी सफल नहीं हो सके। परीक्षा में शामिल 48 दृष्टिबाधित छात्रों में से 13 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए। वहीं सीखने में दिक्कत की विशिष्ट समस्या जैसे डिसलेक्सिया आदि से पीड़ित 1184 छात्रों में से 112 ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। 

वहीं बारहवीं कक्षा में 1460 स्कूलों से 99,551 परीक्षार्थियों में से 973 छात्र उत्तीर्ण नहीं हो सके। बारहवीं परीक्षा में भी 17 दृष्टिबाधित बच्चों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। वहीं सीखने में दिक्कत की विशिष्ट समस्या वाले 29 परीक्षार्थियों ने 90 फीसदी से अधिक अंक अर्जित किए।

बारहवीं के नतीजों में 99.76 प्रतिशत सफलता के साथ दक्षिण क्षेत्र ने बाजी मारी जबकि पश्चिम क्षेत्र 99.72 प्रतिशत सफल परीक्षार्थियों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।




CISCE बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजे आज


नई दिल्ली। सीआईएससीई बोर्ड की कक्षा 10 व 12वीं के नतीजे बुधवार सुबह 11 बजे घोषित किए जाएंगे। 


द काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जोसेफ इमैनुएल ने बताया कि सीआईएससीई वेबसाइट या बोर्ड के कॅरिअर पोर्टल पर परिणाम देखे जा सकते हैं। नतीजे डिजिलॉकर से भी देखे जा सकेंगे। सुधार परीक्षाएं जुलाई में होंगी। 

Tuesday, May 7, 2024

CISCE के नतीजे जारी, 10वीं और 12वीं में बेटियों का एक बार फिर दबदबा, नहीं होंगी कंपार्टमेंट परीक्षाएं

CISCE : 10वीं, 12वीं में नहीं होंगी कंपार्टमेंट परीक्षाएं


नई दिल्ली। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने इस वर्ष से 10वीं (आईसीएसई) व 12वीं (आईएससी) दोनों कक्षाओं में कंपार्टमेंट परीक्षाएं नहीं करने का फैसला किया है।

इसके बदले जो छात्र इसी वर्ष परीक्षा में अपने अंक-ग्रेड में सुधार करना चाहते हैं, वे अधिकतम दो विषयों में सुधार परीक्षा दे सकते हैं। परीक्षा जुलाई में होगी। परीक्षा का विवरण शीघ्र ही वेबसाइट https://cisce.org पर अपलोड किया जाएगा।


दसवीं में पश्चिम क्षेत्र सबसे बेहतर : सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी व व सचिव जोसेफ एमेनुअल के मुताबिक, इस साल दसवीं में पश्चिम क्षेत्र का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा। यहां से 99.91 फीसदी छात्र सफल रहे। वहीं दक्षिण क्षेत्र का परिणाम 99.88 फीसदी, उत्तरी का 99.31 व पूर्वी का 99.24 फीसदी रहा। बारहवीं में दक्षिण क्षेत्र का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा। यहां पास प्रतिशत 99.53 फीसदी है। पश्चिमी क्षेत्र का रिजल्ट 99.32 फीसदी रहा है।

60 विषयों की परीक्षाएं इस साल आईसीएसई में 60 विषयों की परीक्षाएं हुईं, जिनमें एक शास्त्रीय भाषा, 20 क्षेत्रीय भाषाएं व 13 विदेशी भाषाएं हैं। आईएससी में 47 विषयों की परीक्षाएं हुईं, जिनमें 12 क्षेत्रीय, 4 विदेशी और दो शास्त्रीय भाषाएं शामिल हैं। 



CISCE के नतीजे जारी, 10वीं और 12वीं में बेटियों का एक बार फिर दबदबा


नई दिल्ली। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन के 10वीं (आईसीएसई) और 12वीं (आईएससी) के नतीजों में एक बार फिर बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ दिया। सोमवार को जारी परीक्षा परिणाम में दसवीं का पास प्रतिशत 99.47 जबकि बारहवीं का 98.19 फीसदी रहा। आईसीएसई में लड़‌कियों का पास प्रतिशत 99.65, लड़कों का 99.31 रहा है। वहीं बारहवीं (आईएससी) में लड़कियों का पास प्रतिशत 98.92 व लड़कों का 97.53 रहा। 




सीआईएससीई बोर्ड के दसवीं के 2,695 स्कूलों से कुल 2,43,617 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। बारहवीं के नतीजों में बीते साल के मुकाबले 1.26 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, दसवीं का परिणाम पिछले साल से 0.53 फीसदी अधिक रहा। सीबीएसई की तर्ज पर सीआईएससीई ने भी इस बार मेधा सूची जारी नहीं की इसलिए टॉप करने वाले विद्यार्थियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई। दसवीं में 1,289 व बारहवीं में 1,813 विद्याथी असफल रहे। आईएससी के 1,366 स्कूलों से कुल 99,901 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। दसवीं के 2,695 स्कूलों में 2,223 स्कूलों का परिणाम सौ फीसदी रहा है जबकि बारहवीं के 1,366 स्कूलों में 904 स्कूलों का नतीजा सौ फीसदी रहा।


99.65 फीसदी छात्राएं दसवीं में हुई सफल

98.92 फीसदी ने 12वीं में मारी बाजी

दसवीं में पश्चिम, 12वीं में दक्षिण क्षेत्र सबसे बेहतर


सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी व व सचिव जोसेफ एमेनुअल के मुताबिक, इस साल दसवीं में पश्चिम क्षेत्र का रिजल्ट सबसे बेहतर रहा। यहां से 99.91% छात्र सफल रहे। वहीं, दक्षिण क्षेत्र का परिणाम 99.88%, उत्तरी का 99.31 व पूर्वी का 99.24% रहा। बारहवीं में दक्षिण क्षेत्र का रिजल्ट सबसे अच्छा रहा। यहां पास प्रतिशत 99.53% है। पश्चिमी क्षेत्र का रिजल्ट 99.32 फीसदी रहा है।


10 मई तक पुनर्परीक्षण का मौका

इस साल आईसीएसई में 60 विषयों की परीक्षाएं हुईं, जिनमें एक शास्त्रीय भाषा, 20 क्षेत्रीय भाषाएं व 13 विदेशी भाषाएं हैं। आईएससी में 47 विषयों की परीक्षाएं हुईं, जिनमें 12 क्षेत्रीय, 4 विदेशी और दो शास्त्रीय भाषाएं शामिल हैं। नतीजों से असंतुष्ट विद्यार्थी पुनर्परीक्षण के लिए 10 मई तक आवेदन कर सकते हैं।