
Monday, March 5, 2018

महराजगंज : पांच ब्लाक के चिह्नित 100 परिषदीय विद्यालयों में बनेंगे 104 शौचालय, 35 हजार रुपये की दर से धनराशि खातों में हुई प्रेषित
महराजगंज : बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के पांच ब्लाकों के 100 परिषदीय विद्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में पहल प्रारंभ कर दी है। 104 विद्यालयों में शौचालय निर्माण के लिए 36 लाख 40 हजार की धनराशि जारी कर दी गई है। धनराशि जारी होने से शौचालय निर्माण कार्य में तेजी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर अभी भी जागरूकता की कमी है। परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को स्वच्छता से जोड़ने व उनके सुविधा के दृष्टिगत विभाग ने जिले के पांच ब्लाकों के चिन्हित 100 विद्यालयों में 104 शौचालय निर्मित कराने का मन बनाया है। सोच है कि यदि विद्यालय में गरीब बच्चे शौचालय का प्रयोग करेंगे तो वे अपने घर पर अभिभावकों को भी शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करेंगे। इससे जहां स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा वहीं समाज भी स्वच्छ व स्वस्थ रहेगा। विभाग ने घुघली के 13 विद्यालय, सदर के 18 विद्यालय, पनियरा के 15 विद्यालय में शौचालय निर्माण कराने के लिए धन जिम्मेदारों को भेज दिया है। इसी प्रकार परतावल के 23 विद्यालयों में 26 शौचालय तथा सिसवा के 31 विद्यालयों के 32 शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
शौचालय निर्माण के लिए भेज दी गई है धनराशि : बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश प्रसाद शुक्ल ने कहा कि शौचालयों के निर्माण के लिए 35 हजार की दर से धनराशि जिम्मेदारों के खाते में प्रेषित कर दी गई है। शौचालय निर्माण से स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा।

महराजगंज : विभिन्न विषयों में प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों से प्रशिक्षण की सार्थकता जानेगी पीएलसी, अप्रैल माह में डायट पर आयोजित होगा शिक्षकों का एक दिवसीय कार्यक्रम
प्रशिक्षण का परिणाम देखने की कोशिश : प्रभारी
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षण प्रभारी रामजी ने बताया कि पीएलसी के माध्यम से प्रशिक्षण का परिणाम देखने की कोशिश की जा रही है। इस पहल से बच्चों को लाभ होगा, साथ ही शिक्षकों को भी अपनी जिम्मेदारियों का आभास होगा।

कौशाम्बी : कई शिक्षकों का किया जाएगा दोबारा मेडिकल, फर्जी विकलांगता प्रमाणपत्र से शिक्षक बनने के शक में कई आये निशाने पर
कौशाम्बी : कई शिक्षकों का किया जाएगा दोबारा मेडिकल, फर्जी विकलांगता प्रमाणपत्र से शिक्षक बनने के शक में कई आये निशाने पर
कौशांबी : परिषदीय विद्यालयों में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने वालों की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई कि एक नया मामला सामने आ गया है। जिले में फर्जी दिव्यांग प्रमाण लगाकर भी कई लोग शिक्षक बन गए हैं। अब ऐसे लोगों की भी जांच शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से ऐसे आधा दर्जन शिक्षकों को नोटिस भेजी गई है। सभी का दोबारा मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। जांच में पूर्व के प्रमाण पत्र के आधार पर दिव्यांगता नहीं मिली तो नौकरी से बर्खास्त किए जाएंगे।
31 मार्च 2018 तक बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ में कराएं जांच : विशिष्ट बीटीसी 2007 व 2008 और विशेष चयन 2008 में दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर करीब 1005 शिक्षक प्रदेश भर में नौकरी कर रहे हैं। जिले के आठ शिक्षक भी इस सूची में शामिल हैं। ऐसे शिक्षकों पर फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी पाने का आरोप लगा है। यह मामला हाईकोर्ट तक गया। ऐसे में हाईकोर्ट ने दिव्यांग कोटे से शिक्षकों बनने वालों की दोबारा जांच का निर्देश दिया था। यह जांच नव गठित मेडिकल बोर्ड करेगी। दिव्यांग कोटे से शिक्षक बनने वाले आठ लोगों को बीएसए ने नोटिस भेजा है।
■ जांच नहीं कराने पर होगी कार्रवाई : दो फरवरी से 31 मार्च 2018 के मध्य बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ में मूल प्रमाण पत्र के साथ मेडिकल परीक्षण कराएं। समय से बोर्ड के सामने उपस्थित होकर जांच नहीं कराते हैं तो अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई होगी। मेडिकल में विकलांगता नहीं दिखती है तो उनके प्रमाणपत्र फर्जी मानते हुए बर्खास्त कर दिया जाएगा।दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षक बोर्ड के सामने पहुंचकर अपनी जांच कराएं। यदि कोई शिक्षक ऐसा नहीं करता तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।- एमआर स्वामी, बीएसए कौशांबी।

कई बदलावों के साथ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10 वीं व 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आज से
सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। इसके लिए इलाहाबाद रीजन के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के 60 जिलों में सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा में इस बार संस्थागत और व्यक्तिगत कुल 3,52,330 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। प्रदेश भर के सभी परीक्षा केंद्रों के व्यवस्थापकों को पहले ही निर्देश दे रखे हैं कि गड़बड़ी होने पर तुरंत सूचना दें और नकल पर पाबंदी के लिए बोर्ड के निर्देशों का पालन करें। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में इलाहाबाद रीजन के अंतर्गत हाईस्कूल के 1630 और इंटर के 1110 स्कूल शामिल हैं। सभी 60 जिलों में कुल 316 केंद्रों पर परीक्षा होनी है। इनमें आठ केंद्रों को स्व-परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
कई बदलावों के साथ केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10 वीं व 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। नौ साल के बाद 10 वीं की बोर्ड परीक्षा फिर अनिवार्य कर दी गई हैं। 2009 में इन्हें सीबीएसई ने स्वैच्छिक बना दिया था। विद्यार्थी बोर्ड या स्कूल स्तर पर परीक्षा में कोई एक विकल्प चुन सकते थे। 2018 से सरकार ने पूर्व में जारी व्यापक व सतत मूल्यांकन (सीसीई) पद्धति खत्म कर दी।
सोमवार को पहले दिन 10 वीं के विद्यार्थी वोकेशनल तो 12 वीं के विद्याथी अंग्रेजी विषय की परीक्षा देंगे। 12 अप्रैल को 12 वीं के विद्यार्थियों के लिए होम साइंस की परीक्षा आयोजित होगी। इसके साथ ही परीक्षा का समापन हो जाएगा। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 10:30 से शुरू होंगी। बोर्ड ने देशभर में कुल 8,591 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इनमें परीक्षा देने के लिए दोनों कक्षाओं के कुल 28,24,734 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड हैं। इसमें 12 वीं के 11,86,306 तो 10 वीं के 16,38428 छात्र हैं।
■ मधुमेह पीड़ित बच्चे परीक्षा कक्ष में चॉकलेट ले जा सकेंगे : परीक्षा के दौरान मधुमेह टाइप - 1 से पीड़ित विद्यार्थी परीक्षा कक्ष में शुगर की दवा, चॉकलेट, कैंडी, केला, संतरा, सेब, सैंडविच व पानी की छोटी बोतल ले जा सकेंगे। इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
Sunday, March 4, 2018

प्रदेश सरकार ने किया अनुदान के मानकों को घटाने से साफ इन्कार, अब मदरसों के लिए आसान नहीं होगा अनुदान पाना
प्रदेश के मदरसों के लिए अब सरकार से अनुदान पाना आसान नहीं रह गया है। योगी सरकार अब उन्हीं मदरसों को अनुदान सूची में लेगी जो सभी मानक पूरा करते हैं। स्थिति यह है कि अखिलेश सरकार की वर्ष 2013 में 146 मदरसों को अनुदान देने की घोषणा के तहत भी बचे हुए 46 मदरसे अब अनुदान नहीं पा सकेंगे।
अब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है। इसने अनुदान के मानकों को घटाने से साफ इन्कार कर दिया है। अल्संख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि अब प्रदेश में एक भी मदरसे को मानक घटाकर अनुदान सूची में नहीं लिया जाएगा। प्रबंध समिति में कोई विवाद नहीं होना चाहिए। अब उन्हीं मदरसों को अनुदान सूची में लिया जाएगा जिनके नाम से भूमि व भवन होगा। साथ ही मदरसा शिक्षा परिषद की स्थायी मान्यता होनी चाहिए। मदरसों में छात्र संख्या 100 से कम नहीं होनी चाहिए

नेट-जेआएफ ( NET - JRF ) के लिए ऑनलाइन आवेदन कल से, परीक्षा में हुए कुछ बदलाव देखें क्लिक करके
■ आवेदन प्रकिया पांच मार्च से शुरु होकर पांच अप्रैल तक चलेगी
■ जेआरएएफ के लिए आयु सीमा 28 से बढ़कर की गई 30 साल
■ एग्जाम पैर्टन
सीबीएसइ यूजीसी नेट जुलाई परीक्षा में दो पेपर होगें।
पेपर-1 में 50 सवाल करने होंगे, जिसका एक सवाल दो अंकों का होगा। वहीं, पेपर-2 में 100 सवालों को करना होगा। और एक सवाल दो नंबर का होगा। पेपर-1 हल करने के लिए उम्मीदवारों के पास एक घंटे का समय होगा। वहीं, पेपर-2 को हल करने के लिए उम्मीदवारों को 2 घंटे मिलेंगे।
इलाहाबाद : देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षक भर्ती के लिए अर्हता परीक्षा सीबीएसई की नेट व जेआरएफ के लिए ऑनलाइन आवेदन 5 मार्च से शुरू होंगे। जुलाई में होने वाली परीक्षा के लिए इच्छुक अभ्यर्थी सीबीएसइ नेट की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीबीएसइ ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद से जारी नोटिफिकेशन में परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रकिया 5 मार्च से शुरु होकर 5 अप्रैल तक चलेगी। फीस भरने की आखिरी तारीख 6 अप्रैल है। इस बार परीक्षा का आयोजन 8 जुलाई को इलाहाबाद सहित 91 चयनित शहरों में 84 विषयों में किया जाएगा।
■ ये हुए बदलाव
● जेआरएफ के लिए आयु सीमा बढ़ाई गई है। सीबीएसइ ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप उम्मीदवारों की आयु सीमा को बढ़ा कर 28 साल उम्र सीमा से 30 साल कर दी है।
● ट्रांसजेंडर एवं महिलाओं के आवेदकों के लिए उम्मीदवारों के लिए 5 साल का छूट है।
● नेट परीक्षा के लिए अधिकतम किसी भी आय वर्ग के अभ्यर्थी परीक्षा दे सकते हैं।

महराजगंज : राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा आयोजित आईसीटी प्रतियोगिता के लिए सदर ब्लॉक की दो शिक्षिकाओं का हुआ चयन
शिक्षकों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद- प्रभारी प्राचार्य
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी प्राचार्य मसऊद अख्तर अंसारी ने बताया कि रीना व आरती दोनो प्रतिभाशाली शिक्षिकाएं हैं। उम्मीद है कि आईसीटी प्रतियोगिता में वे अपने प्रस्तुति से जिले को एक बार फिर गौरवान्वित करेंगी।
Saturday, March 3, 2018
Friday, March 2, 2018

सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं कल से, ग्रेडिंग सिस्टम खत्म हो जाने से परीक्षार्थियों को अधिक मेहनत
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■ उच्च शिक्षा : विश्वविद्यालय अधिनियम में होगा संशोधन, राज्यपाल को सौंपी रिपोर्ट
इलाहाबाद : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) की दसवीं और 12वीं की परीक्षाएं पांच मार्च से शुरू हो रही हैं। नगर में बोर्ड से संबद्ध सीबीएसइ के सभी विद्यालयों में परीक्षा की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार से परिषद की दसवीं की कंटीन्यूस एंड कॉम्प्रीहेंसिव इवेलुएशन ग्रेडिंग सिस्टम (गृह परीक्षा) का प्रावधान नहीं रखा गया है। सभी परीक्षार्थियों को मुख्य परिषदीय परीक्षा में शामिल होना होगा।
इंटरमीडिएट की परीक्षा परंपरागत रूप से बोर्ड द्वारा ही संचालित की जाएगी। परीक्षाओं का क्रम 12 अप्रैल तक जारी रहेगा। यूपी बोर्ड के बाद सीबीएसइ ने इस बार परीक्षा शुरू और संपन्न कराने में थोड़ी जल्दी दिखाई है। पिछले साल बोर्ड की 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा नौ मार्च से 10 अप्रैल के मध्य आयोजित की गई थी। कक्षा 12वीं की परीक्षा नौ मार्च से 29 अप्रैल संपन्न करा ली गई थीं। इस बार दसवीं और 12वीं की परीक्षाएं पांच मार्च से 12 अप्रैल के बीच में आयोजित की जाएंगी। कक्षा दस की परीक्षा पांच मार्च से शुरू होगी और चार अप्रैल को समाप्त हो जाएगी, वहीं, 12वीं की परीक्षा पांच मार्च से लेकर 12 अप्रैल तक आयोजित की जाएंगी।
सीबीएसई ने इस साल से 10वीं कक्षा के कंटीन्यूस एंड कॉम्प्रीहेंसिव इवेलुएशन ग्रेडिंग सिस्टम को समाप्त कर दिया है। सत्र 2017-18 की परीक्षाएं अब परंपरागत सालाना परीक्षा व्यवस्था के तहत होगी। हॉली क्रास स्कूल की प्रधानाचार्या समरीन अनवार का कहना है कि ग्रेडिंग सिस्टम खत्म हो जाने से परीक्षार्थियों को अधिक मेहनत करनी पड़ेगी।
Thursday, March 1, 2018

रामपुर : शिक्षक के कपड़े उतरवाने के आरोप की जांच पूरी, डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट
जागरण संवाददाता, रामपुर : खंड शिक्षाधिकारी द्वारा शिक्षक के कपड़े उतरवाने के आरोप की जांच पूरी हो गई है। जांच कमेटी ने अपने निष्कर्ष के साथ जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। आरोप है कि 24 फरवरी को बिलासपुर के खंड शिक्षाधिकारी नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव मुबारकपुर न्याय पंचायत के मिलक माफी स्कूल में निरीक्षण करने गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रजिस्टर का कवर खराब होने पर शिक्षक अमित कुमार त्यागी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। बच्चों के सामने शिक्षक के कपड़े उतरवाकर अपमानित किया। विद्यालय में शौचालय होने के बावजूद उसका प्रयोग नहीं कर विद्यालय प्रांगण में पेशाब कर शिक्षक से हाथ धुलवाए। इस संबंध में शिक्षक और शिक्षक संघों ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी और जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। डीएम ने सीडीओ देवेंद्र सिंह कुशवाहा एवं बीएसए सर्वदानंद की जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने स्कूल पहुंचकर घटना की जांच की। दोनों अधिकारियों ने बच्चों से भी जानकारी की। जांच पड़ताल करने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में शिक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है। रजिस्टर का कवर खराब होने को लेकर ही विवाद की बात सामने आई है। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

रामपुर : शिक्षकों की होली हुई फीकी, नहीं मिला वेतन, संघ ने डीएम से की शिकायत
जागरण संवाददाता, रामपुर : खंड शिक्षाधिकारियों की मनमानी और लेट-लतीफी के चलते शिक्षकों को वेतन समय से नहीं मिल पा रहा है। इस बार शासन के आदेश के बाद भी वेतन व अन्य देयों का भुगतान नहीं होने से शिक्षकों की होली फीकी रह गई। प्राथमिक शिक्षक संघ ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी से कर कार्रवाई की मांग की है। वेतन समेत सभी देयों का समय से भुगतान हो। इसके लिए सरकार द्वारा आनलाइन भुगतान की सुविधा प्रदान की गई है, लेकिन जिनको यह दायित्व सौंपा। वह मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जानबूझकर शासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। छह माह पूर्व मुख्यमंत्री ने दीपावली के पर्व पर शिक्षकों व कर्मचारियों को बोनस का तोहफा दिया। इससे शिक्षक गदगद थे, लेकिन खंड शिक्षाधिकारियों व लेखा कार्यालय की आपसी खींचतान के चलते शिक्षकों को छह माह बीतने के बाद भी बोनस का भुगतान नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं, वर्ष 2015 में तैनात शिक्षकों का एरियर भी अभी तक लटका है। शिक्षक लेखा कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इनकी कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है। पर्व के चलते इस बार शिक्षकों ने होली से पहले वेतन देने की मांग की थी। शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासन ने आदेश भी जारी कर दिया, कि शिक्षकों को 28 फरवरी को जारी कर दिया जाए। इसके चलते बीइओ को चाहिए था कि समय से आय कर की गणना व कटौती के बाद इनपुट लेखा कार्यालय को दे देना चाहिए था, जिससे समय से वेतन मिल जाता, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हो सका। जबकि कई जनपदों में होली से पहले वेतन मिल गया। लेकिन यहां वेतन मिलना तो दूर दीपावली का बोनस मिलना मुश्किल हो रहा है। इससे बेसिक के 3500 से ज्यादा शिक्षकों की होली फीकी रह गई। बीइओ के मनमाने रवैए को लेकर शिक्षकों में रोष है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल व मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने मामले की शिकायत डीएम से कर कार्रवाई की मांग की है।

सीबीएसई : दिव्यांग व बीमार छात्रों को अब बोर्ड परीक्षा में लैपटॉप की छूट, लेनी होगी पूर्व अनुमति
दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले दिव्यांग बच्चोंको अब कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जाएगी। ताकि वह निर्बाध रूप से अपने उत्तर लिख सकें। लेकिन इसके लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन () से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि इसके बीमार या किसी भी रूप में परीक्षा देने में असमर्थ परीक्षार्थियों को एक पंजीकृत चिकित्सक या किसी मनोवैज्ञानिक से एक सर्टीफिकेट जारी कराना होगा। इसमें कुछ ठोस आधार पर कंप्यूटर का इस्तेमाल करने की सिफारिश की गई होगी। परीक्षा समिति ने हाल की एक बैठक में यह फैसला लिया है। इस साल से विशेष जरूरतों वाले परीक्षार्थियों को यह अतिरिक्त रियायत दी जाएगी।
आदेश में कहा गया है कि कंप्यूटर का इस्तेमाल सीमित रूप से केवल सवालों का जवाब देने के लिए किया जा सकता है। बड़े फांट साइज में सवाल को देखने या फिर सवाल को कंप्यूटर पर सुनने की भी इजाजत होगी। संबंधित परीक्षार्थी को परीक्षा में अपना कंप्यूटर या लैपटॉप खुद ही लाना होगा। यह कंप्यूटर परीक्षा के लिए पहले से फार्मेट किया गया होगा।
असमर्थ परीक्षार्थियों को पंजीकृत चिकित्सक या किसी मनोवैज्ञानिक से एक सर्टीफिकेट जारी कराना होगासंबंधित परीक्षार्थी को परीक्षा में अपना कंप्यूटर या लैपटॉप पहले से फार्मेट कराकर लाना होगा नीट में उम्र सीमा तय करनेवाली की अधिसूचनापर हाईकोर्ट की रोक

कोर्ट के आदेश के बावजूद शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने लिया निर्णय, बीएड-टीईटी अभ्यर्थी नहीं मनाएंगे होली
उत्तर प्रदेश बीएड-टीईटी 2011 संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर पिछले 37 दिनों से बेसिक शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने होली न मनाने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मान बहादुर सिंह चंदेल ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें शिक्षक पद पर नियुक्ति देने के लिए तरह-तरह के अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उनकी बात नहीं सुन रही। भाजपा के जिन नेताओं ने कभी संसद में यह मुद्दा उठाया था आज वह भी मिलने का समय नहीं दे रहे। ऐसे में अभ्यर्थी परेशान हैं और उनकी न्याय मिलने की आस भी टूट रही है। प्रदेश भर से जुटे अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर एक हफ्ते में उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया तो अब वह आमरण अनशन शुरू कर देंगे। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों में वीरेंद्र पाल सिंह, राहुल गुप्ता आदि मौजूद हैं।


























