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Monday, February 26, 2018

रामपुर : खंड शिक्षा अधिकारी ने उतरवाए शिक्षक के कपड़े, जिलाधिकारी ने घटना की जांच के लिए बनाई कमेटी



प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी की अफसर की कृत्य की घोर निंदा

जागरण संवाददाता, रामपुर : विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी ने एक शिक्षक के कपड़े उतरवा दिए। शिक्षक ने पूरे मामले की शिकायत डीएम से की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच के लिए कमेटी बना दी है।

मामला बिलासपुर ब्लाक के मुबारकपुर न्याय पंचायत के मिलकमाफी प्राथमिक विद्यालय का है। विद्यालय में तैनात शिक्षक अमित कुमार त्यागी का आरोप है कि 24 फरवरी को एक बजे खंड शिक्षाधिकारी नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव संकुल प्रभारी विजय शर्मा को साथ लेकर निरीक्षण को पहुंचे। निरीक्षण में कोई खास कमी नहीं मिली। पंजिकाओं के कवर पुराने थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर वह झल्ला गए और शिक्षक को खूब खरीखोटी सुनाई। शिक्षक का आरोप है कि उन्होंने बच्चों के सामने ही उसकी पेंट और शर्ट उतरवा कर अपमानित किया। उनके इस व्यवहार से शिक्षक घबरा गया। बात यहीं खत्म नहीं हुई। बीइओ ने स्कूल प्रांगण में पेशाब किया और शिक्षक से हाथ धुलवाए। घटना के बाद से वह अवकाश लेकर घर चला गया। वह सदमे से उभर नहीं पा रहा है। उसने मामले की शिकायत जिला बेसिक शिक्षाधिकारी सर्वदानंद व जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह से कर निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल व जिलामंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता ने उनके द्वारा शिक्षक के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार की निंदा करने के साथ ही निष्पक्ष जांच की मांग डीएम से की है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ और बीएसए की कमेटी बनाते हुए जांच बैठा दी है। खंड शिक्षाधिकारी का कहना है कि उनपर लगाए आरोप निराधार हैं।

फतेहपुर : अब योगाचार्य भी बनेंगे परिषदीय शिक्षक, योग की शिक्षा के लिए शिक्षकों को डायट में ट्रेनिंग देकर किया जाएगा प्रशिक्षित

फतेहपुर : अब योगाचार्य भी बनेंगे परिषदीय शिक्षक, योग की शिक्षा के लिए शिक्षकों को डायट में ट्रेनिंग देकर किया जाएगा प्रशिक्षित।


Sunday, February 25, 2018

बेसिक की पढ़ाई सुधारने के लिए डायट प्रवक्ता ने बनाया अनूठा फार्मूला, खेल-खेल में गढ़ रहे ज्ञान

टीचर आए, कोर्स पूरा कराने की हड़बड़ाहट में रटे रटाए पाठ पढ़ाए और शैक्षिक सत्र पूरा..। किसी से छिपा नहीं है। उच्च से लेकर बेसिक शिक्षा इसी भागमभाग की शिकार है। नतीजा, जिस ज्ञान को लेने बच्चे स्कूल जाते हैं, वही उनमें गायब है। इस दिक्कत को दूर करने के प्रयास तमाम स्तर से हो रहे हैं लेकिन, सरकारी सिस्टम सिर्फ बयानों तक सिमटकर रह जाता है। खैर, इन सब के बीच पढ़ाई के बेपटरी फामरूले में सुधार का एक प्रयास बरेली की डायट प्रवक्ता डॉ. शिवानी यादव ने ईजाद किया है। शिक्षक केंद्रित व्यवस्था बदलकर उन्होंने छात्रों को ज्यादा जिम्मेदार बनाया है। शिक्षकों की भूमिका महज सुगमकर्ता (फैसिलेटर) तक सीमित है। जिले के करीब 30 स्कूलों में यह प्रयोग काफी सफल साबित हुआ है। 1शिवानी का फामरूला : डॉ. शिवानी मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, इंटरनेट, ऑडियो, वीडियो का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा पढ़ाने में करती हैं। खेल-खेल में शिक्षा पर जोर है। छात्रों को ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट वर्क दिया जाता ताकि उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो। वे खुद तैयारी करके उस विषय को समझकर जुड़ें। इस से उन्हें रटने की जरूरत नहीं होती। दिमाग में पूरा चैप्टर बैठ जाता है। 1ऐसे शुरू हुई पहल : जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की प्रवक्ता डॉ. शिवानी यादव ने वर्ष 2012 से पठन-पाठन बदलने पर काम शुरू किया। उन्होंने महसूस किया कि काबिल शिक्षक ही आज छात्रों को बेहतर ढंग से तैयार कर सकते हैं। असल में पढ़ाई में का ढर्रा बदलना होगा। यही सोचकर उन्होंने 2012 से 2017 तक के बीच ट्रेनिंग लेने शिक्षकों के बैच का एक गूगल ग्रुप बनाया। उसमें एक हजार प्रशिक्षु शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके में बदलाव किया। इस ग्रुप के जरिए प्रशिक्षु को मैसेज भेजकर, उसमें शिक्षण के तरीकों पर विमर्श करके सुधार किया गया। शिक्षकों के पढ़ाने के ऑडियो, वीडियो, इंटरनेट, मोबाइल, लैपटॉप, प्रोजेक्टर के जरिए रचनात्मक प्रयोग करके शिक्षा को रोचक बनाया। बाद में इन शिक्षकों को जिले के 30 स्कूलों में नई तकनीक का प्रयोग करने के लिए भेजा गया। ट्रेंड शिक्षक पढ़ाने के दौरान बच्चों का वीडियो शूट करते हैं, जिसे बाद में शिक्षक ग्रुप में भेजा जाता है। अच्छी प्रक्रिया होने पर अन्य शिक्षक भी अपनाते हैं

बाराबंकी : शिक्षक संघ के पदाधिकारियाें ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन, शिक्षक संगठन बोर्ड परीक्षा ड्यूटी का करेंगे बहिष्कार

  इंटरमीडिएट के अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों के दायित्व के प्रति बढ़ती ढिलाई के खिलाफ डीएम को पत्र लिखने का सवाल पूछे जाने के खिलाफ शिक्षक संगठन विरोध में उतर आए हैं। शनिवार को जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुणेंद्र कुमार सिंह मुन्ना के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए पीएन सिंह से मुलाकात की। संगठन ने बीएसए से मांग की कि वह शासन को अवगत कराए कि इस सवाल से शिक्षकों की भावनाएं आहत हुई हैं। जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ऐसा न करने पर संगठन के शिक्षक यूपी बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी का सोमवार से बहिष्कार करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से शिक्षक नेता ऋषि टंडन, धर्मेंद्र वर्मा, देवेंद्र सिंह, छविराम, जयराज सिंह, संतोष शुक्ला, आदित्य प्रताप सिंह शामिल रहे।

माध्यमिक : सरकार की मंशा शिक्षा का स्तर सुधारना, पढ़ाई की निगरानी को लगेंगे CCTV कैमरे : उप मुख्यमंत्री


सरकार की मंशा शिक्षा का स्तर सुधारना, पढ़ाई की निगरानी को लगेंगे CCTV कैमरे : उप मुख्यमंत्री

लखनऊ : सत्यापन में छटे 8 शिक्षक, जनपद से सिर्फ 36 शिक्षक ही चाहते है ट्रांसफर

सत्यापन में छटे 8 शिक्षक, जनपद से सिर्फ 36 शिक्षक ही चाहते है ट्रांसफर


प्रदर्शन को आधार बना प्रवेश पत्र नहीं रोक सकते स्कूल : सीबीएसई ने जारी किया निर्देश


नई दिल्ली  : सीबीएसई ने 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करवाने की लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसके तहत सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए हैं, लेकिन कई स्कूल प्री बोर्ड के प्रदर्शन को आधार बनाकर कई परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र जारी नहीं कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों की इस कार्रवाई को सीबीएसई ने परीक्षा उपनियमों की अवहेलना बताया है। साथ ही सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि स्कूल बोर्ड परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र को नहीं रोक सकते हैं।



सीबीएसई की 10वीं व 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं पांच मार्च से आयोजित होने जा रही हैं। इस बीच सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक ने प्रवेश पत्र जारी करने को लेकर संबद्ध स्कूलों को एक सलाह जारी की है, जिसमें सीबीएसई ने कहा है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूल प्री बोर्ड व अकादमिक प्रदर्शन को आधार बना परीक्षार्थियों का प्रवेश पत्र रोक रहे हैं। जबकि कुछ स्कूल प्रवेश पत्र जारी करने के एवज में फीस वसूल रहे हैं। इस मामले में स्कूलों को सख्ती से परीक्षा उपनियम 15 का पालन सुनिश्चित करना होगा।


इसके तहत किसी भी स्थिति में स्कूल प्रमुख योग्य परीक्षार्थी को परीक्षा में भाग लेने से नहीं रोक सकते हंै। इसके साथ ही सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को स्पष्ट किया है कि सीबीएसई ने उन्हीं परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए हैं, जिनके नाम स्कूलों ने परीक्षार्थियों की अंतिम सूची के आधार पर सीबीएसई को सौंपे थे। इसके अनुसार ये सभी परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा के लिए योग्य हैं। ऐसी स्थिति में प्रायोगिक परीक्षा व प्री बोर्ड को आधार बना कर प्रवेश पत्र नहीं रोका जा सकता है।

हाथरस : पदोन्नति में आरक्षण एवं परिणामी ज्येष्ठता सम्बन्धी मा0 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन हेतु 3 दिन में आवश्यक सूचनाएँ उपलब्ध कराने का बीएसए का आदेश जारी, देखें

हाथरस : पदोन्नति में आरक्षण एवं परिणामी ज्येष्ठता सम्बन्धी मा0 सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन हेतु 3 दिन में  आवश्यक सूचनाएँ उपलब्ध कराने का बीएसए का आदेश जारी, देखें

माध्यमिक : 12 शिक्षकों की सेवा समाप्त, धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज


12 शिक्षकों की सेवा समाप्त, धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज

यूपी बोर्ड अंक-सह प्रमाणपत्र का अब बदल जाएगा स्वरूप, नए प्रमाणपत्र पर अंतिम मुहर जल्द

इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की 2018 परीक्षा समापन की ओर बढ़ रही है। ऐसे में परीक्षा परिणाम और प्रमाणपत्र देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बोर्ड प्रशासन इस बार अंक-सह प्रमाणपत्र के स्वरूप में कुछ बदलाव करने जा रहा है। अफसरों ने इसके लिए एजेंसियों से संपर्क साधा है। नए प्रमाणपत्र पर अंतिम मुहर जल्द लगने के आसार हैं।



माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को पहले अंक व प्रमाणपत्र अलग-अलग वितरित करता रहा है। कुछ वर्षो से दोनों को एक करके उसका नामकरण अंक-सह प्रमाणपत्र कर दिया गया है। बोर्ड ने इसमें फर्जीवाड़ा रोकने के लिए प्रमाणपत्र के कागज के भीतरी व प्रमाणपत्र पर विशेष सिक्योरिटी फीचर्स डाल रखे हैं। उन्हें आगे भी बरकरार रखने पर सहमति बनी है। तैयारी है कि प्रमाणपत्र का आकार इस बार कुछ बढ़ाया जाएगा और कागज की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इसके लिए चुनिंदा एजेंसियों से संपर्क साधा गया है। प्रमाणपत्र में होने वाले अंकन व निर्देशों में भी आंशिक बदलाव संभावित है।



प्रदेश सरकार ने माध्यमिक कालेजों का शैक्षिक पिछले कुछ वर्षो में जुलाई से हटाकर अप्रैल से मार्च तक कर दिया है। हालांकि मौजूदा सत्र में विधानसभा चुनाव के कारण सत्र को फिर से जुलाई से शुरू करना पड़ा था लेकिन, अब यह तय हो गया है कि आगे से इसमें बदलाव नहीं होगा, सत्र अप्रैल से मार्च तक ही चलेगा। इसीलिए इस बार परीक्षाएं तय कार्यक्रम से काफी पहले शुरू की गईं और यह प्रयोग कारगर भी रहा है। ऐसे में प्रमाणपत्र पर शैक्षिक सत्र का भी बदलाव किया जाएगा। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि हर कार्य में बेहतरी के प्रयास किए जा रहे हैं। उसी के तहत अंक-सह प्रमाणपत्र में भी कुछ बदलाव होना जरूरी है। उसी के तहत मंथन चल रहा है। जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

महराजगंज : विद्यालय में बच्चों को योग सिखाने के लिए 250 शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, पांच बैच में प्रशिक्षण कराने की है तैयारी

महराजगंज : परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए उन्हें योग सिखाया जाएगा। बच्चों को योग सिखाने के लिए जिले के 250 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत शिक्षक संबंधित विद्यालयों के बच्चों को योग सिखाएंगे। योग को मन, मस्तिष्क व शरीर को शुद्ध करने का माध्यम माना जाता है। परिषदीय स्कूल के छात्र-छात्राओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा 250 शिक्षकों को प्रशिक्षित किए जाने का निर्णय लिया गया है। 50 की संख्या में शिक्षक पांच बैच के माध्यम से प्रशिक्षित किए जाने है। सोच है कि जब शिक्षक योग के बारे में प्रशिक्षित होंगे तो वह अपने विद्यालय के बच्चों को भी योग सिखा सकेंगे। योग सीख कर जहां बच्चे स्वयं को चुस्त-दुरूस्त व स्वस्थ रख सकेंगे वहीं उनकी गतिविधियां अन्य के लिए भी प्रेरणादायी सिद्ध होंगी। संस्थान ने होली के बाद यह प्रशिक्षण प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। प्रशिक्षण देने के लिए शीतल मिश्र व सत्यप्रकाश को प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है।

 चार दिन तक प्रशिक्षित होगा एक बैच : 
 योग प्रशिक्षण की जानकारी देते हुए रामजी ने बताया कि प्रत्येक बैच को चार दिन का प्रशिक्षण दिया जाना है। पांच बैच को प्रशिक्षित किए जाने में कुल 20 दिन का समय लगेगा। जब शिक्षक प्रशिक्षित होंगे तो वह स्वयं के विद्यालय के साथ-साथ आसपास के विद्यालयों में भी बच्चों को प्रशिक्षित कर सकेंगे।


महराजगंज : विद्याज्ञान प्रवेश परीक्षा में सफल 54 परीक्षार्थियों को 25 फरवरी को गीडा में आनलाइन ही देनी होगी मुख्य परीक्षा

महराजगंज : जिले के गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से कराई गई विद्याज्ञान की प्रवेश परीक्षा में जिले के कुल 54 परीक्षार्थी सफल हुए हैं। सफल परीक्षाíथयों में 28 बालक व 26 बालिकाएं हैं। सफल परीक्षाíथयों को 25 फरवरी को गीडा में मुख्य परीक्षा देनी होगी। ग्रामीण क्षेत्र में धन के अभाव में गरीब परिवार के लोग अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दिला पाते। ऐसे परिवार के मेधावी बच्चों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार व शिवनगर फाउंडेशन द्वारा विद्याज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिले से कक्षा पांच में अध्ययनरत राजकीय प्राथमिक, सहायता प्राप्त तथा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय के 1998 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था तथा लगभग 1000 ने परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम घोषित हुआ तो जिले में 54 परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए। सफल परीक्षाíथयों में लक्ष्मीपुर ब्लाक के 21, पनियरा ब्लाक के 14, सदर के सात, घुघली के पांच, मिठौरा के दो तथा अन्य ब्लाकों के एक-एक परीक्षार्थी हैं। सफल परीक्षाíथयों की परीक्षा 25 फरवरी को बुद्धा इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी, सेक्टर सात गीडा में होगी। परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष में सुबह 10 बजे पहुंचेंगे। 10 बजे से 11 बजे तक उन्हें पंजीकरण करना होगा। सुबह 11 बजे से अपरान्ह सवा तीन बजे तक परीक्षा होगी।

आनलाइन होगी मुख्य परीक्षा : डीसी
       छातजिला समन्वयक सहभागिता केडी मिश्र ने कहा कि सफल परीक्षाíथयों की मुख्य परीक्षा आनलाइन होगी। सफल परीक्षाíथयों को परीक्षा के दौरान पिता व स्वयं के अभिलेख की आवश्यकता होगी, जिसके बारे में संबंधित बीआरसी अथवा बीएसए कार्यालय से संपर्क कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।


Saturday, February 24, 2018

शाहजहाँपुर : ज्ञापन में उल्लिखित लंबित शिक्षक समस्याओं का बिंदुवार निस्तारण करते हुए बीएसए ने धरना प्रदर्शन स्थगित करने हेतु लिखा पत्र, देखें

शाहजहाँपुर : ज्ञापन में उल्लिखित लंबित शिक्षक समस्याओं का बिंदुवार निस्तारण करते हुए बीएसए ने धरना प्रदर्शन  स्थगित करने हेतु लिखा पत्र, देखें

फतेहपुर : जिले की तेरह असेवित बस्तियों में बनेंगे प्राथमिक स्कूल, स्कूल निर्माण के लिए तैयार हो रहा प्रस्ताव

फतेहपुर : जिले की तेरह असेवित बस्तियों में बनेंगे प्राथमिक स्कूल, स्कूल निर्माण के लिए तैयार हो रहा प्रस्ताव।


भदोही : 16448 परिषदीय शिक्षक भर्ती में रिक्त पद के सापेक्ष चयन/नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें


16448 परिषदीय शिक्षक भर्ती में रिक्त पद के सापेक्ष चयन/नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें


सीमैट में 6 दिवसीय BEO प्रशिक्षण शुरू, प्रदेश भर के BEO को विभिन्न बैच में दी जाएगी ट्रेनिंग, SSA के तहत विशेषज्ञ दे रहे है प्रशिक्षण, शिक्षा की नयी तकनीकों और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के लिए शुरू हुआ प्रशिक्षण


सीमैट में  6 दिवसीय BEO प्रशिक्षण शुरू, प्रदेश भर के BEO को विभिन्न बैच में दी जाएगी ट्रेनिंग, सर्वशिक्षा अभियान के तहत विशेषज्ञ दे रहे है प्रशिक्षण, शिक्षा की नयी तकनीकों और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के लिए शुरू हुआ प्रशिक्षण



टीजीटी के संशोधित चयन परिणाम में अभ्यर्थियों को बाहर करने पर रोक, चयनित अभ्यर्थियों को गैर विज्ञापित पदों या आगे आने वाली भर्तियों के पदों पर नियुक्ति देने का आदेश

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी टीजीटी कला संस्कृत और बायोलॉजी के संशोधित चयन परिणाम में अभ्यर्थियों को बाहर करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इन अभ्यर्थियों को फिर से चयन सूची में शामिल करने और संशोधित परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को गैर विज्ञापित पदों या आगे आने वाली भर्तियों के पदों पर नियुक्ति देने का आदेश दिया है। 



यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने इस मामले को लेकर दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है। कला शिक्षकों की ओर से ओम प्रकाश यादव व अन्य बायोलॉजी के शिक्षकों विनोद कुमार चौधरी व अन्य तथा संस्कृत के संतोष कुमार तिवारी व अन्य की याचिकाएं दाखिल हुई थीं। याचीगण के अधिवक्ता के अनुसार कला के लिए 2009 जबकि संस्कृत और बायोलॉजी के लिए 2010 में विज्ञापन जारी हुआ था। 2012 में अंतिम चयन परिणाम घोषित किया गया। 



जिसे हाईकोर्ट में गलत प्रश्नों के आधार पर चुनौती दी गई। एकल न्यायपीठ ने चयन परिणाम रद करते हुए विशेषज्ञों की राय लेकर संशोधित परिणाम घोषित करने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुपालन में 2014 में संशोधित परिणाम घोषित किया गया।


एटा : 40 परिषदीय विद्यालय बनेंगे मॉडल स्कूल, ब्लॉकवार विद्यालयों की सूची देखें

40 परिषदीय विद्यालय बनेंगे मॉडल स्कूल, ब्लॉकवार विद्यालयों की सूची देखें


टीजीटी कला, संस्कृत और बायोलॉजी चयन का मामला, संशोधित परिणाम में बाहर हुए अभ्यर्थियों को राहत


टीजीटी कला, संस्कृत और बायोलॉजी चयन का मामला, संशोधित परिणाम में बाहर हुए अभ्यर्थियों को राहत

यूपी बोर्ड: नकल के कुख्यात जिले अब भी बने चुनौती, गलत पेपर खुलने के मामले बढ़े, प्रशासनिक अफसर अंकुश लगाने में नाकामयाब

इलाहाबाद : यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले जौनपुर में प्रिटिंग प्रेस पकड़ी गई, पहले दिन ही इलाहाबाद में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की। बलिया में कुछ परीक्षा केंद्रों पर बाहर से नकल कराने वाले खिड़कियों तक पहुंचे। वहीं, अलीगढ़ में पूर्व दारोगा अपने बेटे की उत्तर पुस्तिका खेत में लिखते सामने आया है। यह सारे जिले पिछले वर्षो में नकल कराने के लिए कुख्यात रहे हैं और इस बार तमाम सख्ती के बाद भी नकल कराने का कोई मौका छोड़ नहीं रहे हैं। 



परीक्षाओं को चुनिंदा जिले ही दागदार कर रहे हैं। उन पर प्रशासनिक अफसर अंकुश लगाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। इन्हीं घटनाओं की वजह से समूची परीक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड प्रशासन ने पिछले दिनों चंदौली जिले में दो विषयों विषयों व अन्य कई जिलों में नकल की सूचना मिलने पर कड़ी कार्रवाई की है। इसके बाद भी घटनाएं थम नहीं रही हैं। इसकी एक अहम वजह स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की अनदेखी हैं। यही नहीं अब भी बोर्ड मुख्यालय को जिलों से नकल होने की रिपोर्ट आ रही हैं। उन केंद्रों की परीक्षा निरस्त करने की तेजी से की जा रही है। 



■ गलत पेपर खुलने के मामले बढ़े : बोर्ड परीक्षा में इस बार गलत पेपर खुलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षक ने हड़बड़ी में समय से पहले ही पेपर खोल दिए। इसलिए तमाम जिलों में या तो परीक्षा निरस्त करनी पड़ी है या जिन जिलों से समय पर सूचना मिली, वहां दूसरा पेपर भेजा गया है। यह इसलिए संभव हो सका क्योंकि सीसीटीवी कैमरे से निगरानी हो रही थी। पिछले वर्षो में ऐसी घटनाएं स्थानीय स्तर पर दब जाती रही हैं। मथुरा व कई अन्य जिलों में दूसरे दिन कैमरे के कारण ही गलत पेपर ओपनिंग की पुष्टि हो पाई।



इलाहाबाद : परीक्षा में अपना रिकार्ड ठीक रखने के लिए विभागीय अफसर अब खानापूर्ति करने में जुटे हैं। परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण भी उदासीन भाव से किया जा रहा है। उड़ाका दल रोजना दावा कर रहा है कि परीक्षा नकल विहीन हो रही है। जबकि दूरस्थ एवं तमाम संवेदनशील केंद्रों पर सचल दस्ता पहुंचा नहीं। अफसर अब यहां दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि परीक्षा नकल विहीन हो रही है। 




प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के क्रम में शुक्रवार को सुबह की पाली में इंटर की कंप्यूटर द्वितीय प्रश्नपत्र एवं पाकशास्त्र, खाद्य संरक्षण और नर्सरी प्रशिक्षण आदि व्यवसायिक विषयों की परीक्षाएं हुईं। दूसरी पाली में भूगोल प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा हुई। जनपद के निर्धारित सेंटरों पर आयोजित इस परीक्षा में कोई भी परीक्षार्थी नहीं पकड़ा गया। सुबह की पाली में कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 976 रही। अनुपस्थित परीक्षार्थियों की संख्या 51 रही।केपी इण्टर कालेज में भूगोल की परीक्षा देते छात्र।



यूपी बोर्ड परीक्षा में इम्तिहान छोड़ने का सिलसिला अभी जारी है। पंद्रहवें दिन भी 103 और परीक्षार्थियों ने इम्तिहान से किनारा कर लिया है, जबकि प्रदेश भर में 42 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए हैं। दो परीक्षार्थियों पर एफआइआर दर्ज कराई गई है। इनमें प्रतापगढ़ व कौशांबी जिले का एक-एक परीक्षार्थी शामिल है। शुक्रवार को इंटरमीडिएट में भूगोल प्रथम प्रश्नपत्र, कंप्यूटर द्वितीय प्रश्नपत्र व व्यावसायिक शिक्षा वर्ग के विषयों की परीक्षा पहली व दूसरी पाली में हुई। इसमें प्रदेश भर में इंटरमीडिएट में 39 बालक व तीन बालिका सहित कुल 42 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए हैं। ऐसे में अब तक इंटर में 310 बालक, 97 बालिकाओं सहित कुल 919 परीक्षार्थी पकड़े जा चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष पंद्रह दिनों की परीक्षा में पकड़े गए परीक्षार्थियों के लिहाज से आधे से भी कम है। 

राज्य पोषण मिशन के सर्वे में हुआ खुलासा, 6 जिले में 50 फीसदी से अधिक बच्चे कुपोषित, आजमगढ़ में सर्वाधिक


राज्य पोषण मिशन के सर्वे में हुआ खुलासा, 6 जिले में 50 फीसदी से अधिक बच्चे कुपोषित, आजमगढ़ में सर्वाधिक

महराजगंज : परित्यक्त और जर्जर विद्यालय भवन से है नौनिहालों की जान का खतरा, मामला संज्ञान में होने के बावजूद अधिकारी गंभीर नहीं

महराजगंज : सरकार परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट विद्यालयों की तर्ज पर माडल स्कूल बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर रही है। वहीं कुछ ऐसे भी विद्यालय हैं, जिनमें धन खर्च होने के बाद भी छात्रों को तमाम मुसीबतों से दो चार होना पड़ रहा। हम बात कर रहे हैं नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम सभा मंगलापुर टोला मोहनापुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय की। चाहरदिवारी विहीन इस विद्यालय परिसर में वर्षो से जर्जर पड़ा भवन कभी भी ध्वस्त हो सकता है। बावजूद इसके लोगों की शिकायत के बावजूद विभागीय उच्चाधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इस बात से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। नौतनवा विकास खंड के ग्राम मंगलापुर के मोहनापुर टोले पर स्थित प्राथमिक विद्यालय का पुराना भवन जर्जर हो चुका है। कई दशक पूर्व बने इस भवन को विभाग परित्यक्त घोषित कर चुका है। फिर भी अब तक इसे हटाया नहीं गया। जर्जर भवन की लटक रही छत व दीवारों को देखकर बगल की सड़क से गुजरने वाले लोग सहम जाते हैं। बावजूद इसके पढ़ने के लिए हर दिन सैकड़ों की संख्या में बच्चों का इसी भवन से होकर परिसर में आना-जाना लगा रहता है। हालांकि छात्र- छात्राओं के पठन-पाठन का कार्य परिसर में ही बने दूसरे भवन में चलता है। फिर भी भोजनावकाश व शिक्षकों की गैर मौजूदगी में बहुत से छात्र खेलते-कूदते जर्जर भवन के नीचे पहुंच जाते हैं, जो उनके लिए कभी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यही नहीं नव निर्मित भवन तक पहुंचने के लिए दूसरा रास्ता न होने के कारण हर रोज स्कूली बच्चों को जर्जर भवन के बीच सकरे रास्ते से होकर गुजरना एक मजबूरी बन गया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिवकांत गुप्ता सहित तमाम अभिभावकों ने जर्जर भवन के बारे में शिक्षा विभाग सहित तहसील प्रशासन को भी अवगत कराया, लेकिन किसी ने समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
         जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने कहा कि जिले भर के जर्जर विद्यालयों की सूची खंड शिक्षा अधिकारियों से मंगवाई जा रही है। इसकी रिपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।


Friday, February 23, 2018

फतेहपुर : समस्त विद्यालयों में कक्षा 1-8 तक के छात्र-छात्राओं का आधार नामांकन कार्य पूर्ण कराये जाने के सम्बंध में बीएसए का आदेश, देखें



फतेहपुर : समस्त विद्यालयों में कक्षा 1-8 तक के छात्र-छात्राओं का आधार नामांकन कार्य पूर्ण कराये जाने के सम्बंध में बीएसए का आदेश, देखें

महोबा : विकलांग शिक्षकों को विकलांगता प्रमाण पत्र सहित मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने सम्बन्धी बीएसए का आदेश जारी, सम्बन्धित शिक्षकों की सूची सह आदेश देखें

महोबा : विकलांग शिक्षकों को विकलांगता प्रमाण पत्र सहित मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने सम्बन्धी बीएसए का आदेश जारी, सम्बन्धित शिक्षकों की सूची सह आदेश देखें


फतेहपुर : विकलांग शिक्षकों को विकलांगता प्रमाण पत्र सहित मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने सम्बन्धी बीएसए का आदेश जारी, सम्बन्धित शिक्षकों की सूची सह आदेश देखें

फतेहपुर : विकलांग शिक्षकों को विकलांगता प्रमाण पत्र सहित मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने सम्बन्धी बीएसए का आदेश जारी, सम्बन्धित शिक्षकों की सूची सह आदेश देखें


औरैया : परिषदीय शिक्षकों द्वारा बीएलओ/पदाभिहित/सुपरवाइजर/प्लस पोलियो आदि राष्ट्रीय कार्यक्रम में अवकाश के दिन कार्य करने पर नियमानुसार प्रतिकर अवकाश स्वीकृत किये जाने हेतु बीएसए का आदेश जारी, देखें

औरैया : परिषदीय शिक्षकों द्वारा बीएलओ/पदाभिहित/सुपरवाइजर/प्लस पोलियो आदि राष्ट्रीय कार्यक्रम में अवकाश के दिन कार्य करने पर नियमानुसार प्रतिकर अवकाश स्वीकृत किये जाने हेतु बीएसए का आदेश जारी, देखें

हाथरस : पदोन्नति में आरक्षण एवं परिणामी ज्येष्ठता का लाभ प्राप्त प्र0अ0 उच्च प्राथमिक विद्यालय को पदावनत करने सम्बन्धी पूर्व निर्गत आदेश के अनुपालन की वस्तुस्थिति/सूचना उपलब्ध कराने सम्बन्धी बीएसए का आदेश जारी, देखें

हाथरस : पदोन्नति में आरक्षण एवं परिणामी ज्येष्ठता का लाभ प्राप्त प्र0अ0 उच्च प्राथमिक विद्यालय को पदावनत करने सम्बन्धी पूर्व निर्गत आदेश के अनुपालन की वस्तुस्थिति/सूचना उपलब्ध कराने सम्बन्धी बीएसए का आदेश जारी, देखें

सिद्धार्थनगर : खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध शिक्षामित्र दे रहे थे धरना, अचानक बिगड़ी तबीयत मेडिकल कालेज रेफर

बुधवार से ही बीएसए कार्यालय में धरना दे रहे शिक्षा मित्र विजय कुमार गुप्ता की गुरुवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से उनको इलाज के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया है। परिजन व संगठन के लोग उनको लेकर गोरखपुर जा रहे हैं। वह जोगिया ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय निपनिया में तैनात हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ वह आमरण अनशन पर बैठे थे।

खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यालय न खोलकर आवास से ही कार्यों का संपादन करने, अनुचर से व्यक्तिगत वाहन को चलवाने, नजदीक के विद्यालय में अध्यापकों की संख्या अधिक होने के बाद भी प्राथमिक विद्यालय नगरा न्याय पंचायत देवरा बाजार की एक सहायक अध्यापिका को प्राथमिक विद्यालय कान्हें कुसुम का चार्ज देने, समायोजित रहे शिक्षा मित्रों का अकारण मानदेय रोकने, सांसद, विधायक को शिकायती पत्र देने के बाद भी कार्रवाई न होने आदि से क्षुब्ध होकर वह अनशन पर बैठे थे। समर्थन में पहुंचे विधायक शोहरतगढ़ चौधरी अमर सिंह के हस्तक्षेप से मामला निपट गया था, और वह अनशन तोड़ने पर राजी हो गए थे। विधायक ने जैसे ही जूस का गिलास उनके मुंह से लगाया, वह चक्कर खाकर गिर पड़े और बेहोश हो गए। वहां मौजूद संगठन के लोग उनको इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए और परिजनों को इसकी सूचना दी। गोरखपुर रेफर कर दिए जाने पर अभी वाहन आदि का इंतजाम कर ही रहे थे, कि परिजन भी मौके पर पहुंच चुके थे। संगठन के जिलाध्यक्ष हेमंत शुक्ला ने दूरभाष पर बताया कि हम साथ ही है। उनको लेकर गोरखपुर जा रहे हैं। यदि बीईओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन द्वारा बीएसए कार्यालय का घेराव किया जाएगा।’

विधायक के हस्तक्षेप से टूटा गतिरोध, पर बिगड़ी तबीयतजिला चिकित्सालय से गोरखपुर मेडिकल कालेज हुआ रेफर

अगले वर्ष पूरे प्रदेश में परीक्षा की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरों को इंटरनेट और वॉइस रिकॉर्डर से जोड़ने की योजना

अगले वर्ष पूरे प्रदेश में परीक्षा की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरों को इंटरनेट और वॉइस रिकॉर्डर से जोड़ने की योजना।

माध्यमिक शिक्षा : रिटायर शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब, शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अगली सुनवाई 7 मार्च को

माध्यमिक शिक्षा : रिटायर शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब, शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अगली सुनवाई 7 मार्च को ।


बलरामपुर : दो शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी अंकपत्रो के सहारे कर रही थी नौकरी, सत्यापन में फर्जी पाए गये प्रमाणपत्र, बीएसए ने की कार्रवाई

बलरामपुर : दो शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त, फर्जी अंकपत्रो के सहारे कर रही थी नौकरी, सत्यापन में फर्जी पाए गये प्रमाणपत्र, बीएसए ने की कार्रवाई

लखनऊ : बोर्ड परीक्षा : पेपर लीक होने के कारण अब 10 मार्च को दोबारा होगी हाईस्कूल विज्ञान की परीक्षा, दोबारा परीक्षा से विद्यार्थी नाखुश


पेपर लीक होने के कारण अब 10 मार्च को दोबारा होगी हाईस्कूल विज्ञान की परीक्षा, दोबारा परीक्षा से विद्यार्थी नाखुश

सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षार्थियों को दिया निर्देश, एडमिट कार्ड में गलती तो हो जाएंगे परीक्षा से बाहर


सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षार्थियों को दिया निर्देश, एडमिट कार्ड में गलती तो हो जाएंगे परीक्षा से बाहर



लविवि ने 20 बीएड कॉलेजों को भेजा नोटिस, मानक पूरे न किए तो सत्र 2018-19 में दाखिले पर लगेगी रोक

संबद्धता के मानक पूरा करने के लिए बीएड कॉलेजों को भेजा गया नोटिस,

लखनऊ विश्वविद्यालय (लविवि) ने संबद्धता के मानक पूरे न करने पर 20 बीएड कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया। गुरुवार को इन बीएड कॉलेजों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी गई है कि अगर वह जल्द मानकों को पूरा नहीं करेंगे तो उनके कॉलेज में नए सत्र 2018-19 में दाखिले पर रोक लगाई जाएगी। कॉलेजों को 31 मार्च तक अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। 1लविवि के रजिस्ट्रार प्रो. आरके सिंह की ओर से बीएड कॉलेजों को नोटिस भेजा गया है। प्रो. सिंह ने बताया कि इन कॉलेजों को पहले भी नोटिस जारी कर सूचनाएं मांगी गईं थी लेकिन इन्होंने जानकारी नहीं दी। ऐसे में अब इन्हें अंतिम मौका दिया जा रहा है। इसके बाद भी जानकारी न दी गई तो कार्रवाई होगी। जिन बीएड कॉलेजों को नोटिस जारी की गई है उनमें सत्यानन्द उच्च शिक्षा संस्थान, सरोजनीनगर, डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ एजुकेशन दुबग्गा, एचएलवाई डिग्री कॉलेज मोहनलालगंज, इरम डिग्री कॉलेज राजाजीपुरम, सुरजन देवी अनुसुइया देवी डिग्री कॉलेज गंगागंज, बासुदेव डिग्री कॉलेज इन्दिरानगर, स्वतंत्र गल्र्स डिग्री कॉलेज आलमबाग, एकेजी कॉलेज बीकेटी, मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन बिजनौर, जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन बीकेटी, अकबरी बेगम कॉलेज ऑफ एजुकेशन, यशराज इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, अमृतानन्दमयी कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन मोहनलालगंज, शेखर कॉलेज ऑफ एजुकेशन बंथरा, सिटी वूमेन कॉलेज, सिटी गल्र्स कॉलेज, श्री कृष्ण दत्त एकेडमी, सिटी कॉलेज, इरम कॉलेज गुडंबा, गया प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन एक्सीलेंस मलिहाबाद शामिल हैं।

यूपी बोर्ड : हाईस्कूल परीक्षा खत्म, 14 दिन चली परीक्षा, 12 दिन तक परीक्षार्थी छोड़ते रहे इम्तिहान

 इलाहाबाद : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा गुरुवार को खत्म हो गई है। योगी सरकार की सख्ती के कारण इस बार परीक्षा में कई नायाब रिकॉर्ड बने हैं। यह परीक्षा 14 दिन तक चली और पहली बार 12 दिन तक परीक्षा छोड़ने वालों का तांता लगा रहा, यही नहीं अंतिम दिन भी 1126 परीक्षार्थियों ने इम्तिहान से किनारा किया है। जितने परीक्षार्थियों ने केवल हाईस्कूल का इम्तिहान छोड़ा है, उतने परीक्षार्थी पिछले वर्षो की पूरी परीक्षा यानि हाईस्कूल व इंटर में मिलाकर इम्तिहान छोड़ते आए हैं। 



माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा 2018 बीते छह फरवरी को एक साथ शुरू हुईं। नकल पर प्रभावी अंकुश लगने के कारण पहले दिन ही बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने किनारा कर लिया। ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले दिन से परीक्षा छोड़ने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह अंतिम दिन तक बरकरार रहा। ज्ञात हो कि पिछले वर्षो में परीक्षा शुरू होने के सप्ताह भर तक परीक्षार्थी भागते रहे हैं, उसके बाद उपस्थिति स्थिर हो जाती रही है। इस बार हाईस्कूल की परीक्षा में देश की अन्य भाषाओं व कंप्यूटर परीक्षा में ही किसी ने परीक्षा नहीं छोड़ी, बाकी हर दिन ‘तू चल मैं आता हूं’ की कहावत दोहराई जाती रही। बोर्ड प्रशासन, शैक्षिक व प्रशासनिक अफसरों ने इसकी परवाह किए बगैर परीक्षा में नकल रोकने को मुस्तैद रहे। 




 इलाहाबाद : यूपी बोर्ड परीक्षा में इम्तिहान छोड़ने का सिलसिला अभी जारी है। चौदहवें दिन भी 1238 और परीक्षार्थियों ने इम्तिहान से किनारा कर लिया है, जबकि प्रदेश भर में 23 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए हैं। दो परीक्षार्थियों पर एफआइआर दर्ज कराई गई है। इनमें मथुरा व गोरखपुर जिले का एक-एक परीक्षार्थी शामिल है।



बोर्ड परीक्षा में गुरुवार को हाईस्कूल में संस्कृत की परीक्षा के साथ इम्तिहान पूरा हो गया है। वहीं इंटर में उर्दू प्रथम प्रश्नपत्र, रसायन विज्ञान और व्यापारिक संगठन व पत्र व्यवहार के द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा पहली व दूसरी पाली में हुई। इसमें प्रदेश भर में हाईस्कूल में छह बालक व एक बालिका और इंटर में 12 बालक व चार बालिका सहित कुल 23 परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए हैं। ऐसे में अब तक हाईस्कूल में 378 बालक, 134 बालिका और इंटर में 271 बालक, 94 बालिकाओं सहित कुल 877 परीक्षार्थी पकड़े जा चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष चौदह दिनों की परीक्षा में पकड़े गए परीक्षार्थियों के लिहाज से आधे से भी कम है। 



वहीं, गुरुवार को तक दो परीक्षार्थियों के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। अब तक कुल 84 पर एफआइआर दर्ज हुई है। गुरुवार को हाईस्कूल में 1126 व इंटरमीडिएट में 109 और परीक्षार्थियों ने इम्तिहान छोड़ा है। अब तक हाईस्कूल में छह लाख 31 हजार 61 व इंटर में चार लाख 31 हजार 499 सहित कुल 10 लाख 62 हजार 560 परीक्षार्थी किनारा कर चुके हैं। यह बोर्ड परीक्षाओं के इतिहास में इम्तिहान छोड़ने की यह सबसे अधिक संख्या है।