Tuesday, November 3, 2015
इलाहाबाद : देर से मिला नियुक्ति पत्र तो होंगे जूनियर, प्रशिक्षु शिक्षकों को दीपावली के बाद ही तैनाती मिल सकेगी
इलाहाबाद । प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनाती का इंतजार कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। प्रशिक्षु शिक्षकों का कहना है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से विकल्प भरवाने में देरी के कारण उनका नियुक्ति पत्र अटक गया है। सात नवंबर के बाद विद्यालयों में अवकाश हो जाएगा और प्रशिक्षु शिक्षकों को दीपावली के बाद ही तैनाती मिल सकेगी। प्रशिक्षु शिक्षकों का कहना है कि देरी से नियुक्ति पत्र जारी करने के कारण वह 15 हजार बीटीसी शिक्षकों से कनिष्ठ हो जाएंगे।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से 14 अक्तूबर को आदेश जारी करके बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि 25 अक्तूबर तक प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति के संबंध में विज्ञापन जारी कर दें। सचिव ने विज्ञापन जारी करने के बाद 15 दिन के भीतर प्रशिक्षु शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी करने को कहा था। इसके बाद अभी तक बड़ी संख्या में जिलों में नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया में विलंब हो रहा है।
यूपी टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष अनुराग सिंह ने बताया कि बीएसए की ओर से चार एवं पांच नवंबर को विकलांग एवं महिला अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। सात नवंबर तक पुरुष अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी होने की उम्मीद है। उनका कहना है कि समय से नियुक्ति पत्र नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें दीपावली से पहले विद्यालयों में ज्वाइनिंग नहीं मिल पाएगी। ऐसे में वह दूसरे जिले में पहले से विकल्प भर चुके साथी शिक्षकों से जूनियर होने के साथ 15 हजार की बीटीसी शिक्षकों से जूनियर हो जाएंगे। प्रशिक्षु शिक्षकों ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से उनके साथ न्याय करने की मांग की है।

लखनऊ : तो पर्व पर भी ठंडा रहेगा रसोइयों का चूल्हा, जुलाई से मानदेय को तरस रहे रसोइए
लखनऊ : आज कल जहां सभी दीपावली की तैयारी में जुटे हैं, वहीं एक तबका ऐसा भी है जिसका चूल्हा तक ठंडा पड़ा है। शहर के प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में तैनात रसोइयों को जुलाई से अब तक मानदेय नहीं दिया गया है। इस सत्र में आखिरी बार मई में मानदेय मिला था। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है शासन से बजट न आने से मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
राजधानी के लगभग 2000 स्कूलों में 3900 रसोइये तैनात हैं। स्कूल में बच्चों की संख्या के आधार पर रसोइयों की तैनाती की जाती है। 50 बच्चों पर एक रसोईया होता है। वहीं बच्चों की संख्या 300 से अधिक होने पर अधिकतम 4 रसोइये स्कूल में तैनात किए जाते हैं। जो बच्चों को खाना बनाकर खिलाते हैं। वहीं राजधानी के जिन चार ब्लॉक में अक्षयपात्र संस्था खाना देती है वहां बच्चों को खाना परोसने और बर्तन धुलने का काम करते हैं।
अभी तक रसोइयों के भुगतान के लिए हमें बजट नहीं प्राप्त हुआ है। इसलिए हम उनका भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। -प्रवीण मणि त्रिपाठी, बीएसए
हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द बजट जारी कर दिया जाए। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर बजट जारी होने के बाद रसोइयों को भुगतान हो जाएगा। -श्रद्धा मिश्रा, निदेशक,एमडीएम
1400 अक्षयपात्र के जिम्मे
सरोजनीनगर, चिनहट काकोरी और नगर क्षेत्र के स्कूलों में अक्षयपात्र संस्था बच्चों को मिड-डे मील परोसती है। ऐसे में यहां के रसोइयों को भी अक्षयपात्र की ओर से मानदेय दिया जाता है। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से अक्षयपात्र को यह भुगतान कर दिया जाता है। इन चार ब्लॉक्स में 1400 रसोइये हैं, लेकिन अक्षयपात्र ने भी इन्हें मानदेय नहीं दिया है। क्योंकि अब तक शिक्षा विभाग से इन रसोइयों के भुगतान के लिए कोई बजट जारी नहीं हुआ है। जबकि सारे काम इनके भरोसे ही चल रहे हैं। इन ब्लॉक्स के रसोइयों का कहना है अक्षयपात्र के पास तो बजट की कोई कमी नहीं है। वो तो हमें भुगतान कर ही सकते हैं। उन्हें तो शिक्षा विभाग से देर सबेर भुगतान मिल ही जाएगा।
Monday, November 2, 2015
Sunday, November 1, 2015

जालौन : शिक्षकों की चयन सूची चस्पा, उमड़े अभ्यर्थी; अभ्यर्थियों ने बीएसए से वर्षवार सूची बनवाने की मांग की
- 50 सीटों में 48 अभ्यर्थियों के चयन की सूची चस्पा

जालौन : शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के साथ साफ-सफाई पर जोर, कस्तूरबा विद्यालय में उपस्थित बढ़ाने के दिए निर्देश
- बीएसए ने दी गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की चेतावनी

जालौन : 3800 रसोइयों का मानदेय लटका, शासन से अभी तक नहीं भेजे भेजे गए रुपये

औरैया : चुनाव में मानदेय भुगतान को लेकर शिक्षकों में आक्रोश, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने की एक समान मानदेय दिए जाने की मांग

सीतापुर : शिक्षा विभाग की लापरवाही से सार्वजनिक अवकाश के बावजूद खुल रहे स्कूल, दोषी व्यक्तियों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही
- शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के अधिकांश विद्यालय में हुआ शिक्षण कार्य
रामपुर : निरीक्षण में फर्जीवाड़ा, बीईओ से जवाब तलब
रामपुर। खंड शिक्षाधिकारी निरीक्षण में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। खुले हुए स्कूल को बंद दिखाते हुए शिक्षक पर कार्रवाई करने की संस्तुति कर दी गई,जिसके बाद शिक्षक को निलंबित भी कर दिया गया, लेकिन जब जांच हुई तो पता चला कि स्कूल बंद ही नहीं था। खंड शिक्षाधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को बाद में खारिज कर दिया गया और निलंबन भी वापस कर दिया गया। बीेएसए ने इस मामले में मिलक के खंड शिक्षाधिकारी से जवाब तलब किया है। शिक्षक संघ भी इस मुद्दे पर गंभीर हो गया है और ऐसे मामलों पर नाराजगी जाहिर की है।





















