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Thursday, July 2, 2026

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक / शिक्षिका के लिए स्थानान्तरण / समायोजन नीति 2017 के अन्तर्गत स्थानान्तरण सत्र 2026-27 में स्थानान्तरण के संबंध में विभागीय आदेश जारी

राजकीय माध्यमिक विद्यालय के 271 शिक्षकों का हुआ तबादला

इसमें 39 प्रवक्ता और 232 सहायक अध्यापक शामिल

लखनऊ, प्रयागराज और नोएडा में शिक्षक किए गए तैनात

02 जुलाई 2026
लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के 271 शिक्षकों को तबादला मिला है। इसमें 39 प्रवक्ता और 232 सहायक अध्यापक शामिल हैं। खास यह कि लखनऊ, प्रयागराज, नोएडा जैसे प्रमुख जिलों में भी खाली पदों पर शिक्षक तैनात किए गए हैं।

विभाग ने जिलों से सूचना लेकर शिक्षक-छात्र अनुपात के अनुसार जरूरत वाले विद्यालयों में तबादले किए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि प्रवक्ता के 39 और सहायक अध्यापक 232 के तबादले हुए हैं। प्रवक्ता में पुरुष 23 व 16 महिला और सहायक अध्यापक में पुरुष 83 व 149 महिला शिक्षिका शामिल हैं। दूसरे चरण में निर्धारित अर्हता वाले शिक्षकों के ऑन डिमांड तबादले की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दूसरी तरफ राजकीय शिक्षक संघ ने स्वीकृत पद व छात्र संख्या होने के बाद भी शिक्षकों को सरप्लस कर तबादला करने पर नाराजगी जताई है।

संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सत्यशंकर मिश्रा व प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय ने कहा कि प्रदेश के लगभग 150 से ज्यादा राजकीय विद्यालयों (पुरुष / महिला) में प्रवक्ता के काफी पद खाली हैं। उन्होंने इन विद्यालयों में भी शिक्षकों की तैनाती करने की मांग उठाई है। 



राजकीय माध्यमिक स्कूलों में सिर्फ 250 शिक्षकों का तबादला, जिलों में सरप्लस चिह्नित शिक्षकों का तबादला, सामान्य स्थानांतरण में राहत दिए जाने की मांग

22 जून 2026
लखनऊ। राजकीय माध्यमिक स्कूलों में सिर्फ 250 शिक्षकों का स्थानांतरण होगा। जिलों में छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार सरप्लस चिह्नित किए गए शिक्षकों का स्थानांतरण किए जाने की तैयारी तेज हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग इन सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण पर पूरा जोर दे रहा है। फिर सामान्य तबादले किए जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से यूपी में छात्र- शिक्षक अनुपात के अनुसार 250 शिक्षकों की सूची तैयार कर ली गई है। अब सूची के अनुसार स्थानांतरण किया जाएगा। बड़े शहरों में ही यह सरप्लस शिक्षक चिह्नित हुए हैं, जो कई वर्षों से एक ही जिले में जमे हुए हैं। राजकीय शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक रामेश्वर पांडेय कहते हैं कि वर्ष 1976 के मानकों के अनुसार यह शिक्षक सरप्लस घोषित किए गए हैं।



सर्टिफिकेट ने फंसा दिया राजकीय माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों का तबादला, आवेदन की तारीख 21 जून तक बढ़ी 

◾ गुरुवार को खत्म हो रही आवेदन तिथि को बढ़ाया 
◾ डीआईओएस व प्राचार्य नहीं बढ़ा रहे आवेदन फॉर्म

19 जून 2026
लखनऊ । यूपी में राजकीय माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों का तबादला सर्टिफिकेट के फेर में फंस गया है। प्राचार्यों से सर्टिफकेट मांगा जा रहा है कि शिक्षक के तबादले से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। ऐसे में प्राचार्य व जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) तबादला फॉर्म आगे नहीं बढ़ा रहे। जिसके कारण अब आवेदन की तारीख 21 जून तक बढ़ा दी गई है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से सभी जिलों के डीआईओएस को पत्र लिखकर नाराजगी जताई गई है कि आखिर स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले राजकीय माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों के फॉर्म आगे क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। अब निदेशक की ओर से नई ईमेल directorsecondaryeducation2026@gmail.com निर्धारित की गई है। राजकीय शिक्षक संघ के संरक्षक रामेश्वर पांडेय का कहना है कि शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए परेशान किया जा रहा है।




माध्यमिक विद्यालयों के सरप्लस शिक्षकों की सूची 12 जून को आएगी, जून 18 तक शिक्षक डीआईओएस कार्यालय में तबादले के लिए करेंगे आवेदन

सरप्लस वाले शिक्षकों को खुद आवेदन पर मिल सकेगा बेहतर विकल्प

लखनऊ। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया 12 जून से शुरू होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सोमवार को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सरप्लस के लिए स्वतः आवेदन करने वाले शिक्षकों को बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से जारी निर्देश के अनुसार 12 जून तक डीआईओएस एनआईसी की वेबसाइट पर सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी करेंगे। शिक्षक 18 जून तक डीआईओएस ऑफिस में ऑनलाइन आवेदन करेंगे। डीआईओएस 25 जून तक आवेदन पत्रों का परीक्षण कर अनुमोदन माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजेंगे। 30 जून तक शिक्षकों को कार्यमुक्त व कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा।

उन्होंने कहा है कि सरप्लस शिक्षकों से मिले विकल्पों पर तैनाती के लिए तय मानक के आधार पर वरीयता क्रम में रखा जाएगा। वहीं सरप्लस शिक्षक यदि अपनी नई तैनाती के लिए खुद आवेदन नहीं करते हैं तो खाली पद के सापेक्ष उन्हें किसी भी विद्यालय में समायोजित या स्थानांतरित कर दें। सरप्लस शिक्षकों के निर्धारण के लिए सबसे आखिर में आने वाले शिक्षकों को सबसे पहले तबादला होगा। उन्हें सरप्लस माना जाएगा। 

निदेशक ने सभी डीआईओएस को निर्देश दिया है कि जोन एक में जिले की नगरीय सीमा या जिला मुख्यालय से आठ किमी की दूरी मानी जाएगी। जोन दो में जिले में तहसील मुख्यालय से दो किमी की दूरी मानी जाएगी। जोन तीन में उपरोक्त से अतिरिक्त क्षेत्र के विद्यालय आएंगे। शासन ने जोन वाइज शिक्षकों के लिए मानक तय किए हैं।

निदेशक ने सरप्लस शिक्षकों के निर्धारण के लिए भी विस्तृत मानक की व्याख्यान की है। उन्होंने कहा है कि नई नियुक्ति-तैनाती में जोन तीन में सबसे पहले नियुक्ति-तैनाती की जाएगी। इसकी न्यूनतम अवधि तीन साल की होगी। पहले चरण में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित श्रेणी के शिक्षकों को तबादले का विकल्प दिया जाएगा।



राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक / शिक्षिका के लिए स्थानान्तरण / समायोजन नीति 2017 के अन्तर्गत स्थानान्तरण सत्र 2026-27 में स्थानान्तरण के संबंध में विभागीय आदेश जारी 
 




राजकीय माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों के जून अंत तक होंगे तबादले, शासन ने जारी किया शासनादेश, संवर्ग में 20 फीसदी से अधिक नहीं किए जाएंगे तबादले


लखनऊ। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के तबादले को शासन ने हरी झंडी दे दी है। इसके तहत जून में पहले सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। बाद में सामान्य तबादले होंगे। संवर्ग की संख्या के 20 फीसदी तक तबादले किए जाएंगे।

माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह ने निर्देश जारी किया। कहा, राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों में पहले चरण में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इसमें कार्यरत विद्यालय में बाद में कार्यभार संभालने वाले को पहले सरप्लस माना जाएगा। वहीं, सेना से जुड़े लोगों के पति-पत्नी, कैंसर आदि गंभीर बीमारी से ग्रस्त, जिनकी आयु 30 जून को 58 साल पूरी हो रही है, राष्ट्रीय-राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को इसमें यथासंभव शामिल नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा है कि इसकी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दूसरे चरण में चार श्रेणी के शिक्षकों को निर्धारित मानक पर तबादला दिया जाएगा। इसमें सेना से जुड़े लोगों के पति-पत्नी, कैंसर आदि गंभीर बीमारी से ग्रस्त, जिनकी आयु 30 जून को 58 साल पूरी हो रही है, यदि पति-पत्नी दोनों शासकीय सेवा में अलग-अलग जिले में तैनात हैं। तीसरे चरण में शेष शिक्षकों का तबादला किया जाएगा।

सचिव ने कहा है कि संवर्ग की संख्या के 20 प्रतिशत सीमा तक तबादले होंगे। इसे बढ़ाने का अधिकार विभागीय मंत्री के पास होगा। आवेदन से लेकर तबादला प्रक्रिया जून में ही पूरी की जाएगी। ताकि विद्यालय खुलने से पहले शिक्षकों की तैनाती हो सके। उन्होंने यह भी कहा है कि किसी भी शिक्षक को उसकी मूल तैनाती के स्थान से अलग संबद्ध नहीं किया जाएगा। किसी भी विद्यालय में मानक से अधिक शिक्षक तैनात नहीं किए जाएंगे। उन्होंने महानिदेशक स्कूल शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को इसे पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।


सरप्लस शिक्षकों के लिए मानक

◾खुद के दिव्यांग होने पर 10 से 20 नंबर

◾पत्नी-पति, बच्चे के दिव्यांग होने पर 10 नंबर

◾राष्ट्रीय-राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक होने पर 10 नंबर

◾विधवा-तलाकशुदा महिला शिक्षिका को 10 नंबर

◾आश्रित बच्चों की देखभाल वाले पुरुष शिक्षकों को 10 नंबर

◾महिला शिक्षिका होने पर 10 नंबर

◾जोन 3 में तैनात शिक्षक को अधिकतम 10 नंबर

◾जोन 2 में तैनात शिक्षक को अधिकतम 10 नंबर

◾शिक्षक की आयु के अनुसार हर साल के लिए एक नंबर



राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षक/शिक्षिका के लिए स्थानान्तरण / समायोजन नीति 2017 के अन्तर्गत स्थानान्तरण सत्र 2026-27 में स्थानान्तरण किये जाने के सम्बन्ध में शासनादेश जारी 


Friday, April 3, 2026

एडेड माध्यमिक के विषय विशेषज्ञों को भी पुरानी पेंशन, शासनादेश जारी


अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आमेलित विषय  विशेषज्ञों को पुरानी पेंशन देने को मांगी सूचना

प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आमेलित विषय विशेषज्ञों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना में विकल्प के चयन की अनुमति प्रदान करने के लिए सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से सूचना मांगी गई है। वित्त विभाग के 28 जून 2024 के शासनादेश एवं उसके बाद समय-समय पर जारी शासनादेशों के आधार पर विषय विशेषज्ञों को भी पुरानी पेंशन का विकल्प देने के आदेश प्रदान किए गए हैं।

अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने एक अप्रैल को सभी डीआईओएस को भेजे पत्र में निर्देशित किया है कि संबंधित शिक्षक/शिक्षिकाओं का विकल्प पत्र प्राप्त करते हुए साक्ष्यों की प्रमाणित प्रति के साथ अपनी रिपोर्ट विशेष वाहक के माध्यम से सहायक शिक्षा निदेशक (अर्थ/बीमा), शिक्षा पेंशन 2 अनुभाग, शिक्षा निदेशालय प्रयागराज को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।








एडेड माध्यमिक के विषय विशेषज्ञों को भी पुरानी पेंशन, शासनादेश जारी 

लखनऊ। प्रदेश के एडेड माध्यमिक स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को भी पुरानी पेंशन की सुविधा मिलेगी। शासन ने इससे संबंधित एक आदेश शुक्रवार को जारी कर दिया। इससे प्रदेश भर में कार्यरत करीब 2200 विषय विशेषज्ञों को इसका लाभ मिलेगा।

शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव उमेश चन्द्र ने इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को भी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन के विकल्प में सम्मिलित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया गया है। 

आदेश का माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी का आभार व्यक्त किया है। विषय विशेषज्ञों को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने का मुद्दा विधान परिषद में भी शिक्षक नेताओं ने कई बार उठाया था।


Thursday, March 20, 2025

वर्ष 2025 की यूपी बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन केन्द्रों एवं उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के सम्बन्ध में शासनादेश जारी


यूपी बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के सम्बन्ध में निर्देश जारी

19 मार्च 2025


यूपी बोर्ड : पहले लेंगे प्रशिक्षण फिर मूल्यांकन करेंगे गुरुजी, 19 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगे शिक्षकों के लिए नई व्यवस्था

17 मार्च 2025
लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा की 10वीं व 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से पहले इस बार शिक्षकों को एक दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस बार मूल्यांकन आज से शिक्षकों की गाइडलाइन में बदलाव भी हुआ है। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए राजधानी में पांच केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर कितने और कौन-कौन से जनपदों की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जाएंगी, ये गोपनीय रखा गया है। लखनऊ के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं दूसरे जनपदों में भेजी जा रही हैं। इस बार मूल्यांकन में कोई लापरवाही न हो, इसे ध्यान में रखते हुए परिषद के सचिव भगवती सिंह ने पहली बार शिक्षकों का प्रशिक्षण कराने का भी आदेश दिया है।

मूल्यांकन 19 मार्च से शुरू होगा। इससे पहले सभी शिक्षकों को 17 मार्च को ड्यूटी ज्वॉइन करने के आदेश दिए गए हैं। नई व्यवस्था से उत्तर पुस्तिकाओं की समय से जांच हो सकेगी और परिणाम भी जल्दी आ सकेगा। 


कल होगा प्रशिक्षण

सचिव परिषद भगवती सिंह ने प्रशिक्षण में शिक्षकों को नई गाइडलाइन के तहत जानकारी देने के लिए कहा है। प्रशिक्षण से पहले सभी को ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए निर्देश हैं। जो शिक्षक अपनी ड्यूटी नहीं ज्वॉइन करेंगे, उनकी सूची बोर्ड को भेजी जाएगी। अभी तक यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का पहला दिन प्रशिक्षण में बीतता था। स्थिति ये होती थी कि शाम तक पहले दिन दो से तीन प्रतिशत भी उत्तर पुस्तिकाएं बड़ी मुश्किल से चेक होती थीं। कई शिक्षक अपनी ड्यूटी भी नहीं ज्वॉइन करते थे।


पंद्रह दिनों में यूपी बोर्ड परीक्षा की तीन करोड़ कॉपियों का होगा मूल्यांकन,  एक माह में रिजल्ट देने की तैयारी

परीक्षा की सभी ओएमआर शीट भी 18 तक कंप्यूटर फर्मों को करा दी जाएंगी उपलब्ध


प्रयागराज। यूपी बोर्ड की वर्ष 2025 की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है। बोर्ड ने दो अप्रैल तक मूल्यांकन कार्य पूरा होने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन पंद्रह दिनों में तकरीबन तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन पूरा होने के बाद एक  माह में परिणाम घोषित करने की तैयारी है। ऐसे में मई की शुरुआत में यूपी बोर्ड परीक्षाफल जारी कर सकता है। इस बीच कॉपियां संकलन केंद्रों से मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचने लगीं हैं। प्रदेश भर में बनाए गए 261 केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में मूल्यांकन कराए जाने की तैयारी है।

मुख्य नियंत्रक व उप नियंत्रक को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि केंद्र में मूल्यांकन से संबंधित व्यक्ति के अलावा कोई अन्य बाहरी व्यक्ति प्रवेश न कर पाए। अगर किसी बाहरी व्यक्ति ने प्रवेश किया तो संबंधित के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक करोड़ रुपये जुर्माना व आजीवन कारावास, दोनों सजा का प्रावधान है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने उप नियंत्रकों को निर्देश दिए हैं कि सभी मूल्यांकन कक्षों में वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

दूसरी ओर, 20 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा के लिए प्रयोग की जा रही ओएमआर शीट संबंधित कंप्यूटर फर्मों तक पहुंचाने का कार्य तीन चरणों में चार मार्च से शुरू कराया चुका है, जो 18 मार्च को पूरा हो जाएगा। एक तरफ केंद्रों में कॉपियों का मूल्यांकन होगा तो इसके साथ ही ओएमआर शीट का मूल्यांकन भी जारी रहेगा, ताकि परीक्षाफल समय से तैयार किया जा सके।

प्रथम चरण में 24 फरवरी से तीन मार्च तक की परीक्षाओं की ओएमआर शीट छह मार्च को कंप्यूटर फर्मों उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं, दूसरे चरण में चार से नौ मार्च तक की परीक्षाओं की ओएमआर शीट 12 मार्च को कंप्यूटर फर्मों तक पहुंचाई जा चुकी है और तीसरे चरण में 10 से 12 मार्च तक की परीक्षाओं की ओएमआर शीट 18 मार्च को कंप्यूटर फर्मों को प्राप्त करा दी जाएगी।

सचिव भगवती सिंह ने बताया कि दो अप्रैल तक सभी कॉपियों का मूल्यांकन पूरा कर लेने का लक्ष्य है। इस दौरान तकरीबन तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन किया जाना है। मूल्यांकन पूरा होने के बाद रिजल्ट तैयार करने में लगभग एक माह का वक्त लगेगा। गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए सभी तैयारिया पूरी हैं। 



रिकॉर्ड 17 दिनों में खत्म हो गईं यूपी बोर्ड परीक्षाएं, 19 मार्च से मूल्यांकन, देखें मूल्यांकन से जुड़ा आदेश  

लखनऊ। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं इस बार रिकार्ड 17 दिनों में बुधवार 12 मार्च खत्म हो गई। वैसे 24 फरवरी से शुरू यह परीक्षा मात्र 12 कार्य दिवस में ही पूरी हो गईं। अब कॉपियों की जांच 19 मार्च से शुरू होंगे। इस दौरान हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं 8,140 केंद्रों पर दो पालियों में कराई गईं। 

कॉपियां जांचने का काम 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। इस संबंध में यूपी बोर्ड की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मूल्यांकन केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के निर्देश भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने जारी किए हैं।


 वर्ष 2025 की यूपी बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन केन्द्रों एवं उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के सम्बन्ध में शासनादेश जारी 



Sunday, July 14, 2024

व्यावसायिक शिक्षकों और अतिथि विषय विशेषज्ञों का मानदेय बढ़ने का शासनादेश जारी

व्यावसायिक शिक्षकों और अतिथि विषय विशेषज्ञों का मानदेय बढ़ने का शासनादेश जारी


लखनऊ। व्यावसायिक शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि का शासनादेश बुधवार को अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार ने जारी कर दिया। पिछली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

अब इंटरमीडिएट के व्यवसायिक शिक्षकों का प्रति व्याख्यान 500 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया गया है। न्यूनतम 30 व्याख्यान देने पर पहले 15 हजार रुपये मिलते थे। अब 20 हजार रुपये महीना मिलेंगे। 

इसी तरह हाईस्कूल के व्यवसायिक शिक्षकों का प्रति व्याख्यान मानदेय 400 रुपये से बढ़ाकर 500 कर दिया गया है। साथ ही 30 व्याख्यान देने पर प्रति माह मानदेय 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया है।